संयुक्त अरब अमीरात (UAE) लंबे समय से भारतीय पेशेवरों, कारोबारियों और निवेशकों के लिए एक पसंदीदा ठिकाना रहा है। UAE में रहने वाले विदेशी नागरिकों के सबसे बड़े समुदायों में भारतीय शामिल हैं। देश की आर्थिक तरक्की में भारतीयों की अहम भूमिका रही है।
UAE ने 2019 में गोल्डन वीजा (Golden Visa) कार्यक्रम शुरू किया था, जिसे बाद में कई श्रेणियों तक बढ़ाया गया। यह योग्य आवेदकों को लंबे समय तक वहां रहने की सुविधा देता है। सामान्य वीजा के विपरीत, जो अक्सर किसी नियोक्ता या स्थानीय प्रायोजक से जुड़ा होता है, गोल्डन वीजा के लिए आमतौर पर नियोक्ता के प्रायोजन की जरूरत नहीं होती।
जो भारतीय UAE में कारोबार शुरू करना चाहते हैं, अपने परिवार का भविष्य सुरक्षित करना चाहते हैं या अपनी संपत्ति और निवेश को अलग-अलग देशों में फैलाना चाहते हैं, उनके लिए यह कार्यक्रम एक महत्वपूर्ण अवसर हो सकता है। इस लेख में गोल्डन वीजा के प्रमुख फायदे, पात्रता की श्रेणियां और आवेदन की प्रक्रिया समझाई गई है।
UAE Golden Visa के प्रमुख फायदे
गोल्डन वीजा आमतौर पर 10 साल के लिए जारी किया जाता है और पात्रता की शर्तें पूरी होने पर इसे दोबारा नवीनीकृत कराया जा सकता है। हालांकि, कुछ श्रेणियों में, खासकर संपत्ति से जुड़े कुछ विकल्पों में, वीजा की अवधि कम हो सकती है। यह संबंधित अमीरात और वहां के प्राधिकरण के नियमों पर निर्भर करता है। इसलिए आवेदन करने से पहले अपनी श्रेणी के लिए लागू अवधि की पुष्टि करना जरूरी है।
नियोक्ता या स्थानीय प्रायोजक की जरूरत नहीं: गोल्डन वीजा धारक की रेजिडेंसी किसी खास नौकरी से जुड़ी नहीं होती। इसलिए नौकरी बदलने या कुछ समय तक रोजगार न होने से अपने आप उनका कानूनी निवास समाप्त नहीं होता।
लंबे समय तक विदेश में रहने की सुविधा: सामान्य निवास वीजा पर UAE से लगातार छह महीने से अधिक समय तक बाहर रहने पर वीजा की वैधता प्रभावित हो सकती है। गोल्डन वीजा धारकों को इस नियम से छूट मिलती है। वे लंबे समय तक UAE से बाहर रहकर भी अपना निवास बनाए रख सकते हैं। यह सुविधा उन भारतीयों के लिए उपयोगी है, जो भारत और UAE के बीच अपना समय बांटकर रहते हैं।
परिवार को साथ रखने की सुविधा: गोल्डन वीजा धारक अपने जीवनसाथी और बच्चों को प्रायोजित कर सकते हैं। निर्धारित शर्तों के अधीन बेटे और बेटियों को उम्र की परवाह किए बिना प्रायोजित करने की सुविधा भी मिल सकती है। घरेलू कर्मचारियों को भी प्रायोजित किया जा सकता है।
कारोबार और रोजगार के अवसर: गोल्डन वीजा धारक UAE में कारोबार का मालिक बन सकते हैं, नई कंपनी स्थापित कर सकते हैं और उसे चला सकते हैं। वे नौकरी भी कर सकते हैं।
