
वैश्विक स्तर पर तेजी से बदलते हालात के बीच अलायन्स यूनिवर्सिटी में “Emergence of a New World Order: International Law and Politics at the Crossroads?” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन 10 और 11 अप्रैल 2026 को किया जा रहा है। यह सेमिनार लर्निंग सेंटर 1 के तीसरे तल स्थित सेमिनार हॉल में आयोजित होगा, जहां देशभर से विशेषज्ञ, शोधकर्ता और छात्र एक मंच पर जुटकर मौजूदा जियोपॉलिटिकल परिस्थितियों पर चर्चा करेंगे।
अंतरराष्ट्रीय संबंधों में बढ़ते तनाव और बदलते समीकरणों के बीच यह सेमिनार बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दुनिया इस समय नए गठबंधनों, व्यापार युद्ध, जलवायु विवाद और उभरती वैश्विक शक्तियों की भूमिका जैसे कई बड़े मुद्दों से जूझ रही है। ऐसे में आयोजकों का उद्देश्य यह समझना है कि क्या अंतरराष्ट्रीय कानून राजनीतिक दबावों के चलते बदल रहा है और क्या पारंपरिक नियम “नए विश्व व्यवस्था” के साथ तालमेल बिठा पा रहे हैं।
सेमिनार के दौरान संयुक्त राष्ट्र में सुधार, इंडो-पैसिफिक रणनीतियां और वैश्विक शासन में तकनीक की बढ़ती भूमिका जैसे अहम विषयों पर विचार-विमर्श होगा। यह कार्यक्रम कानून के छात्रों, अंतरराष्ट्रीय संबंधों में रुचि रखने वालों और नीति-निर्माताओं के लिए विशेष रूप से उपयोगी साबित हो सकता है।
सेमिनार का एजेंडा
पहले दिन, यानी 10 अप्रैल को उद्घाटन सत्र के साथ कार्यक्रम की शुरुआत होगी, जिसमें अंतरराष्ट्रीय कानून के विकास और बहुध्रुवीय विश्व की शुरुआती झलकियों पर विशेषज्ञ अपने विचार रखेंगे। इसके बाद पैनल चर्चाओं में यूक्रेन संघर्ष, मध्य पूर्व की स्थिति और वैश्विक मंचों पर भारत की बढ़ती भूमिका जैसे विषय शामिल रहेंगे।
दूसरे दिन, 11 अप्रैल को भविष्य की संभावनाओं पर फोकस किया जाएगा। इसमें कूटनीति में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका, साइबर युद्ध से जुड़े कानून और सतत विकास लक्ष्यों पर चर्चा होगी। साथ ही इंटरैक्टिव वर्कशॉप और प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे प्रतिभागियों को अपने विचार रखने का अवसर मिलेगा।
हालांकि वक्ताओं और रजिस्ट्रेशन से जुड़ी पूरी जानकारी अभी जारी नहीं की गई है, लेकिन राष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन में बड़ी संख्या में प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है। लर्निंग सेंटर 1 का आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर देशभर से आने वाले प्रतिभागियों के लिए बेहतर अनुभव सुनिश्चित करेगा।
यह सेमिनार सिर्फ चर्चा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विचारों को वास्तविक दुनिया से जोड़ने का एक मंच भी है। खासकर उन छात्रों के लिए यह अवसर अहम है जो UPSC और CLAT जैसी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, जहां अंतरराष्ट्रीय संबंध एक महत्वपूर्ण विषय है।
अधिक जानकारी, रजिस्ट्रेशन और अपडेट्स के लिए इच्छुक प्रतिभागी आधिकारिक वेबसाइट या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर नजर रख सकते हैं।




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