
एपीजी शिमला यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ लीगल स्टडीज एंड रिसर्च ने हाल ही में राज्य सतर्कता ब्यूरो (State Vigilance Bureau) के सहयोग से बियोलिया पंचायत में भ्रष्टाचार के खतरों पर जागरूकता शिविर आयोजित किया। इस शिविर का उद्देश्य लोगों को यह समझाना था कि भ्रष्टाचार समाज के लिए कितना हानिकारक है और कैसे पारदर्शिता, ईमानदारी और जवाबदेही को जीवन और प्रशासन का आधार बनाया जा सकता है।
भ्रष्टाचार के दुष्परिणामों पर चर्चा
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को भ्रष्टाचार के नकारात्मक प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया गया। सभी उपस्थित लोगों ने यह संकल्प लिया कि वे अपने कार्य और जीवन में उच्च नैतिक मूल्यों को अपनाएंगे और ईमानदारी के सिद्धांतों का पालन करेंगे।
सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति प्रतिबद्धता
यह आयोजन एपीजी शिमला यूनिवर्सिटी की सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति गंभीरता को दर्शाता है। विश्वविद्यालय न केवल छात्रों को कानूनी शिक्षा प्रदान करता है, बल्कि इस तरह के सामाजिक अभियानों के माध्यम से समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का उदाहरण भी पेश करता है।
भ्रष्टाचार-मुक्त समाज की दिशा में कदम
इस कार्यक्रम ने नागरिकों को ज्ञान और जागरूकता के माध्यम से सशक्त बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम रखा। इसका उद्देश्य था— समाज में ईमानदारी, निष्पक्षता और नैतिकता की भावना को बढ़ावा देना, ताकि मिलकर एक भ्रष्टाचार-मुक्त वातावरण तैयार किया जा सके।
सामुदायिक सहभागिता से मिला सकारात्मक संदेश
इस जागरूकता शिविर में स्थानीय समुदाय, विद्यार्थी और शिक्षकों ने मिलकर सक्रिय भागीदारी निभाई। इस सामूहिक प्रयास ने न केवल बियोलिया पंचायत में सकारात्मक बदलाव की शुरुआत की, बल्कि आस-पास के क्षेत्रों में भी ईमानदारी और पारदर्शिता का संदेश फैलाया।




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