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कलिंगा यूनिवर्सिटी में ‘फार्मास्युटिकल और एलाइड साइंसेज’ पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित

कलिंगा यूनिवर्सिटी में ‘फार्मास्युटिकल और एलाइड साइंसेज’ पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित

कलिंगा यूनिवर्सिटी में ‘फार्मास्युटिकल और एलाइड साइंसेज’ पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित

कलिंगा यूनिवर्सिटी (Kalinga University) में हाल ही में ‘Frontiers in Pharmaceutical and Allied Sciences: Translating Innovation into Impact to Sustainable and Equitable Healthcare’ विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में देश-विदेश के विशेषज्ञों और युवा शोधकर्ताओं ने भाग लिया और इस बात पर चर्चा की कि आधुनिक शोध किस तरह वैश्विक स्वास्थ्य सेवाओं के भविष्य को दिशा दे सकता है।

कार्यक्रम का मुख्य फोकस इस बात पर रहा कि फार्मास्युटिकल साइंस केवल लैब तक सीमित न रहकर वास्तविक जीवन की चुनौतियों—जैसे स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच, स्थिरता (सस्टेनेबिलिटी) और मरीज-केंद्रित देखभाल—को कैसे हल कर सकती है।

सम्मेलन में विद्वानों, शोधकर्ताओं, प्रैक्टिशनर्स, हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स और छात्रों ने हिस्सा लिया। इस दौरान विभिन्न विषयों पर नवीनतम शोध, चुनौतियों और इनोवेशन को लेकर व्यापक चर्चा हुई। दो दिनों तक चले सत्रों में छात्रों को यह समझने के लिए प्रेरित किया गया कि फार्मेसी केवल फॉर्मूलों और लैब प्रक्रियाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं में समानता और स्थिरता सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी है।

मुख्य अतिथि श्री बी. आर. साहू, एडिशनल ड्रग कंट्रोलर एवं रेगुलेटरी ऑफिसर, स्टेट फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, नया रायपुर ने अपने संबोधन में फार्मास्युटिकल क्षेत्र में रिसर्च, नवाचार और नियामकीय उत्कृष्टता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सुरक्षित, प्रभावी और गुणवत्ता-युक्त स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए इन तीनों का संतुलन बेहद जरूरी है।

विशिष्ट अतिथि प्रो. (डॉ.) मंजू सिंह, Pt. Ravishankar Shukla University से संबद्ध फार्मेसी संस्थान से, ने AI-आधारित प्रिसिजन मेडिसिन, जीन थेरेपी और इंटेलिजेंट ड्रग डिलीवरी सिस्टम जैसे उभरते क्षेत्रों पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि ये नई तकनीकें मरीजों के बेहतर इलाज और परिणामों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

कलिंगा यूनिवर्सिटी के छात्रों के लिए यह सम्मेलन थ्योरी और प्रैक्टिकल के बीच की दूरी को कम करने का एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ। विशेषज्ञों के साथ संवाद और वैश्विक ट्रेंड्स की जानकारी ने छात्रों को किताबों से आगे बढ़कर सोचने और बदलते हेल्थकेयर इकोसिस्टम में अपनी भूमिका को समझने में मदद की।

विश्वविद्यालय ने इस तरह के अंतरराष्ट्रीय अकादमिक आयोजनों को छात्रों के लिए ज्ञान, आत्मविश्वास और व्यापक दृष्टिकोण विकसित करने का माध्यम बताया। संस्थान का उद्देश्य है कि उसके छात्र फार्मास्युटिकल और एलाइड साइंसेज के भविष्य में सार्थक योगदान दे सकें।

Asmita Sarkar

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