मानव स्वास्थ्य, कृषि और पर्यावरण से जुड़ी कई बड़ी चुनौतियों के जवाब क्या सूक्ष्म जीवों की दुनिया में छिपे हो सकते हैं? इसी विषय को केंद्र में रखते हुए Adamas University में 14 नवंबर को Young Researchers Conclave 2026 आयोजित किया जाएगा।
कॉनक्लेव की थीम “Microbiomes for Sustainable Health, Agriculture and Environment” रखी गई है। इसमें 40 वर्ष से कम उम्र के युवा शोधकर्ता हिस्सा ले सकेंगे। कार्यक्रम सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक Adamas University के AIT Video Conferencing Room, AU1 में आयोजित होगा।
कार्यक्रम का उद्देश्य युवा शोधकर्ताओं को वैज्ञानिक विचारों के आदान-प्रदान, नए शोध निष्कर्षों को साझा करने और आधुनिक शोध तकनीकों की व्यावहारिक जानकारी हासिल करने का अवसर देना है। Adamas University के Biological Sciences विभाग में भी माइक्रोबायोलॉजी और बायोकैमिस्ट्री के साथ रिसर्च, प्रैक्टिकल ट्रेनिंग, बायोइन्फॉर्मेटिक्स और कंप्यूटेशनल बायोलॉजी जैसे क्षेत्रों पर जोर दिया जाता है।
युवा शोधकर्ता साझा करेंगे अपने अनुभव
कार्यक्रम में डॉ. हिमाद्रि बोस, Usha Martin University, झारखंड; डॉ. बलराम महापात्र, Gujarat Biotechnology University, गांधीनगर और डॉ. नैना कुमारी, National Institute of Biomedical Genomics (NIBMG), कल्याणी को अतिथि वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया है।
इन विशेषज्ञों की भागीदारी से माइक्रोबायोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी और जीनोमिक्स के अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े शोध दृष्टिकोण एक मंच पर आने की उम्मीद है। NIBMG में मानव माइक्रोबायोम और स्वास्थ्य तथा बीमारियों से जुड़े मेटाजीनोमिक कारकों पर शोध किया जाता है। ऐसे शोध यह समझने में मदद करते हैं कि मानव शरीर में मौजूद सूक्ष्म जीवों और स्वास्थ्य के बीच किस तरह का संबंध हो सकता है।
जीनोमिक्स पर होगा Hands-on Workshop
कॉनक्लेव का एक प्रमुख हिस्सा “Metagenomics, Whole Genome Sequencing and Amplicon Sequencing: Quality Assessment and Analysis” विषय पर Hands-on Workshop होगा।
इस वर्कशॉप का उद्देश्य प्रतिभागियों को जीनोमिक्स और माइक्रोबायोम रिसर्च में इस्तेमाल होने वाली आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव देना है। इसमें प्रतिभागियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी के बजाय शोध में इस्तेमाल होने वाली प्रक्रियाओं और तकनीकों को समझने का अवसर मिलेगा।
Adamas University के Biological Sciences विभाग में भी प्रैक्टिकल ट्रेनिंग, रिसर्च, बायोइन्फॉर्मेटिक्स, कंप्यूटेशनल बायोलॉजी और आधुनिक माइक्रोबायोलॉजी से जुड़े विषयों को महत्व दिया जाता है। विभाग के पाठ्यक्रम में रिसर्च प्रोजेक्ट, इंटर्नशिप और आधुनिक वैज्ञानिक विषयों से जुड़े प्रशिक्षण के अवसर भी शामिल हैं।
मुफ्त रजिस्ट्रेशन, सीटें सीमित
Young Researchers Conclave 2026 में भाग लेने के लिए रजिस्ट्रेशन मुफ्त है, लेकिन सीटों की संख्या सीमित रखी गई है। इच्छुक युवा शोधकर्ताओं को विश्वविद्यालय की ओर से जारी कार्यक्रम की सूचना में दिए गए QR कोड के जरिए रजिस्ट्रेशन और अन्य जानकारी हासिल करने के लिए कहा गया है।
युवा शोधकर्ताओं के लिए इस तरह के कार्यक्रम कक्षा और नियमित अकादमिक पढ़ाई से अलग अनुभव देने का माध्यम बन सकते हैं। यहां प्रतिभागियों को वास्तविक शोध समस्याओं पर विशेषज्ञों की चर्चा सुनने, नई तकनीकों के बारे में जानने और अलग-अलग वैज्ञानिक क्षेत्रों में काम कर रहे शोधकर्ताओं से संवाद करने का अवसर मिल सकता है।
माइक्रोबायोम पर बढ़ता शोध स्वास्थ्य, कृषि और पर्यावरण विज्ञान के कई क्षेत्रों से जुड़ रहा है। मानव और पर्यावरण के आसपास मौजूद सूक्ष्म जीवों के समुदायों का अध्ययन भविष्य में स्वास्थ्य, कृषि उत्पादकता और टिकाऊ पर्यावरण से जुड़े नए समाधान खोजने में मदद कर सकता है। Adamas University का School of Life Science and Biotechnology भी माइक्रोबायोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी और बायोकैमिस्ट्री में शोध तथा व्यावहारिक प्रशिक्षण पर जोर देता है।




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