
कनाडा लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय छात्रों की पहली पसंद रहा है, लेकिन 2025 के ताज़ा आंकड़े अलग तस्वीर पेश कर रहे हैं। देश में विदेशी छात्रों के दाख़िलों में तेज़ गिरावट दर्ज की गई है, जिससे यह लोकप्रिय स्टडी अब्रॉड डेस्टिनेशन अपनी चमक खोता नजर आ रहा है।
नए आधिकारिक डेटा के मुताबिक, 2025 में कनाडा आने वाले विदेशी छात्रों की संख्या में 61% की कमी आई है। पिछले वर्ष की तुलना में 1,77,595 कम नए छात्र पढ़ाई के लिए पहुंचे। इसके साथ ही काम की तलाश में आने वाले विदेशी वर्कर्स की संख्या भी घटी है, जिससे कुल इमिग्रेशन स्तर पर सीधा असर पड़ा है।
स्टूडेंट–वर्कर सेगमेंट में 53% गिरावट
कनाडा सरकार की ताज़ा रिपोर्ट बताती है कि जनवरी से दिसंबर 2025 के बीच नए स्टूडेंट्स और वर्कर्स की कुल एंट्री 53% कम रही। 2024 की तुलना में 2025 में 3,61,935 कम स्टूडेंट-वर्कर देश में पहुंचे।
स्टडी परमिट जारी करने के आंकड़ों में भी भारी गिरावट देखी गई। दिसंबर 2024 में जहां 29,835 नए विदेशी छात्र पहुंचे थे, वहीं दिसंबर 2025 में यह संख्या घटकर 9,665 रह गई—यानी करीब 70% की कमी।
क्यों घट रही है विदेशी छात्रों की संख्या?
Government of Canada ने पिछले कुछ वर्षों में विदेशी आबादी को नियंत्रित करने के लिए कई कड़े कदम उठाए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि कुल जनसंख्या में विदेशी छात्रों और वर्कर्स की हिस्सेदारी 5% से अधिक न हो।
इसी दिशा में 2024 में स्टडी परमिट पर वार्षिक सीमा (कैप) लागू की गई। इसके बाद 2025 और 2026 के लिए भी परमिट संख्या में कटौती जारी रखी गई है।
2025 के लिए स्टडी परमिट नीति के तहत कुल 4.08 लाख परमिट जारी करने का लक्ष्य तय किया गया है। इनमें से 1.55 लाख परमिट नए छात्रों को दिए जाएंगे, जबकि 2.53 लाख परमिट एक्सटेंशन के लिए रखे गए हैं। यह लक्ष्य 2025 के 4,37,000 परमिट टारगेट से 7% और 2024 के 4,85,000 लक्ष्य से 16% कम है।
IRCC की सख्त वेरिफिकेशन प्रक्रिया
Immigration, Refugees and Citizenship Canada (IRCC) ने स्टडी परमिट जारी करने की प्रक्रिया को और सख्त कर दिया है। अब हर आवेदन के साथ उस प्रांत का अटेस्टेशन लेटर अनिवार्य कर दिया गया है, जहां छात्र ने एडमिशन लिया है।
इस अतिरिक्त सत्यापन प्रक्रिया के कारण आवेदन प्रक्रिया लंबी और जटिल हो गई है। नतीजतन, कई छात्र अब ऑस्ट्रेलिया, यूके और यूरोप के अन्य लोकप्रिय शिक्षण केंद्रों की ओर रुख कर रहे हैं।
आगे क्या?
कनाडा सरकार का रुख स्पष्ट है—विदेशी आबादी को नियंत्रित करना और स्टडी परमिट सिस्टम को अधिक पारदर्शी बनाना। हालांकि, इसका असर देश की शिक्षा इंडस्ट्री, प्रांतीय अर्थव्यवस्था और विश्वविद्यालयों की फंडिंग पर पड़ता दिख रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नीतियां इसी तरह सख्त बनी रहीं, तो आने वाले वर्षों में भी कनाडा में विदेशी छात्रों की संख्या में गिरावट जारी रह सकती है।




Add comment