
दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने वाइस चांसलर समर इंटर्नशिप प्रोग्राम 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। University of Delhi के छात्र इस इंटर्नशिप के लिए 27 अप्रैल 2026 तक आधिकारिक वेबसाइट dsw.du.ac.in पर आवेदन कर सकते हैं। यह जानकारी डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर (DSW) कार्यालय की ओर से जारी नोटिस में दी गई है।
यह इंटर्नशिप प्रोग्राम जून से जुलाई 2026 के बीच आयोजित होगा और इसकी कुल अवधि दो महीने की होगी। इस दौरान चयनित छात्रों को विश्वविद्यालय के अलग-अलग प्रशासनिक और संस्थागत कार्यों से जुड़ने का मौका मिलेगा, जिससे उन्हें सिस्टम को करीब से समझने का अनुभव मिलेगा।
पढ़ाई के साथ प्रैक्टिकल अनुभव पर जोर
इस इंटर्नशिप का मकसद छात्रों को केवल थ्योरी तक सीमित न रखते हुए उन्हें वास्तविक कार्य अनुभव देना है। इंटर्नशिप के दौरान छात्र विश्वविद्यालय के प्रशासनिक ढांचे, निर्णय लेने की प्रक्रिया और विभिन्न गतिविधियों को समझ पाएंगे। इससे उनकी प्रोफेशनल स्किल्स, कम्युनिकेशन और कार्य करने की क्षमता बेहतर होगी, जो आगे चलकर करियर में काम आएगी।
‘Semester Away Program’ से मिलेगा इंटरनेशनल एक्सपोजर
इसी के साथ दिल्ली विश्वविद्यालय ने हाल ही में ‘Semester Away Program (SAP)’ की भी घोषणा की है। इस पहल के तहत अंडरग्रेजुएट छात्र एक सेमेस्टर के लिए विदेशी विश्वविद्यालयों में पढ़ाई कर सकेंगे। इसका उद्देश्य छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का एक्सपोजर, मल्टीडिसिप्लीनरी लर्निंग, रिसर्च के अवसर और वैश्विक नेटवर्किंग उपलब्ध कराना है। विश्वविद्यालय प्रशासन इस दिशा में लगातार नए कदम उठा रहा है।
कौन कर सकता है आवेदन
इस इंटर्नशिप के लिए केवल दिल्ली विश्वविद्यालय के अंडरग्रेजुएट (UG) और पोस्टग्रेजुएट (PG) छात्र आवेदन कर सकते हैं। किसी भी स्ट्रीम—आर्ट्स, साइंस या कॉमर्स—के छात्र इसके लिए पात्र हैं। हालांकि, फाइनल ईयर या फाइनल सेमेस्टर में पढ़ रहे छात्र आवेदन नहीं कर सकेंगे।
स्टाइपेंड और कार्य अवधि
यह इंटर्नशिप पार्ट-टाइम होगी, जिसमें छात्रों को हर सप्ताह लगभग 20 घंटे काम करना होगा। चयनित उम्मीदवारों को 11,576 रुपये प्रति माह स्टाइपेंड दिया जाएगा। इंटर्नशिप पूरी होने के बाद छात्रों को DSW की ओर से आधिकारिक प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा।
करियर के लिहाज से क्यों है खास
यह इंटर्नशिप उन छात्रों के लिए खास मौका है जो पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव हासिल करना चाहते हैं। इससे उन्हें यह समझने में मदद मिलती है कि एक बड़ा शैक्षणिक संस्थान कैसे काम करता है। साथ ही, यह अनुभव आगे नौकरी, इंटर्नशिप या उच्च शिक्षा के दौरान प्रोफाइल को मजबूत बनाने में मददगार साबित हो सकता है।




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