
असम सरकार के भूमि प्रशासन तंत्र को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए असम भूमि अभिलेख एवं सर्वेक्षण निदेशालय ने लैंड रिकॉर्ड्स असिस्टेंट और तकनीकी पदों पर बड़ी भर्ती का ऐलान किया है। इस अभियान के तहत कुल 552 रिक्त पदों को भरा जाएगा। इच्छुक उम्मीदवार निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक आवेदन प्रक्रिया 30 अप्रैल 2026 तक जारी रहेगी। विभाग ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे अंतिम तिथि का इंतज़ार न करें और समय रहते आवेदन पूरा कर लें, ताकि किसी प्रकार की तकनीकी समस्या के कारण आवेदन छूट न जाए।
राज्य में चल रही डिजिटल भूमि अभिलेख परियोजना को इस भर्ती से मजबूती मिलेगी। सरकार भूमि रिकॉर्ड्स को पूरी तरह डिजिटल करने, पारदर्शी बनाने और नागरिकों को तेज़ सेवाएं उपलब्ध कराने पर काम कर रही है। भूमि अभिलेख एवं सर्वेक्षण निदेशालय कैडस्ट्रल मैप तैयार करने, भूमि स्वामित्व रिकॉर्ड अपडेट रखने और सर्वेक्षण से जुड़े डेटा का संरक्षण करने की जिम्मेदारी निभाता है। नए चयनित उम्मीदवार जीआईएस आधारित मैपिंग, भूमि रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण और भू-स्थानिक डेटा विश्लेषण से जुड़े कार्यों में अहम भूमिका निभाएंगे।
इन पदों के लिए पात्रता मानदंड अधिसूचना में निर्धारित किए गए हैं। आमतौर पर आवेदकों के पास भूगोल, भूविज्ञान, पर्यावरण विज्ञान, जीआईएस, जियोइन्फॉर्मेटिक्स या संबंधित विषयों में मान्यता प्राप्त डिग्री होना अनिवार्य है। जियोस्पेशियल टूल्स, मैपिंग सॉफ्टवेयर या तकनीकी विशेषज्ञता रखने वाले उम्मीदवारों को चयन में प्राथमिकता मिल सकती है।
आयु सीमा भी निर्धारित की गई है। सामान्य श्रेणी के आवेदकों के लिए आयु 21 से 40 वर्ष के बीच तय की गई है, जबकि आरक्षित वर्गों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट मिलेगी। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे आवेदन से पहले अधिसूचना में दी गई सभी शैक्षणिक और आयु संबंधी शर्तों की अच्छी तरह जांच कर लें।
आवेदन प्रक्रिया सरल रखी गई है। उम्मीदवारों को असम भूमि अभिलेख एवं सर्वेक्षण निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर भर्ती अधिसूचना पढ़नी होगी, आवेदन फॉर्म में अपनी व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी दर्ज करनी होगी और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। सभी विवरण भरने के बाद आवेदन को अंतिम तिथि से पहले सबमिट कर देना आवश्यक है।
यह भर्ती न केवल युवाओं के लिए रोजगार का अवसर लेकर आई है, बल्कि राज्य के भूमि प्रबंधन ढांचे को अधिक दक्ष और डिजिटल बनाने की दिशा में भी यह एक अहम कदम माना जा रहा है।




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