
– विलास अनिल चव्हाण
एसोसिएट डीन, फॉरेंसिक साइंसेज विभाग, स्कूल ऑफ साइंसेज,
आदित्य यूनिवर्सिटी, आंध्र प्रदेश
आंध्र प्रदेश के सुरमपलेम में स्थित आदित्य यूनिवर्सिटी 180 एकड़ के खूबसूरत, पर्यावरण-अनुकूल कैंपस में फैली हुई है और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में परंपरा, नवाचार और नेतृत्व का अनोखा संगम प्रस्तुत करती है।
फॉरेंसिक साइंसेज विभाग के एसोसिएट डीन, विलास अनिल चव्हाण ने Edinbox से बातचीत में विश्वविद्यालय की दृष्टि, उपलब्धियों और विशेषताओं पर प्रकाश डाला। यह लेख बताता है कि किस तरह आदित्य यूनिवर्सिटी ने खुद को एक अग्रणी शिक्षण संस्थान के रूप में स्थापित किया है।
विश्वविद्यालय का परिचय
आदित्य यूनिवर्सिटी, आंध्र प्रदेश प्राइवेट यूनिवर्सिटीज एक्ट, 2016 के तहत स्थापित की गई थी। यह विश्वविद्यालय, आदित्य ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की दशकों पुरानी उत्कृष्टता की नींव पर खड़ा है। यहाँ शिक्षा का मूल उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) से प्रेरित बहु-विषयक शिक्षण प्रदान करना है, ताकि छात्र न केवल करियर के लिए तैयार हों बल्कि जिम्मेदार, रचनात्मक और आजीवन सीखने वाले बन सकें।
नवाचार और कैंपस जीवन
आदित्य यूनिवर्सिटी का मुख्य आधार Innovation है। यहाँ का Aditya Innovation and Incubation Hub छात्रों को डिजिटल फॉरेंसिक टूल्स, सस्टेनेबल एनर्जी मॉडल्स और AI आधारित एप्लिकेशन्स जैसे विचारों को साकार करने का अवसर देता है। Innovation and Entrepreneurship Development Cell छात्रों को मेंटॉरशिप, फंडिंग और इन्क्यूबेशन सपोर्ट प्रदान करता है ताकि वे अपने प्रोटोटाइप को वास्तविक दुनिया में सफल प्रोजेक्ट्स में बदल सकें।
कैंपस का जीवन अत्यंत जीवंत और प्रेरणादायक है। Directorate of Student Affairs के अंतर्गत चलने वाले अनेक क्लब, काउंसिल और छात्र संगठन छात्रों को बौद्धिक, सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध अनुभव प्रदान करते हैं।
शैक्षणिक उत्कृष्टता और प्लेसमेंट
आदित्य यूनिवर्सिटी को NAAC से A++ ग्रेड प्राप्त है। साल 2024 में विश्वविद्यालय ने शानदार प्लेसमेंट रिकॉर्ड बनाया—3,000 से अधिक छात्रों को 260 प्रतिष्ठित कंपनियों में अवसर प्राप्त हुए।
Career Development and Placement Cell छात्रों को पर्सनल मेंटॉरशिप, मॉक इंटरव्यू, एपटिट्यूड ट्रेनिंग और इंडस्ट्री इंटरैक्शन के माध्यम से नौकरी के लिए तैयार करता है। फॉरेंसिक साइंस और साइबर सिक्योरिटी जैसे विशेष कार्यक्रम छात्रों को व्यावहारिक अनुभव प्रदान करते हैं, जिससे वे न्याय प्रणाली और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में आत्मविश्वास के साथ काम कर सकें।
सहयोग और वैश्विक अवसर
विश्वविद्यालय ने अपने शिक्षण मानकों को ऊंचा करने के लिए EC-Council (USA) और SIFS INDIA जैसे वैश्विक संगठनों के साथ साझेदारी की है। इन सहयोगों के माध्यम से छात्रों को अंतरराष्ट्रीय सर्टिफिकेशन और हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग मिलती है, जिससे वे आधुनिक डिजिटल फॉरेंसिक टूल्स के साथ कार्य करने में दक्ष बनते हैं। ये पहल छात्रों को उद्योग में चल रहे नवीनतम ट्रेंड्स और नवाचारों से अवगत कराती हैं।
समग्र विकास और डिजिटल प्रगति
आदित्य यूनिवर्सिटी केवल अकादमिक उत्कृष्टता तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों के समग्र विकास पर भी समान ध्यान देती है। यहाँ खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रम, सामाजिक सेवा और सामुदायिक जुड़ाव जैसी गतिविधियाँ नियमित रूप से आयोजित की जाती हैं। विश्वविद्यालय का डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर — स्मार्ट क्लासरूम्स, वर्चुअल लैब्स और एडवांस्ड लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम — सीखने के अनुभव को और बेहतर बनाता है।
शैक्षणिक स्वतंत्रता और मेंटॉरशिप
आदित्य यूनिवर्सिटी में शैक्षणिक स्वतंत्रता को विशेष महत्व दिया जाता है। छात्रों को प्रश्न पूछने, खोज करने और नैतिक रूप से नवाचार करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। फॉरेंसिक साइंसेज जैसे विभागों में पीयर मेंटॉरशिप की व्यवस्था है, जो छात्रों के बीच तकनीकी सहयोग और सामुदायिक भावना को मजबूत करती है।
विलास अनिल चव्हाण के शब्दों में
“साइंसेज स्कूल के एसोसिएट डीन के रूप में मुझे इस बात पर गर्व है कि मैं ऐसे संस्थान का हिस्सा हूँ जो सिर्फ ज्ञान नहीं देता, बल्कि क्षमता को जगाता है — छात्रों को केवल सफलता के लिए नहीं, बल्कि बदलाव लाने के लिए तैयार करता है।”
विलास अनिल चव्हाण द्वारा साझा की गई यह जानकारी स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि आदित्य यूनिवर्सिटी सिर्फ शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाला संस्थान है। नवाचार, गुणवत्ता और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के साथ, यह विश्वविद्यालय ऐसे छात्रों को तैयार कर रहा है जो न केवल सफल हों, बल्कि समाज में सार्थक और स्थायी परिवर्तन लाएँ।

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