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सेंट्यूरियन यूनिवर्सिटी में फार्मास्यूटिकल साइंसेज़ पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन

सेंट्यूरियन यूनिवर्सिटी में फार्मास्यूटिकल साइंसेज़ पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन

फार्मास्यूटिकल साइंसेज़ के क्षेत्र में एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन इस सप्ताह सेंट्यूरियन यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (CUTM) में आयोजित किया जाएगा। इंडियन एसोसिएशन ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंटिस्ट्स एंड टेक्नोलॉजिस्ट्स (IAPST) के सहयोग से होने वाला यह दो दिवसीय सम्मेलन देश-विदेश के विशेषज्ञों को एक मंच पर लाने का दावा करता है, जहां फार्मा सेक्टर के नए ट्रेंड्स और इनोवेशन पर गहन चर्चा होगी।

फार्मा विशेषज्ञों के लिए वैश्विक मंच

इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन नोवेल फ्रंटियर इन फार्मास्यूटिकल साइंसेज़ का आयोजन 10–11 जनवरी 2026 को CUTM के भुवनेश्वर स्थित मुख्य कैंपस में किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, यह सम्मेलन शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और उद्योग से जुड़े पेशेवरों के लिए एक प्रभावी वैश्विक मंच प्रदान करेगा।

सम्मेलन में ड्रग डेवलपमेंट, फार्मूलेशन और फार्मास्यूटिकल रिसर्च में उभरते नए रुझानों पर फोकस किया जाएगा। प्रतिनिधि उन अत्याधुनिक इनोवेशन पर चर्चा करेंगे, जो भारत और दुनिया भर में चिकित्सा के भविष्य को आकार दे सकते हैं। सम्मेलन के लिए पंजीकरण सभी इच्छुक प्रतिभागियों के लिए खुला है। साथ ही, विभिन्न सत्रों के माध्यम से अकादमिक और इंडस्ट्री के बीच सहयोग को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

लैब प्रोडक्ट एक्सपो रहेगा खास आकर्षण

सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण लैब प्रोडक्ट एक्सपो – 2025 होगा, जिसका आयोजन 11 जनवरी 2025 को आर्यभट्ट बिल्डिंग, कैंपस में किया जाएगा। इस एक्सपो में शोधकर्ताओं को लैब में विकसित उत्पादों, नए फार्मूलेशन और प्रोजेक्ट वर्क को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।

यह एक्सपो रिसर्च और उसके व्यावहारिक उपयोग के बीच एक सेतु की तरह काम करेगा। इसमें छात्रों के प्रोजेक्ट्स और फैकल्टी द्वारा किए गए प्रयोगों से निकले इनोवेटिव सॉल्यूशंस देखने को मिलेंगे। विश्वविद्यालय अधिकारियों के अनुसार, यह वह मंच है “जहां रिसर्च इनोवेशन से मिलती है और आइडियाज़ असर में बदलते हैं।”

भारतीय फार्मा सेक्टर के लिए क्यों अहम है यह आयोजन

भारत जहां वैश्विक स्तर पर जेनेरिक दवाओं में अग्रणी है, वहीं अब फोकस रिसर्च-आधारित इनोवेशन पर बढ़ रहा है। ऐसे सम्मेलन युवा वैज्ञानिकों को सन फार्मा, डॉ. रेड्डीज़ और सिप्ला जैसी बड़ी फार्मा कंपनियों के शीर्ष नेतृत्व के करीब लाने का अवसर देते हैं। ओडिशा के एक उभरते फार्मा हब के रूप में विकसित होने के साथ, भुवनेश्वर इस तरह के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के लिए एक उपयुक्त स्थान बनता जा रहा है।

स्किल-बेस्ड एजुकेशन मॉडल के लिए पहचानी जाने वाली CUTM ने इससे पहले भी ऐसे कई सफल आयोजन किए हैं। विश्वविद्यालय का फार्मेसी विभाग लगातार ऐसे स्नातक तैयार कर रहा है, जिन्हें देश की प्रमुख लैब्स और फार्मा संस्थानों में रोजगार मिल रहा है।

कार्यक्रम का संक्षिप्त विवरण

इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन नोवेल फ्रंटियर इन फार्मास्यूटिकल साइंसेज़

तिथि: 10–11 जनवरी 2026

स्थान: CUTM, भुवनेश्वर

फोकस: उभरते ट्रेंड्स और इनोवेशन

लैब प्रोडक्ट एक्सपो – 2025

तिथि: 11 जनवरी 2025

स्थान: आर्यभट्ट बिल्डिंग, CUTM

फोकस: लैब प्रोडक्ट्स और फार्मूलेशन

सम्मेलन में भाग लेने के इच्छुक शोधकर्ता, छात्र और फार्मा प्रोफेशनल्स पंजीकरण से जुड़ी अधिक जानकारी CUTM की वेबसाइट या फार्मेसी विभाग से प्राप्त कर सकते हैं। आयोजकों ने बताया है कि सीटें सीमित हैं, इसलिए समय रहते पंजीकरण कराने की सलाह दी गई है।

यह सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है, जब भारत का फार्मास्यूटिकल निर्यात पिछले वर्ष ₹2 लाख करोड़ के आंकड़े को पार कर चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मंच भारतीय फार्मा सेक्टर को कॉपीकैट ड्रग्स से आगे बढ़ाकर ओरिजिनल रिसर्च की दिशा में ले जाने में अहम भूमिका निभाएंगे।

एडइनबॉक्स टीम

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