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PhD in Japan for Indian Students: Tuition Fees, Living Costs and MEXT Scholarship

Japan में PhD का खर्च: फीस से लेकर रहने तक कितना आएगा, MEXT Scholarship से कितनी मिलेगी मदद?

PhD in Japan for Indian Students: Tuition Fees, Living Costs and MEXT Scholarship

विदेश जाकर PhD करने का सपना देखने वाले भारतीय छात्रों के लिए जापान एक अच्छा विकल्प हो सकता है। जापान की कई यूनिवर्सिटियों में रिसर्च और अलग-अलग विषयों में डॉक्टोरल प्रोग्राम उपलब्ध हैं। हालांकि जापान में पढ़ाई के लिए सिर्फ यूनिवर्सिटी फीस का बजट बनाना काफी नहीं है। रहने, खाने, स्थानीय यात्रा, बीमा और दूसरी जरूरतों का खर्च भी जोड़ना पड़ता है।

जापान की आधिकारिक Study in Japan वेबसाइट के अनुसार, नेशनल यूनिवर्सिटी के ग्रेजुएट स्कूल में पहले साल की एडमिशन और ट्यूशन फीस लगभग 8.2 लाख येन होती है। वहीं, पढ़ाई और रिसर्च के खर्च को छोड़कर अंतरराष्ट्रीय छात्रों का औसत मासिक जीवन-यापन खर्च करीब 1.05 लाख येन है।

भारतीय रुपये में वास्तविक रकम येन-रुपये की विनिमय दर के अनुसार बदलती रहेगी। इसलिए किसी एक तय रुपये की राशि को पूरे PhD की अंतिम लागत मानना सही नहीं होगा।

जापान में PhD की फीस कितनी है?

जापान में PhD या अन्य डॉक्टोरल प्रोग्राम की फीस हर यूनिवर्सिटी में एक जैसी नहीं होती। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, नेशनल यूनिवर्सिटी के ग्रेजुएट स्कूल में पहले साल की एडमिशन और ट्यूशन फीस करीब 820,000 येन है। स्थानीय पब्लिक यूनिवर्सिटी में यह करीब 900,000 येन और सामान्य प्राइवेट यूनिवर्सिटी में करीब 1.1 मिलियन येन तक हो सकती है। अलग-अलग संस्थानों में परीक्षा फीस, सामग्री और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग जैसे अतिरिक्त खर्च भी हो सकते हैं।

इसलिए किसी यूनिवर्सिटी में आवेदन करने से पहले उसके डॉक्टोरल प्रोग्राम की फीस, एडमिशन फीस और अन्य शुल्क की जानकारी आधिकारिक वेबसाइट से जरूर जांचनी चाहिए।

रहने का खर्च कितना होगा?

जापान में रहने का खर्च शहर के हिसाब से काफी बदल सकता है। Study in Japan के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय छात्रों का औसत मासिक जीवन-यापन खर्च करीब 105,000 येन है। इसमें पढ़ाई और रिसर्च की फीस शामिल नहीं है। आवास इसका एक बड़ा हिस्सा है। देशभर में औसत मासिक किराया करीब 41,000 येन है, जबकि टोक्यो में यह करीब 57,000 येन तक पहुंच जाता है। बड़े शहरों में आने-जाने का खर्च भी अधिक हो सकता है।

खाने का खर्च भी छात्र की जीवनशैली पर निर्भर करेगा। जो छात्र खुद खाना बनाते हैं, वे आमतौर पर बाहर खाने की तुलना में खर्च नियंत्रित कर सकते हैं। इसके अलावा ट्रेन और बस जैसे सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने पर हर महीने यात्रा का बजट भी रखना होगा।

भारत से जापान जाने में और कौन से खर्च होंगे?

