
इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, फार्मेसी और आर्किटेक्चर जैसे पेशेवर पाठ्यक्रमों में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों के लिए एक बड़ी अवसरपूर्ण पहल शुरू की गई है। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) और कनाडा के प्रतिष्ठित रिसर्च नेटवर्क Mitacs के सहयोग से संचालित Globalink Research Internship (GRI) 2027 कार्यक्रम के तहत हर वर्ष 300 भारतीय छात्रों को कनाडा के प्रमुख विश्वविद्यालयों में 12 सप्ताह की पूर्णतः वित्तपोषित शोध इंटर्नशिप का अवसर मिलेगा।
यह कार्यक्रम 2027 से शुरू होकर अगले तीन वर्षों तक संचालित किया जाएगा। इसके तहत चयनित छात्र मई से अक्टूबर के बीच कनाडा के विभिन्न विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों में रिसर्च प्रोजेक्ट्स पर काम करेंगे। यह पहल भारतीय छात्रों को वैश्विक शोध वातावरण, आधुनिक प्रयोगशालाओं और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के साथ काम करने का अनुभव प्रदान करेगी।
आवेदन प्रक्रिया शुरू, 16 सितंबर अंतिम तिथि
AICTE ने GRI 2027 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक छात्र 16 सितंबर तक आवेदन कर सकते हैं। AICTE के अध्यक्ष प्रोफेसर योगेश सिंह के अनुसार, आवेदन करने वाले उम्मीदवार की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए। साथ ही वह किसी मान्यता प्राप्त संस्थान में स्नातक स्तर के कार्यक्रम से जुड़ा होना चाहिए।
चूंकि इंटर्नशिप कनाडा में आयोजित की जाएगी, इसलिए आवेदकों के लिए अंग्रेजी या फ्रेंच भाषा का कार्यकारी ज्ञान होना अनिवार्य रखा गया है। चयनित छात्रों को कनाडा के विश्वविद्यालयों में चल रहे विभिन्न शोध परियोजनाओं से जोड़ा जाएगा, जहां वे अनुभवी शोधकर्ताओं के मार्गदर्शन में काम करेंगे।
किन छात्रों को मिलेगा लाभ?
यह कार्यक्रम मुख्य रूप से इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, फार्मेसी और आर्किटेक्चर के स्नातक छात्रों के लिए तैयार किया गया है। इंटर्नशिप के दौरान छात्रों को न केवल शोध कार्य का अनुभव मिलेगा, बल्कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक संस्कृति, नवाचार और उद्योग-शोध सहयोग को भी करीब से समझने का अवसर मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी अंतरराष्ट्रीय रिसर्च इंटर्नशिप छात्रों की उच्च शिक्षा, पीएचडी प्रवेश और वैश्विक करियर संभावनाओं को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
भारत-कनाडा शैक्षणिक सहयोग को मिलेगा बढ़ावा
इस कार्यक्रम का विस्तार भारत और कनाडा के बीच शिक्षा एवं अनुसंधान सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया है। मार्च 2026 में कनाडा के प्रधानमंत्री की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच शिक्षा, अनुसंधान सहयोग और प्रतिभा गतिशीलता (Talent Mobility) को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ था। उसी सहयोग के तहत Globalink Research Internship कार्यक्रम को व्यापक रूप दिया गया है।
यह पहल दोनों देशों के विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों और छात्रों के बीच सहयोग बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
भारतीय छात्रों के बीच कनाडा की बढ़ती लोकप्रियता
विदेश में उच्च शिक्षा के लिए कनाडा लंबे समय से भारतीय छात्रों की पसंदीदा मंजिलों में शामिल रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में लगभग 4.27 लाख भारतीय छात्र उच्च शिक्षा के लिए कनाडा गए थे। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध के अवसर, बहुसांस्कृतिक वातावरण और उद्योग से जुड़े पाठ्यक्रमों के कारण कनाडा भारतीय विद्यार्थियों को लगातार आकर्षित कर रहा है।
ऐसे में AICTE-Mitacs Globalink Research Internship 2027 भारतीय छात्रों को वैश्विक स्तर पर अपनी शोध क्षमता साबित करने और अंतरराष्ट्रीय अकादमिक नेटवर्क से जुड़ने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान कर सकती है।
आवेदन से पहले ध्यान रखें
इच्छुक छात्रों को सलाह दी गई है कि वे आवेदन से पहले पात्रता शर्तों, आवश्यक दस्तावेजों और शोध क्षेत्रों की जानकारी विस्तार से जांच लें। समय सीमा नजदीक होने के कारण आवेदन प्रक्रिया जल्द पूरी करना बेहतर रहेगा।




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