UAE में व्यक्तिगत आय पर आयकर नहीं लगाया जाता। देश में स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं का विकसित ढांचा है। साथ ही, भारत के कई शहरों से UAE की हवाई यात्रा भी अपेक्षाकृत कम समय में पूरी की जा सकती है।
हालांकि, यह समझना जरूरी है कि गोल्डन वीजा नागरिकता नहीं, बल्कि लंबे समय तक रहने की अनुमति है। भारतीय कानून दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं देता, लेकिन किसी दूसरे देश का निवास वीजा रखने से भारतीय नागरिकता अपने आप प्रभावित नहीं होती।
भारत में कर संबंधी निवास की स्थिति इस बात पर निर्भर करती है कि कोई व्यक्ति वित्त वर्ष के दौरान कितने दिन भारत में रहता है। अनिवासी भारतीय (NRI) का दर्जा मिलने पर आयकर अधिनियम और विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत अलग नियम लागू हो सकते हैं।
भारत में निवासी व्यक्ति विदेश में निवेश के लिए पैसा भेजते हैं, तो उन्हें भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के नियमों का पालन करना होता है। इस योजना के तहत निवासी व्यक्ति एक वित्त वर्ष में अधिकतम 2.5 लाख अमेरिकी डॉलर तक विदेश भेज सकते हैं, बशर्ते संबंधित नियमों और शर्तों का पालन किया जाए।
इसलिए UAE में निवेश करने या वहां स्थानांतरित होने से पहले चार्टर्ड अकाउंटेंट और योग्य कानूनी सलाहकार से परामर्श लेना उचित है।
UAE Golden Visa के लिए पात्रता और जरूरी शर्तें
UAE गोल्डन वीजा कई श्रेणियों के आवेदकों को दिया जाता है। पात्रता, निवेश की सीमा और वीजा की अवधि आवेदक की श्रेणी तथा संबंधित अमीरात के नियमों पर निर्भर करती है। नीचे दी गई जानकारी उपलब्ध आधिकारिक नियमों पर आधारित है। आवेदन करने से पहले मौजूदा शर्तों की पुष्टि जरूर करें।
1. रियल एस्टेट निवेशक
UAE में कम से कम 20 लाख दिरहम (AED 2 million) की कुल कीमत वाली एक या अधिक संपत्तियों के मालिक गोल्डन वीजा के लिए पात्र हो सकते हैं। भारतीय मुद्रा में यह रकम विनिमय दर के अनुसार लगभग 4.5 से 5 करोड़ रुपये के आसपास बैठती है।
कुछ मामलों में स्थानीय स्वीकृत बैंक से लिए गए कर्ज पर खरीदी गई संपत्ति भी पात्र हो सकती है। इसके लिए संबंधित प्राधिकरण की शर्तें पूरी करना और संपत्ति के मूल्य का आधिकारिक प्रमाण देना जरूरी है। दुबई में संपत्ति से जुड़े आवेदन के लिए दुबई लैंड डिपार्टमेंट के नियम लागू हो सकते हैं।
2. सार्वजनिक निवेश और पूंजी निवेशक
निवेशक UAE के किसी मान्यता प्राप्त निवेश फंड या बैंक में कम से कम 20 लाख दिरहम जमा करके पात्रता हासिल कर सकते हैं। UAE में ऐसी कंपनी स्थापित करना या उसमें हिस्सेदारी रखना भी एक विकल्प हो सकता है, जिसमें निवेश की निर्धारित सीमा पूरी होती हो।