PhD के लिए जापान जाने वाले भारतीय छात्रों को यूनिवर्सिटी और रहने के खर्च के अलावा यात्रा से जुड़े खर्च भी ध्यान में रखने होंगे। इसमें फ्लाइट टिकट, पासपोर्ट, वीजा आवेदन से जुड़े खर्च, बीमा और शुरुआती दिनों के रहने-खाने का खर्च शामिल हो सकता है।

फ्लाइट का किराया यात्रा की तारीख, शहर और एयरलाइन के अनुसार बदलता है। इसलिए आवेदन से पहले इन खर्चों के लिए अलग बजट रखना बेहतर है। जापान की आधिकारिक जानकारी भी बताती है कि पढ़ाई की फीस के अलावा एयरफेयर, आवास, वीजा और बीमा जैसे खर्च अलग से हो सकते हैं।

MEXT Scholarship से काफी कम हो सकता है खर्च

जापान सरकार की MEXT Scholarship विदेशी छात्रों के लिए सबसे महत्वपूर्ण विकल्पों में से एक है। डॉक्टोरल कोर्स में चयनित छात्रों को वर्तमान दिशानिर्देशों के अनुसार 145,000 येन प्रति माह की स्कॉलरशिप मिलती है। MEXT के तहत विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा, एडमिशन और ट्यूशन फीस माफ की जाती है। निर्धारित शर्तों के तहत जापान आने और वापस जाने के लिए एयर टिकट की सुविधा भी दी जाती है।

MEXT Scholarship के लिए आवेदन दो प्रमुख तरीकों से किया जा सकता है—Embassy Recommendation और University Recommendation। हालांकि सभी यूनिवर्सिटियों के पास यूनिवर्सिटी रिकमेंडेशन के लिए कोटा नहीं होता। छात्रों को आवेदन से पहले उस साल की आधिकारिक गाइडलाइन और पात्रता शर्तें जरूर देखनी चाहिए।

MEXT के अलावा भी हैं स्कॉलरशिप विकल्प

जापान में सिर्फ MEXT ही विकल्प नहीं है। JASSO के जरिए भी कुछ अंतरराष्ट्रीय छात्रों को आर्थिक सहायता मिलती है। इसके अलावा जापानी यूनिवर्सिटी, स्थानीय संस्थाएं और निजी संगठन अपनी अलग स्कॉलरशिप या ट्यूशन फीस में छूट दे सकते हैं। आधिकारिक Study in Japan पोर्टल पर अलग-अलग स्कॉलरशिप और फीस में छूट से जुड़ी योजनाओं को खोजा जा सकता है।

कुछ यूनिवर्सिटी-विशिष्ट स्कॉलरशिप में मासिक सहायता के साथ ट्यूशन फीस में पूरी या आंशिक छूट भी मिल सकती है। इसलिए PhD के लिए यूनिवर्सिटी चुनते समय केवल कोर्स और फीस ही नहीं, बल्कि उपलब्ध फंडिंग और स्कॉलरशिप की जानकारी भी देखना जरूरी है।

जापान में PhD करने से पहले क्या करें?

अगर आप भारत से जापान में PhD करने की योजना बना रहे हैं तो सबसे पहले अपने विषय और रिसर्च क्षेत्र के हिसाब से यूनिवर्सिटी और प्रोफेसर की जानकारी जुटाएं। इसके बाद फीस, रहने का खर्च, स्कॉलरशिप, रिसर्च फंडिंग और आवेदन की समय सीमा की जांच करें।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जापान में PhD का कुल खर्च यूनिवर्सिटी, शहर और आपकी जीवनशैली पर निर्भर करेगा। बिना स्कॉलरशिप के रहने और पढ़ाई का खर्च काफी हो सकता है, लेकिन MEXT जैसी फंडिंग मिलने पर फीस और मासिक खर्च का बड़ा हिस्सा कवर हो सकता है। इसलिए PhD के आवेदन के साथ-साथ स्कॉलरशिप के लिए भी समय पर तैयारी करना छात्रों के लिए फायदेमंद रहेगा।

 

Asmita Sarkar

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