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Why are Indian students and workers returning from Britain?

रूस क्यों बन रहा है MBBS के लिए भारतीय छात्रों की पहली पसंद?

Why is Russia becoming the top choice for Indian students pursuing MBBS?

भारत में मेडिकल एजुकेशन का आकर्षण हमेशा से मजबूत रहा है। इसकी झलक हर साल नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) में देखने को मिलती है, जिसमें 20 लाख से अधिक विद्यार्थी हिस्सा लेते हैं। इसके मुकाबले देश में सिर्फ करीब 1.20 लाख MBBS सीटें ही उपलब्ध हैं। ऐसे में प्रतियोगिता बेहद कड़ी हो जाती है, और लाखों छात्र क्वालिफाई करने के बावजूद भी मेडिकल कॉलेज में दाखिला नहीं पा पाते।

यही वजह है कि हर साल बड़ी संख्या में भारतीय विद्यार्थी विदेशों में मेडिकल शिक्षा की ओर रुख करते हैं। इनमें सबसे लोकप्रिय गंतव्यों में से एक रूस है, जहां पिछले कुछ वर्षों में भारतीय छात्रों की संख्या लगातार बढ़ी है। 2024 के आंकड़ों के अनुसार, रूस में 31 हजार से अधिक भारतीय छात्र पढ़ाई कर रहे थे, जिनमें से 21 हजार से ज्यादा विद्यार्थी MBBS या मेडिकल से जुड़े कोर्स में दाखिल थे।

अब सवाल यह है कि आखिर रूस भारतीय छात्रों के लिए इतना आकर्षक विकल्प क्यों बन गया है?

रूसी मेडिकल यूनिवर्सिटीज क्यों हैं भारतीय छात्रों की पहली पसंद?

1. मान्यता प्राप्त और प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय

रूस में कई उच्च स्तरीय मेडिकल यूनिवर्सिटीज हैं, जिन्हें विश्वभर में पहचान मिली हुई है। इनमें लोमोनोसोव मॉस्को स्टेट यूनिवर्सिटी, सेंट पीटर्सबर्ग यूनिवर्सिटी, कज़ान स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी आदि प्रमुख हैं। 

इन संस्थानों को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और भारत की नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) दोनों से मान्यता प्राप्त है। यहां पढ़ाई पूरी करने के बाद भारतीय छात्र FMGE (अब नेशनल एग्जिट टेस्ट – NEXT) जैसे लाइसेंसिंग एग्जाम भी दे सकते हैं।

2. अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई — भाषा नहीं बनती बाधा

विदेश में पढ़ाई के दौरान भाषा अक्सर सबसे बड़ी चुनौती बनती है। लेकिन रूस में मेडिकल शिक्षा अंग्रेजी माध्यम में दी जाती है, जिससे भारतीय छात्रों के लिए सीखना सरल और सहज हो जाता है।

कक्षाओं में आधुनिक शिक्षण तकनीक, बेहतर लैब सुविधाएँ और इंटरनेशनल स्टैंडर्ड की क्वालिटी टीचिंग उपलब्ध कराई जाती है।

3. भारत की तुलना में काफी कम खर्च

भारत के प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में MBBS की फीस कई बार 70 लाख से 1 करोड़ रुपये तक पहुंच जाती है। वहीं रूस में पूरी पढ़ाई का खर्च काफी कम है।

रूस में MBBS करने पर सालाना खर्च लगभग 2.70 लाख से 4 लाख रुपये के बीच आता है। इसके अलावा रहने और खाने का खर्च भी अपेक्षाकृत कम है, जिससे कुल खर्च भारतीय परिवारों के लिए अधिक किफायती साबित होता है।

रूस में भारतीय छात्रों के लिए बढ़ते अवसर

रूस में भारतीय छात्रों की संख्या बढ़ने के साथ ही वहां की सरकार भी नए कदम उठा रही है। रूसी दूतावास ने भारतीय विद्यार्थियों के लिए 200 स्कॉलरशिप देने की घोषणा की है। इसके बारे में विस्तृत जानकारी दूतावास की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।

किफायती फीस, प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय, अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई और उच्च गुणवत्ता वाले मेडिकल शिक्षा ढांचे की वजह से रूस भारतीय छात्रों के लिए एक मजबूत विकल्प बनकर उभरा है। सीटों की कमी और प्रतिस्पर्धा के चलते जब भारत में हर योग्य छात्र को अवसर नहीं मिल पाता, तब रूस जैसे देशों में MBBS करना उनके लिए मेडिकल करियर शुरू करने का एक भरोसेमंद मार्ग बन जाता है। 

 

एडइनबॉक्स टीम

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