
भारत में मौजूदा समय डिजीटल क्रांति का है। यूपीआई पेमेंट सिस्टम हो या फिर आईटी क्षेत्र की ग्रोथ, सरकार ने इस क्षेत्र में जमकर काम किया है। केंद्र सरकार अब पड़ोसी देश श्रीलंका के एजुकेशन सिस्टम को भी डिजिटल बनाने में वहां की सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है। भारत ने श्रीलंका के दक्षिणी प्रांत के 200 स्कूलों के लिए 30 करोड़ रुपए की कीमत के दो हजार टैब दिए हैं, ताकि भावी पीढ़ी आगे बढ़ सके।
श्रीलंका के दक्षिणी जिले गाले में एक समारोह में राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे और भारतीय उच्चायुक्त संतोष झा शामिल हुए और शिक्षा के क्षेत्र में आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। समारोह में दक्षिणी प्रांत के 200 स्कूलों के लिए दो हजार टैबलेट दिए गए। श्रीलंका के राष्ट्रपति ने समारोह में पीएम नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार द्वारा श्रीलंका को दी जा रही मदद के लिए धन्यवाद दिया।
राष्ट्रपति के मीडिया प्रभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया है स्वास्थ्य और उद्योग मंत्री डॉ. रमेश पथिराना के अनुरोध के बाद भारत सरकार ने इस परियोजना के लिए दक्षिणी प्रांतीय परिषद को 30 करोड़ रुपए दिए हैं। चयनित 200 स्कूलों में से 150 गाले जिले में हैं, जबकि शेष 50 हंबनटोटा और मटारा जिलों में हैं। इसके अलावा दो हजार टैब दिए गए हैं, जिनमें से 200 कक्षाओं में से 10 को टैब मिले।
राष्ट्रपति ने कहा कि हम आधुनिक प्रौद्योगिकी को आगे बढ़ाने में भारत द्वारा दिए गए सहयोग की सराहना करते हैं। पीएम मोदी ने श्रीलंका में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) का कैम्पस स्थापित करने में रुचि दिखाई है। इसके अलावा, भारत के साथ ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए बातचीत आगे बढ़ रही है।




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