
Victoria University India Campus: ऑस्ट्रेलिया की प्रतिष्ठित विक्टोरिया यूनिवर्सिटी (Victoria University) को भारत में अपना पहला कैंपस स्थापित करने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) से आधिकारिक मंजूरी मिल गई है। विश्वविद्यालय का नया कैंपस दिल्ली-एनसीआर के गुरुग्राम में स्थापित किया जाएगा, जहां जल्द ही स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के कई अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे।
यह मंजूरी भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच उच्च शिक्षा, शोध और अकादमिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। साथ ही, यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के उस उद्देश्य को भी आगे बढ़ाती है, जिसके तहत विदेशी विश्वविद्यालयों को भारत में कैंपस स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
भारत-ऑस्ट्रेलिया शिक्षा सहयोग को मिलेगा नया आयाम
विक्टोरिया यूनिवर्सिटी को मिली मंजूरी की जानकारी उस समय सामने आई, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऑस्ट्रेलिया दौरे पर थे। मेलबर्न में आयोजित भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने भी इस पहल का स्वागत किया।
इसी अवसर पर ऑस्ट्रेलिया में भारत के उच्चायुक्त नागेश सिंह ने विक्टोरिया यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधियों को UGC की मंजूरी से संबंधित आधिकारिक पत्र सौंपा।
इन कोर्सों में मिलेगा दाखिला
गुरुग्राम कैंपस में छात्रों के लिए रोजगारोन्मुख और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप कई कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इनमें प्रमुख रूप से बिजनेस, डेटा साइंस, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT), साइबर सिक्योरिटी, ग्लोबल MBA और मास्टर ऑफ एप्लाइड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी जैसे स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शामिल होंगे।
इन सभी कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले छात्रों को ऑस्ट्रेलिया की विक्टोरिया यूनिवर्सिटी द्वारा मान्यता प्राप्त डिग्री प्रदान की जाएगी।
ऑस्ट्रेलिया जैसा मिलेगा शैक्षणिक अनुभव
विश्वविद्यालय का कहना है कि भारत में पढ़ने वाले छात्रों को वही शैक्षणिक अनुभव देने का प्रयास किया जाएगा, जो मेलबर्न स्थित मुख्य कैंपस में उपलब्ध है।
इसके लिए विश्वविद्यालय अपने ब्लॉक मॉडल (Block Model) के तहत पढ़ाई कराएगा। इस मॉडल में छात्र एक समय में केवल एक विषय की पढ़ाई करते हैं, जिससे वे उस विषय को अधिक गहराई से समझ सकें। छोटे बैच, नियमित मूल्यांकन और प्रायोगिक (Practical) शिक्षण पर विशेष जोर दिया जाएगा।
छात्रों को मिलेंगे एक्सचेंज और स्कॉलरशिप के अवसर
विश्वविद्यालय के अनुसार, गुरुग्राम कैंपस में अध्ययन करने वाले छात्रों को आगे चलकर मेलबर्न कैंपस में सेमेस्टर एक्सचेंज, कैंपस ट्रांसफर और उच्च शिक्षा के अन्य अवसर भी मिल सकेंगे।
इसके अलावा, योग्य छात्रों को मेरिट के आधार पर हर वर्ष तीन लाख रुपये तक की स्कॉलरशिप भी प्रदान की जाएगी।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा कैंपस
विक्टोरिया यूनिवर्सिटी इंडिया की प्रो-वाइस चांसलर प्रोफेसर कैरेन डॉड ने कहा कि UGC की मंजूरी मिलने के बाद विश्वविद्यालय अपने पहले बैच के छात्रों का स्वागत करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उनका कहना है कि संस्थान का लक्ष्य छात्रों को ऐसा शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराना है, जहां वे नई तकनीकों, उद्योग की बदलती जरूरतों और व्यावहारिक कौशल के साथ बेहतर करियर बना सकें।
वहीं, विक्टोरिया यूनिवर्सिटी इंडिया के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) अभिषेक शर्मा ने बताया कि पिछले कई महीनों से कैंपस की तैयारियां चल रही थीं। यहां आधुनिक कक्षाएं, छात्र सहायता सेवाएं, उद्योग से जुड़ाव, इंटर्नशिप सहायता और करियर मार्गदर्शन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि छात्रों को भारत में रहते हुए भी ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालय जैसा शिक्षण अनुभव मिल सके।
110 साल पुरानी यूनिवर्सिटी का भारत में विस्तार
करीब 110 वर्ष पुराने इतिहास वाली विक्टोरिया यूनिवर्सिटी में दुनिया भर के लगभग 52,000 छात्र अध्ययन करते हैं। भारत में इसका कैंपस शुरू होने से दोनों देशों के बीच उच्च शिक्षा, अनुसंधान और शैक्षणिक सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी विश्वविद्यालयों के भारत में आने से छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा अपने देश में ही प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, जिससे विदेश में पढ़ाई की लागत भी कम हो सकती है और वैश्विक शिक्षा तक पहुंच आसान होगी।




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