
देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों में से एक Indian Institute of Technology (Indian School of Mines) Dhanbad ने वर्ष 2026 के लिए समर रिसर्च इंटर्नशिप स्कीम (SRIS) की घोषणा की है। यह कार्यक्रम देशभर के स्नातक (UG) और स्नातकोत्तर (PG) छात्रों के लिए शुरू किया गया है। संस्थान के डीन (रिसर्च एंड डेवलपमेंट) कार्यालय की ओर से जारी इस योजना का उद्देश्य छात्रों को शोध कार्य का व्यावहारिक अनुभव देना है।
इस योजना में छात्रों के लिए एक लॉन्ग टर्म रिसर्च इंटर्नशिप का विकल्प भी रखा गया है, जिससे वे भारत के प्रमुख तकनीकी संस्थानों में से एक में लंबे समय तक शोध से जुड़कर काम कर सकें।
तीन कैटेगरी में आयोजित होगी इंटर्नशिप
SRIS 2026 के तहत रिसर्च इंटर्नशिप को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। पहली कैटेगरी बीटेक छात्रों के लिए है, जबकि दूसरी कैटेगरी पोस्टग्रेजुएट छात्रों के लिए रखी गई है। तीसरी कैटेगरी उन छात्रों के लिए है जो लंबे समय तक रिसर्च प्रोजेक्ट से जुड़ना चाहते हैं। इस श्रेणी में इंटर्नशिप की अवधि छह से बारह महीने तक हो सकती है।
इन तीनों श्रेणियों में तीन तरह की फंडिंग व्यवस्था उपलब्ध होगी—इंस्टीट्यूट-फंडेड, प्रोजेक्ट-फंडेड और सेल्फ-फंडेड। संस्थान ने कैटेगरी-I और कैटेगरी-II के तहत हर विभाग में तीन-तीन फंडेड इंटर्नशिप देने की बात कही है।
आवेदन की अंतिम तिथि
कैटेगरी-I और कैटेगरी-II के लिए इच्छुक उम्मीदवारों को 15 अप्रैल 2026 तक srip@iitism.ac.in
ईमेल पर आवेदन भेजना होगा। वहीं कैटेगरी-III यानी लॉन्ग टर्म रिसर्च इंटर्नशिप के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 30 अप्रैल 2026 तय की गई है।
चयन प्रक्रिया में उम्मीदवार का CGPA, रिसर्च पब्लिकेशन, पुरस्कार, जमा किया गया रिसर्च प्रपोजल और सिफारिश पत्र (लेटर ऑफ रिकमेंडेशन) को आधार बनाया जाएगा। समर इंटर्नशिप की अवधि दो महीने की होगी।
पात्रता क्या है
इस कार्यक्रम के लिए पात्रता काफी प्रतिस्पर्धी रखी गई है। Indian Institutes of Technology, Indian Institute of Science, Indian Institutes of Management, National Institutes of Technology, Indian Institutes of Science Education and Research, National Institute of Science Education and Research, Indian Institute of Engineering Science and Technology, केंद्रीय विश्वविद्यालयों और GFTI संस्थानों के छात्रों के लिए न्यूनतम CGPA 7.5 होना जरूरी है।
अन्य संस्थानों के छात्रों को आवेदन करने के लिए कम से कम 8.0 CGPA होना चाहिए। जिन छात्रों पर किसी तरह का अकादमिक बैकलॉग है या जिनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हो चुकी है, वे इस योजना के लिए आवेदन नहीं कर सकते।
आवेदन शुल्क और जरूरी दस्तावेज
सभी आवेदकों को 500 रुपये का नॉन-रिफंडेबल आवेदन शुल्क जमा करना होगा। यह भुगतान ऑनलाइन ट्रांसफर या UPI के माध्यम से किया जा सकता है। डिमांड ड्राफ्ट स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
उम्मीदवारों को आवेदन के साथ पूरा भरा हुआ आवेदन फॉर्म (नोटिफिकेशन में दिया गया Annexure-II), रिज्यूमे, बोनाफाइड सर्टिफिकेट, पहचान पत्र, लगभग 500 शब्दों का रिसर्च प्रपोजल और आवेदन शुल्क की रसीद जिसमें UTR नंबर और भुगतान की जानकारी हो—इन सभी दस्तावेजों को एक ही PDF फाइल में भेजना होगा।
स्टाइपेंड की व्यवस्था
समर रिसर्च इंटर्नशिप (कैटेगरी-I और II) के तहत इंस्टीट्यूट-फंडेड इंटर्न को अधिकतम दो महीने तक हर महीने 5,000 रुपये की स्कॉलरशिप दी जाएगी। वहीं प्रोजेक्ट-फंडेड इंटर्न को संबंधित फंडिंग एजेंसी के नियमों के अनुसार आर्थिक सहायता मिल सकती है।
लॉन्ग टर्म रिसर्च इंटर्नशिप क्या है
कैटेगरी-III यानी लॉन्ग टर्म रिसर्च इंटर्नशिप बीटेक, एमटेक, एमएससी और एमबीए छात्रों के लिए उपलब्ध है। इसकी अवधि छह से बारह महीने तक हो सकती है।
समर कैटेगरी के विपरीत इस श्रेणी में इंस्टीट्यूट-फंडेड इंटर्नशिप नहीं दी जाती। उम्मीदवारों को प्रोजेक्ट-फंडेड या सेल्फ-फंडेड विकल्प के तहत आवेदन करना होगा। हर विभाग में अधिकतम पांच सेल्फ-फंडेड इंटर्न को अनुमति दी जाएगी।
लॉन्ग टर्म इंटर्न को संस्थान में शामिल होने के बाद प्रति सेमेस्टर ट्यूशन फीस भी जमा करनी होगी। इसके अलावा उन्हें अपने मूल संस्थान से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) भी लाना होगा।
मूल्यांकन और सुविधाएं
लंबी अवधि के इंटर्न का मूल्यांकन दो चरणों में किया जाएगा। इंटर्नशिप शुरू होने के करीब दो महीने बाद मिड-टर्म प्रेजेंटेशन देना होगा, जबकि अंत में समीक्षा समिति के सामने फाइनल प्रेजेंटेशन करना होगा। इस समिति में विभागाध्यक्ष, इंटर्नशिप गाइड और DUGC/DPGC कन्वीनर शामिल होंगे। दोनों प्रेजेंटेशन सफलतापूर्वक पूरा करने और संतोषजनक उपस्थिति होने पर ही इंटर्नशिप प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।\
संस्थान में आने वाले गैर-IIT (ISM) इंटर्न को अस्थायी संस्थागत पहचान पत्र दिया जाएगा। इसके जरिए उन्हें लाइब्रेरी, खेल सुविधाएं, स्वास्थ्य केंद्र, कंप्यूटर लैब और इंटरनेट सेवाओं का उपयोग करने की अनुमति होगी।
जरूरत पड़ने पर छात्रों को कैंपस में भुगतान के आधार पर आवास भी दिया जा सकता है, जो उपलब्धता पर निर्भर करेगा। वहीं संस्थान का हेल्थ सेंटर इंटर्न को मुफ्त आउटपेशेंट परामर्श और जरूरत पड़ने पर अस्पताल में भर्ती होने की सुविधा भी उपलब्ध कराएगा।




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