आवेदन के दौरान निवेश का प्रमाण, कंपनी का वैध लाइसेंस, बैंक या फंड के दस्तावेज और कंपनी से जुड़े अन्य कागजात मांगे जा सकते हैं। कुछ श्रेणियों में निवेश की राशि आवेदक की अपनी होनी चाहिए और उसके स्रोत का प्रमाण देना भी जरूरी होता है।
3. उद्यमी
नए कारोबार या स्टार्टअप के संस्थापक भी गोल्डन वीजा के लिए आवेदन कर सकते हैं। कुछ उद्यमी श्रेणियों में कम से कम 5 लाख दिरहम की पूंजी वाले प्रोजेक्ट या UAE के मान्यता प्राप्त बिजनेस इनक्यूबेटर की मंजूरी अहम हो सकती है।
इसके अलावा, कुछ श्रेणियों में पहले से चल रहे छोटे या मध्यम कारोबार से कम से कम 10 लाख दिरहम का सालाना राजस्व या पहले बेचे जा चुके उद्यम की निर्धारित कीमत जैसी शर्तें लागू हो सकती हैं। यह विकल्प उन भारतीय कारोबारियों के लिए उपयोगी हो सकता है, जो UAE को अपने कारोबार के विस्तार के केंद्र के रूप में देख रहे हैं।
4. कुशल पेशेवर
डॉक्टर, इंजीनियर, वित्तीय क्षेत्र के विशेषज्ञ और टेक्नोलॉजी से जुड़े पेशेवर कुछ निर्धारित शर्तें पूरी करने पर आवेदन कर सकते हैं। संबंधित श्रेणी में वैध नौकरी का अनुबंध, मान्यता प्राप्त स्नातक या उससे ऊंची डिग्री और निर्धारित वेतन जैसी शर्तें हो सकती हैं।
कुछ विशेष पेशेवर श्रेणियों में न्यूनतम मासिक वेतन 30,000 दिरहम रखा गया है, जो भारतीय मुद्रा में लगभग 7 लाख रुपये के आसपास है। हालांकि, यह शर्त हर पेशेवर या हर वीजा श्रेणी पर समान रूप से लागू नहीं होती। आवेदक को अपने पेशे और श्रेणी के अनुसार आधिकारिक पात्रता की जांच करनी चाहिए।
5. असाधारण प्रतिभा वाले लोग
वैज्ञानिक, शोधकर्ता, आविष्कारक, डॉक्टर, कलाकार, रचनात्मक क्षेत्र के पेशेवर और खेल या टेक्नोलॉजी में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वाले लोग भी आवेदन कर सकते हैं। संबंधित श्रेणी के अनुसार किसी मान्यता प्राप्त UAE संस्था की सिफारिश या मंजूरी और उपलब्धियों का प्रमाण मांगा जा सकता है। इसमें प्रकाशित शोध, पुरस्कार, पेटेंट या अन्य उपलब्धियों से जुड़े दस्तावेज शामिल हो सकते हैं।
6. मेधावी छात्र और स्नातक
स्कूल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र और विश्वविद्यालय के शीर्ष स्नातक भी कुछ श्रेणियों के तहत पात्र हो सकते हैं। इसके लिए शैक्षणिक अंक, प्रमाणपत्र और संबंधित स्कूल या विश्वविद्यालय की सिफारिश जैसे दस्तावेज जरूरी हो सकते हैं। पात्रता और वीजा की अवधि छात्र की श्रेणी के अनुसार अलग-अलग होती है।
श्रेणी चाहे कोई भी हो, आवेदकों को वैध पासपोर्ट, हाल की तस्वीरें, निवेश या रोजगार से जुड़े प्रमाण, वैध स्वास्थ्य बीमा और अन्य जरूरी दस्तावेज तैयार रखने चाहिए। संबंधित प्राधिकरण मेडिकल फिटनेस जांच और अतिरिक्त प्रमाणपत्र भी मांग सकता है।
UAE Golden Visa के लिए आवेदन कैसे करें?
