
यह कहानी है एक IIT ग्रेजुएट की, जिसने एक्टिंग के अपने जुनून को पूरा करने के लिए IIT खड़गपुर से पढाई के बाद मोटी तनख्वाह वाली अपनी नौकरी तक को कुर्बान कर दिया। संघर्ष में उसे तमाम तरह की दुश्वारियां आईं, पेट भरने के लिए ट्यूशन भी पढ़ाना पड़ा। खूब धक्के खाए, लेकिन हौसला न छोड़ा। आखिरकार जब यह सितारा पर्दे पर आया, तो सबका चहेता बन गया। आज ओटीटी पर वह सबसे ज़्यादा लोकप्रिय और सबसे ज़्यादा पैसे पाने वाला अभिनेता है।
जी हां, हम बात कर रहे हैं जितेंद्र कुमार की। पंचायत जैसी हिट सीरीज में ‘अभिषेक त्रिपाणी’ या ‘सचिव जी’ के नाम से मशहूर हो चुके स्टार जितेंद्र कुमार की। 1 सितंबर 1990 को राजस्थान के एक छोटे से गांव खैरथल में जन्में जितेंद्र कुमार को शाहरुख खान, नाना पाटेकर और अमिताभ बच्चन की नकल करने का शौक था। माध्यमिक शिक्षा पूरी करने के बाद उनके पिता ने उन्हें आईआईटी की तैयारी के लिए कोटा भेज दिया। पढ़ाई में बहुत होशियार रहे, तो पेपर पास कर लिया और आईआईटी खड़गपुर में दाखिला ले लिया।
आईआईटी खड़गपुर में इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान, जितेंद्र कुमार का एक्टिंग की तरफ प्यार बढ़ता चला गया। इसी दौरान कॉलेज थिएटर में उन्होंने हिस्सा लेना शुरू कर दिया। यह पहली बार था जब उन्हें उचित मंच, लाइट्स, स्क्रिप्ट और बाकी सभी चीज़ों का सामना करना पड़ा।
साल 2012 में स्नातक होने के बाद, वह एक एक्टर के रूप में टीवीएफ में शामिल हो गए, हालांकि, चीजें उनके लिए काम नहीं कर रही थीं। इसके बाद उन्होंने अपने जीवन की सबसे कठिन चुनौतियों में से एक को स्वीकार किया और बेंगलुरु में एक जापानी मल्टी नेशनल कंपनी में शामिल होने के लिए टीवीएफ छोड़ने का फैसला किया।हालांकि, चीजों ने तब यू-टर्न ले लिया जब टीवीएफ ने ‘मुन्ना जज़्बाती’ नामक एक कॉमेडी स्केच जारी किया, जिसमें जितेंद्र एक अति-भावनात्मक इंटर्न की भूमिका निभाते हैं और कुछ ही समय में, वीडियो वायरल हो गया।
मोटी तनख्वाह वाली नौकरी को ज्वाइन किए हुए, उन्हें करीब 8 महीने ही बीते थे कि उन्होंने मुंबई में जाने का फैसला किया। जितेंद्र कहते हैं, “मैं सिविल इंजीनियर परिवार से आता हूं। मेरे परिवार वाले मेरे लिए कुछ और चाहते थे। इसलिए वे इस बात से नाखुश थे कि मैं IIT के बाद एक्टिंग में हाथ आजमाने के लिए अच्छी-खासी नौकरी छोड़ रहा हूँ। मेरे पिता और मेरे बीच कुछ दिनों तक बहस भी हुई।” मगर जितेंद्र कुमार को एक्टिंग से इतना प्यार था कि वह अपने सपनों से समझौता करने को तैयार नहीं थे।
ऐसे में उनके माता-पिता ने एक शर्त रखी कि वे कुछ सालों तक उनकी आर्थिक मदद करेंगे जब तक कि वह अपनी पहचान नहीं बना लेते। उन्होंने कहा कि अगर वह अपनी पहचान बनाने में फेल हो गए तो उन्हें एक्टिंग छोड़कर नौकरी करनी पड़ेगी। लेकिन जितेंद्र इस पेशे के स्ट्रगल को समझते थे। इसलिए उन्होंने अपने माता-पिता को पैसे भेजने से मना कर दिया और कहा कि वह खुद ही पैसों का इंतजाम कर लेंगे।
बहरहाल, नौकरी छोड़ जितेंद्र जब मुंबई पहुंचे तो असली स्ट्रगल शुरु हुआ। दो वक्त की रोटी और गुजारे के लिए उन्होंने एक कोचिंग सेंटर में आईआईटी स्टूडेंट्स को पढ़ाना शुरु किया। वह कहते हैं, “मुंबई में अपने शुरुआती दिनों के दौरान, मैंने थोड़े-बहुत पैसे कमाने के लिए कोचिंग इंस्टिट्यूट में फिजिक्स की क्लासेस लीं और छात्रों को जेईई परीक्षाओं के लिए तैयार किया। मैं खुद पढ़ता था ताकि मैं रविवार को कोचिंग सेंटर्स में छात्रों को पढ़ा सकूं। यह मेरे लिए बहुत अलग अनुभव था। मैंने 2015 तक दो साल तक यह काम किया। TVF पिचर्स के बाद, मेरे करियर के ग्राफ ने ऊपर की ओर बढ़ना शुरू किया।”
‘कोटा फैक्ट्री’ के साथ फेम हासिल करने वाले जितेंद्र ने सीरीज में सदस्य जीतू भैया की भूमिका निभाई। उन्होंने टीवीएफ पिचर्स, टीवीएफ बैचलर्स, बिष्ट, प्लीज!, फादर्स, इममेच्योर और जैसी सीरीज में साइड रोल्स निभाए। एक्टर ने ‘गॉन केश’, ‘शुभ मंगल ज्यादा सावधान’, ‘जादूगर’ जैसी फिल्मों में काम किया, लेकिन, किस्मत साल 2020 में तब चमकी, जब वेब सीरीज ‘पंचायत’ में उन्हें ‘अभिषेक त्रिपाणी’ यानी ‘सचिव जी’ का किरदार हासिल हुआ।
अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही जितेंद्र को नीना गुप्ता (पंचायत और शुभ मंगल सावधान), रघुवीर यादव (पंचायत), आयुष्मान खुराना (शुभ मंगल सावधान), गजराज राव जैसे दिग्गज लोगों के साथ काम करने का मौका मिला है। और आज पंचायत जैसी हिट सीरीज से जुड़कर जितेंद्र की गिनती फ़िल्मी दुनिया के दिग्गज कलाकारों में होने लगी है।
‘पंचायत 3’ के साथ एक्टर एक बार फिर से सुर्खियों में हैं। अब जितेंद्र कुमार सबसे अधिक भुगतान पाने वाले ओटीटी सितारों में से एक हैं, जो कथित तौर पर 4 लाख रुपये प्रति सीरीज चार्ज करते हैं।




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