
7 नवंबर 2025 को सिस्टर निवेदिता यूनिवर्सिटी (Sister Nivedita University) के पर्यावरण विज्ञान विभाग (Department of Environmental Sciences) द्वारा एक व्यावहारिक कार्यशाला आयोजित की गई, जिसका विषय था ‘द लिविंग एनवायरनमेंट: टेरैरियम्स एंड सस्टेनेबिलिटी’।
इस गतिविधि में छात्रों ने मिनी टेरैरियम्स (Miniature Terrariums) बनाकर पर्यावरणीय संतुलन (Ecological Balance) और सस्टेनेबिलिटी (Sustainability) के सिद्धांतों को रोचक और व्यावहारिक तरीके से समझा।
विशेषज्ञों ने सिखाया ‘ग्रीन अवेयरनेस’ का व्यावहारिक तरीका
कार्यशाला का संचालन श्री बिकाश मैती, संस्थापक एवं निदेशक – Thriving Miniature Conservation Pvt. Ltd., और डॉ. सुप्रिति पॉल, सहायक प्राध्यापक – बेथ्यून कॉलेज, कोलकाता (Bethune College, Kolkata), ने किया। दोनों विशेषज्ञों ने छात्रों को टेरैरियम की कला और विज्ञान के माध्यम से पर्यावरणीय चेतना और जिम्मेदार प्रबंधन (Responsible Management) की अवधारणा से अवगत कराया।
पर्यावरण चेतना को बढ़ावा देने की दिशा में कदम
इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य केवल अकादमिक ज्ञान देना नहीं था, बल्कि छात्रों के मन में पर्यावरण संरक्षण की भावना को जागृत करना भी था। पर्यावरण विज्ञान विभाग ने इस कार्यशाला के माध्यम से छात्रों को इंटरएक्टिव लर्निंग अनुभव प्रदान किया और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में सस्टेनेबल प्रैक्टिसेज (Sustainable Practices) को समझने और अपनाने के लिए प्रेरित किया।
विश्वविद्यालय ने जताया आभार
विश्वविद्यालय प्रशासन ने दोनों विशेषज्ञों के प्रति आभार व्यक्त किया जिन्होंने छात्रों को एक ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक सत्र प्रदान किया। यह आयोजन सिस्टर निवेदिता यूनिवर्सिटी की उस सोच के अनुरूप है, जो पर्यावरण-जागरूक और इको-फ्रेंडली समाज के निर्माण की दिशा में निरंतर प्रयासरत है।
‘द लिविंग एनवायरनमेंट: टेरैरियम्स एंड सस्टेनेबिलिटी’ जैसी पहलें आज के समय में बेहद महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि ये छात्रों को न केवल शिक्षा देती हैं बल्कि उन्हें धरती के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में भी प्रेरित करती हैं।




Add comment