गोल्डन वीजा की आवेदन प्रक्रिया काफी हद तक ऑनलाइन है। हालांकि, संबंधित अमीरात और आवेदक की श्रेणी के अनुसार प्रक्रिया में अंतर हो सकता है।
पहला चरण: सही श्रेणी चुनें। सबसे पहले यह तय करें कि आप निवेशक, उद्यमी, पेशेवर, प्रतिभाशाली व्यक्ति या किसी अन्य पात्र श्रेणी में आवेदन कर सकते हैं या नहीं। हर श्रेणी की पात्रता और दस्तावेजों की सूची अलग हो सकती है।
दूसरा चरण: जरूरी दस्तावेज तैयार करें। आमतौर पर पासपोर्ट की कॉपी, पासपोर्ट आकार की तस्वीरें और संबंधित श्रेणी के प्रमाण जमा करने होते हैं। संपत्ति निवेशकों को संपत्ति के स्वामित्व और मूल्यांकन से जुड़े दस्तावेज, पूंजी निवेशकों को बैंक या फंड का प्रमाण और पेशेवरों को नौकरी का अनुबंध, वेतन प्रमाणपत्र तथा शैक्षणिक प्रमाणपत्र देने पड़ सकते हैं।
भारत में जारी डिग्री या अन्य दस्तावेजों को UAE में स्वीकार कराने के लिए सत्यापन या एपोस्टिल की जरूरत पड़ सकती है। हिंदी या अन्य भाषाओं में मौजूद दस्तावेजों का प्रमाणित अंग्रेजी या अरबी अनुवाद भी मांगा जा सकता है।
तीसरा चरण: आधिकारिक पोर्टल से आवेदन करें। आवेदन के लिए UAE की फेडरल अथॉरिटी फॉर आइडेंटिटी, सिटिजनशिप, कस्टम्स एंड पोर्ट सिक्योरिटी (ICP) की स्मार्ट सर्विसेज का इस्तेमाल किया जा सकता है। दुबई के मामलों में जनरल डायरेक्टरेट ऑफ रेजिडेंसी एंड फॉरेनर्स अफेयर्स (GDRFA) भी संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराता है। कुछ अमीरात के अपने पोर्टल और अधिकृत सेवा केंद्र भी हैं।
आवेदकों को सरकारी पोर्टल या अधिकृत सेवा प्रदाताओं के माध्यम से ही आवेदन करना चाहिए। बिना लाइसेंस वाले एजेंटों के दावों पर भरोसा करने से बचें।
चौथा चरण: आवेदन की जांच का इंतजार करें। संबंधित अधिकारी आवेदन और जमा किए गए दस्तावेजों की जांच करते हैं। कुछ श्रेणियों में पहले नामांकन या शुरुआती मंजूरी जरूरी हो सकती है। मंजूरी मिलने पर संबंधित प्रक्रिया के तहत प्रवेश परमिट या निवास की स्थिति में बदलाव किया जा सकता है।
पांचवां चरण: मेडिकल जांच और बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरी करें। आवेदकों को मेडिकल फिटनेस टेस्ट देना पड़ सकता है। अमीरात आईडी (Emirates ID) के लिए फिंगरप्रिंट और तस्वीर जैसी बायोमेट्रिक जानकारी भी देनी होती है।
आवेदन और वीजा जारी करने का शुल्क श्रेणी, अमीरात और सेवा के अनुसार अलग हो सकता है। शुल्क में बदलाव भी संभव है, इसलिए आवेदन से पहले संबंधित सरकारी पोर्टल पर मौजूदा शुल्क देख लें।
आवेदन से पहले इन बातों का रखें ध्यान
UAE गोल्डन वीजा भारतीय निवेशकों, कारोबारियों, पेशेवरों और प्रतिभाशाली लोगों को लंबे समय तक रहने, काम करने और कारोबार बढ़ाने का अवसर दे सकता है। लेकिन यह एक महत्वपूर्ण वित्तीय और कानूनी फैसला है। नियम समय-समय पर बदल सकते हैं और सभी श्रेणियों में वीजा की अवधि या पात्रता एक जैसी नहीं होती।
इच्छुक आवेदकों को आवेदन करने से पहले ICP, GDRFA या संबंधित अमीरात के आधिकारिक प्राधिकरण से मौजूदा नियमों की पुष्टि करनी चाहिए। भारत और UAE, दोनों देशों में कर और कानूनी मामलों के जानकारों से सलाह लेना भी उपयोगी रहेगा।




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