
एमईटी इंस्टीट्यूट ऑफ मास मीडिया ने 27 मार्च 2026 को भारतीय सेना के पूर्व अधिकारी और कॉर्पोरेट लीडर कैप्टन रघु रमन का स्वागत एक प्रेरणादायक गेस्ट लेक्चर के लिए किया। इस खास सत्र में उन्होंने सियाचिन ग्लेशियर पर कमांडिंग अनुभव, अंगोला में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन, महिंद्रा ग्रुप में कॉर्पोरेट रणनीति और 2008 मुंबई हमलों के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अहम पहलुओं पर अपने अनुभव साझा किए।
कैप्टन रमन ने अपने करियर की यात्रा को विस्तार से बताते हुए बताया कि कैसे उन्होंने सियाचिन ग्लेशियर जैसे चुनौतीपूर्ण इलाके में सैन्य जिम्मेदारियां निभाईं और बाद में अंगोला में संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन का हिस्सा बने। इसके बाद उन्होंने महिंद्रा ग्रुप के साथ कॉर्पोरेट नेतृत्व की भूमिका निभाई। उन्होंने विशेष रूप से 2008 मुंबई आतंकी हमलों के बाद भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सुरक्षा पहल का नेतृत्व करने के अपने अनुभव को साझा किया, जिसे उन्होंने अपने करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक बताया। इन विविध अनुभवों ने मास कम्युनिकेशन के छात्रों को उच्च जोखिम वाले वातावरण में नेतृत्व की वास्तविक समझ प्रदान की।
यह सत्र बेहद इंटरैक्टिव रहा, जिसका संचालन फैकल्टी सदस्य साइमन और वृंदा ने किया। इस दौरान कैप्टन रमन ने एक नए प्रोजेक्ट विजन का भी खुलासा किया। एमईटी की इन-हाउस एजेंसी “एमईटी मीडिया कलेक्टिव” के छात्रों को इस प्रोजेक्ट के लिए ट्रीटमेंट नोट्स तैयार करने का अवसर दिया गया, जिससे उन्हें क्लासरूम में सीखी गई बातों को वास्तविक सरकारी प्रोजेक्ट से जोड़ने का अनुभव मिला।
इस सत्र का सबसे अहम संदेश छात्रों के लिए यह रहा कि वे अपने व्यक्तिगत कौशल, रुचियों और विशेषज्ञता को ऐसे काम से जोड़ें जो केवल पारंपरिक करियर विकल्पों तक सीमित न हो। कैप्टन रमन ने रणनीतिक सोच, लचीलापन और उद्देश्य आधारित निर्णय लेने की महत्ता पर जोर दिया, जिसने उपस्थित छात्रों पर गहरा प्रभाव छोड़ा।
एमईटी इंस्टीट्यूट ऑफ मास मीडिया द्वारा आयोजित यह सत्र इस बात का उदाहरण रहा कि संस्थान अपने छात्रों को विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्टता हासिल करने वाले उद्योग नेताओं से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। एक युद्धक्षेत्र कमांडर से लेकर राष्ट्रीय नीति निर्माण में योगदान देने तक का कैप्टन रमन का अनुभव आज के जटिल मीडिया परिवेश में काम कर रहे पेशेवरों के लिए बेहद उपयोगी सीख प्रस्तुत करता है।
इस आयोजन ने “एमईटी मीडिया कलेक्टिव” को एक ऐसे मंच के रूप में और मजबूत किया, जहां छात्र व्यावहारिक प्रोजेक्ट्स पर काम करते हुए मीडिया शिक्षा और वास्तविक दुनिया के प्रभाव के बीच संतुलन स्थापित कर सकते हैं। इस सत्र के बाद छात्र अपने करियर को लेकर अधिक स्पष्ट, रणनीतिक और उद्देश्यपूर्ण सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित हुए।




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