न्यूजीलैंड में MBA करने की योजना बना रहे भारतीय छात्रों के लिए अब केवल अच्छी नौकरी और बेहतर वेतन ही प्राथमिकता नहीं रह गए हैं। स्थायी निवास यानी Permanent Residency (PR) भी विदेश में पढ़ाई के फैसले का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनता जा रहा है। एक हालिया छात्र-परामर्श डेटा के मुताबिक, न्यूजीलैंड में MBA से जुड़े 53 प्रतिशत उम्मीदवारों की बातचीत में PR का मुद्दा सामने आया।
यह आंकड़ा पारंपरिक अध्ययन स्थलों को लेकर सामने आई रुचि से अधिक है। जर्मनी के लिए 38 प्रतिशत, ब्रिटेन के लिए 35 प्रतिशत, UAE के लिए 29 प्रतिशत और आयरलैंड के लिए 26 प्रतिशत उम्मीदवारों की बातचीत में स्थायी निवास का मुद्दा शामिल रहा।
नौकरी और वेतन से आगे PR पर नजर
न्यूजीलैंड को लेकर MBA उम्मीदवारों के बीच PR से जुड़ी चर्चा ऐसे समय बढ़ी है, जब देश में पढ़ाई के बाद मिलने वाले वर्क वीजा के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहे हैं। ये बदलाव 16 नवंबर 2026 से लागू होने हैं।
छात्रों की प्राथमिकताओं को देखें तो न्यूजीलैंड के MBA उम्मीदवारों में 53 प्रतिशत ने निवास के विकल्पों की चर्चा की, जबकि 52 प्रतिशत ने नौकरी के अवसरों और 45 प्रतिशत ने वेतन की संभावनाओं को लेकर सवाल किए। हालांकि, तत्काल खर्चों से जुड़े मुद्दे अभी भी सबसे ऊपर रहे। करीब 70 प्रतिशत उम्मीदवारों ने रहने की लागत और 68 प्रतिशत ने स्कॉलरशिप के बारे में चर्चा की।
खास बात यह है कि करीब 18 प्रतिशत उम्मीदवारों ने एक ही बातचीत में रहने का खर्च, स्कॉलरशिप, PR और नौकरी के अवसरों—चारों पहलुओं पर चर्चा की।
ये आंकड़े LeapScholar के छात्र-परामर्श से जुड़े हालिया डेटा में सामने आए हैं। इस विश्लेषण से पता चलता है कि विदेश में पढ़ाई की योजना बना रहे भारतीय छात्र अब केवल डिग्री हासिल करने के बजाय पढ़ाई के बाद के करियर और भविष्य के अवसरों को भी ध्यान में रख रहे हैं।
न्यूजीलैंड से जुड़े सभी पाठ्यक्रमों के बारे में पूछताछ में 42 प्रतिशत उम्मीदवारों ने स्थायी निवास का मुद्दा उठाया। यानी PR में रुचि केवल MBA छात्रों तक सीमित नहीं है।
16 नवंबर से बदलेंगे पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा के नियम
न्यूजीलैंड सरकार 16 नवंबर 2026 से नया Short-Term Graduate Work Visa शुरू करने जा रही है। पात्र अंतरराष्ट्रीय स्नातकों को इस वीजा के तहत छह महीने तक खुले तौर पर काम करने का अधिकार मिलेगा। इसका उद्देश्य छात्रों को नौकरी तलाशने और जरूरत पड़ने पर आगे के वर्क वीजा की ओर बढ़ने का समय देना है।
इसके अलावा, NZQCF Level 7 Graduate Diploma पूरा करने वाले कुछ छात्रों के लिए Post-Study Work Visa की पात्रता भी बढ़ाई जा रही है। इसके लिए संबंधित छात्र के पास पहले से या बाद में मान्य शर्तों के अनुसार पूरी की गई बैचलर डिग्री होना जरूरी होगा और Graduate Diploma की पढ़ाई न्यूजीलैंड में पूरी अवधि के लिए फुल-टाइम करनी होगी।
योग्य Master’s डिग्री पूरी करने वाले छात्रों को तीन साल तक का Post-Study Work Visa मिल सकता है, बशर्ते वे निर्धारित पात्रता शर्तें पूरी करते हों।
डिग्री पूरी करना PR की गारंटी नहीं
हालांकि, विशेषज्ञों के अनुसार छात्रों की PR की इच्छा और न्यूजीलैंड के वास्तविक इमिग्रेशन नियमों के बीच अंतर समझना जरूरी है। केवल न्यूजीलैंड से डिग्री पूरी कर लेने से स्थायी निवास अपने आप नहीं मिलता।
न्यूजीलैंड में निवास के लिए अलग-अलग रास्ते और पात्रता शर्तें हैं। इनमें Skilled Migrant Category और Green List से जुड़े विकल्प शामिल हैं। Green List में कुछ ऐसे पेशे हैं जिनके लिए पात्रता पूरी करने पर व्यक्ति सीधे या निर्धारित अवधि में Residence Visa के लिए आवेदन कर सकता है।
इसलिए MBA या किसी अन्य डिग्री को PR की सीधी गारंटी के रूप में देखना सही नहीं होगा। उम्मीदवार को अपनी पढ़ाई, नौकरी, पेशे, योग्यता और उस समय लागू इमिग्रेशन नियमों के आधार पर पात्रता की जांच करनी होगी।
दूसरे क्षेत्रों के छात्रों में भी बढ़ रही करियर-केंद्रित सोच
यह रुझान केवल MBA तक सीमित नहीं है। Supply Chain और Logistics जैसे कार्यक्रमों में 70 प्रतिशत उम्मीदवारों ने नौकरी के अवसर और रहने की लागत को प्राथमिकता दी। करीब 65 प्रतिशत ने वेतन और 50 प्रतिशत ने निवास के विकल्पों पर चर्चा की।
वहीं, Computer Science और Artificial Intelligence से जुड़े पाठ्यक्रमों में पार्ट-टाइम काम को लेकर छात्रों की रुचि भी अधिक दिखाई दी। इस क्षेत्र में 22 प्रतिशत उम्मीदवारों ने पढ़ाई के साथ काम करने की संभावना पर चर्चा की, जबकि सभी क्षेत्रों को मिलाकर यह आंकड़ा 11 प्रतिशत रहा।
इससे संकेत मिलता है कि भारतीय छात्र विदेश में पढ़ाई का फैसला अब केवल विश्वविद्यालय या डिग्री के आधार पर नहीं कर रहे हैं। पढ़ाई के बाद नौकरी, आय, रहने का खर्च, काम का अधिकार और भविष्य में निवास के विकल्प भी उनके निर्णय का महत्वपूर्ण हिस्सा बनते जा रहे हैं।




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