द नॉर्थकैप यूनिवर्सिटी (The NorthCap University) ने नेशनल टेक्नोलॉजी डे 2026 के अवसर पर एक अखिल भारतीय सेमिनार का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का विषय “सस्टेनेबल इंटेलिजेंट कंप्यूटिंग: क्लाउड | क्वांटम | नैनो | ग्रीन | सॉवरेन कंप्यूटिंग” रखा गया था। सेमिनार में नई और टिकाऊ तकनीकों पर चर्चा की गई, जो भारत को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
यह कार्यक्रम यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में आयोजित किया गया। सेमिनार ने नेशनल टेक्नोलॉजी डे 2026 की थीम “एडवांस्ड टेक्नोलॉजीज फॉर आत्मनिर्भर भारत” को केंद्र में रखते हुए यह दिखाने की कोशिश की कि भारत किस तरह आधुनिक तकनीकी समाधानों के जरिए आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
इस कार्यक्रम का आयोजन The Institution of Engineers (India) Faridabad Local Centre और Haryana State Council for Science, Innovation & Technology के सहयोग से किया गया।
सेमिनार में इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स, वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और छात्रों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान क्लाउड कंप्यूटिंग, क्वांटम टेक्नोलॉजी, नैनो कंप्यूटिंग, ग्रीन कंप्यूटिंग और सॉवरेन कंप्यूटिंग सिस्टम्स जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
कार्यक्रम में Charu Smita Malhotra मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। वहीं Kalpana Johari और Kashish Bhagat ने मुख्य व्याख्यान दिए। इन सत्रों में प्रतिभागियों को तकनीकी नवाचार, इंटेलिजेंट सिस्टम्स और भविष्य में डेटा आधारित रिसर्च के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम की शुरुआत उद्घाटन भाषणों के साथ हुई, जिसमें शिक्षाविदों और तकनीकी विशेषज्ञों ने आधुनिक तकनीक और रिसर्च की भूमिका पर अपने विचार साझा किए। सेमिनार में तकनीकी शोध पत्र प्रस्तुतियां, प्रोजेक्ट डेमोंस्ट्रेशन और पोस्टर प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। इन गतिविधियों के जरिए छात्रों और शोधकर्ताओं को अपने नए आइडियाज और रिसर्च कार्य प्रस्तुत करने का अवसर मिला।
कार्यक्रम में यूनिवर्सिटी के कई वरिष्ठ शिक्षाविद और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े गणमान्य लोग मौजूद रहे। समापन सत्र में उत्कृष्ट रिसर्च, नवाचार और तकनीकी प्रस्तुतियों के लिए प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया गया।
State Bank of India ने इस कार्यक्रम को सह-प्रायोजक के रूप में समर्थन दिया। बैंक की ओर से उप प्रबंधक Namrata Khurana कार्यक्रम में शामिल हुईं।
आयोजकों के अनुसार, इस सेमिनार का उद्देश्य सतत और इंटेलिजेंट तकनीकों पर चर्चा को बढ़ावा देना था, ताकि आत्मनिर्भर भारत मिशन के तहत भारत तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के शैक्षणिक कार्यक्रम रिसर्च, इंडस्ट्री और उच्च शिक्षा संस्थानों के बीच मजबूत संबंध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खासकर ऐसे समय में जब देश में एडवांस्ड कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्वदेशी तकनीकी नवाचारों पर तेजी से फोकस बढ़ रहा है।




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