Edinbox Hindi
IILM यूनिवर्सिटी के HR Conclave 2.0 में AI के दौर में कामकाज के भविष्य पर हुई चर्चा

IILM यूनिवर्सिटी के HR Conclave 2.0 में AI के दौर में कामकाज के भविष्य पर हुई चर्चा

IILM यूनिवर्सिटी के HR Conclave 2.0 में AI के दौर में कामकाज के भविष्य पर हुई चर्चा

IILM यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित HR Conclave 2.0 में उद्योग जगत के वरिष्ठ नेताओं, मानव संसाधन (HR) विशेषज्ञों, नवाचारकर्ताओं और परिवर्तन के क्षेत्र में काम कर रहे पेशेवरों ने हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में तेजी से तकनीक आधारित होती दुनिया में कामकाज के भविष्य, नेतृत्व और कार्यबल में हो रहे बदलावों पर गहन चर्चा की गई।

“द सेंटिएंट वर्कफोर्स: लीडिंग विद इंटेलिजेंस, इन्क्लूजन एंड इंटेंट इन द एज ऑफ AI” विषय पर आयोजित इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य यह समझना था कि संगठन तकनीकी प्रगति और मानवीय क्षमताओं के बीच संतुलन कैसे स्थापित कर सकते हैं। साथ ही बदलते कार्यस्थलों में अनुकूलन क्षमता और उद्देश्यपूर्ण नेतृत्व की भूमिका पर भी विचार-विमर्श किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य वक्तव्य सत्र, पैनल चर्चाएं, नेटवर्किंग अवसर और उद्योग जगत के साथ संवाद आयोजित किए गए। इन सत्रों में कार्यस्थलों से जुड़ी मौजूदा चुनौतियों और अवसरों पर विस्तार से चर्चा हुई। बातचीत का केंद्र भविष्य के लिए तैयार प्रतिभाओं का विकास, जेनरेशन Z के लिए नेतृत्व की नई परिभाषा, समावेशी कार्यस्थलों का निर्माण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा मानवीय क्षमताओं के बदलते संबंध को समझना रहा।

विशेषज्ञों ने प्रतिभा अधिग्रहण (Talent Acquisition), कार्यबल विकास, संगठनात्मक परिवर्तन और बदलती कार्य संस्कृति के अनुरूप नेतृत्व रणनीतियों पर अपने विचार साझा किए। प्रमुख वक्ताओं में यूनाइटेडलेक्स की ग्लोबल टैलेंट एक्विजिशन डायरेक्टर नित्या चंदर, बिरलासॉफ्ट के सीनियर डायरेक्टर – टैलेंट एक्विजिशन प्रभंजन प्रसून और मर्काडोस एनर्जी मार्केट इंडिया की मानव संसाधन निदेशक उरूज फातिमा शामिल रहीं।

वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि तेजी से बदलती तकनीकी परिस्थितियों के बीच ऐसे कार्यस्थलों का निर्माण जरूरी है जो लचीले और समावेशी हों। साथ ही कर्मचारियों के विकास, सहभागिता और कल्याण को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

चर्चाओं में यह भी सामने आया कि भविष्य के कार्यबल की जरूरतों को पूरा करने के लिए संगठनों को कौशल विकास में निवेश करना होगा, नवाचार को अपनाना होगा और ऐसे कार्य वातावरण तैयार करने होंगे जो सहयोग तथा निरंतर सीखने की संस्कृति को बढ़ावा दें।

आयोजकों के अनुसार, HR Conclave 2.0 का उद्देश्य शिक्षण संस्थानों और उद्योग जगत के बीच सार्थक संवाद को बढ़ावा देना था। यह मंच विचारों के आदान-प्रदान के लिए तैयार किया गया, ताकि भविष्य के कार्यस्थलों को अधिक प्रभावी और मानवीय बनाया जा सके।

जैसे-जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विभिन्न उद्योगों को प्रभावित कर रहा है, कॉन्क्लेव के दौरान एक बात बार-बार सामने आई कि कामकाज का भविष्य केवल तकनीक पर निर्भर नहीं होगा। प्रतिभागियों ने माना कि प्रभावी नेतृत्व, मानवीय जुड़ाव, समावेशन और स्पष्ट उद्देश्य भविष्य के सफल और टिकाऊ संगठनों की आधारशिला बने रहेंगे।

कॉन्क्लेव का समापन ऐसे कार्यस्थलों के निर्माण के साझा संकल्प के साथ हुआ, जहां नवाचार और संवेदनशीलता साथ-साथ आगे बढ़ें। कार्यक्रम ने इस विचार को मजबूत किया कि भविष्य का कार्यबल केवल बुद्धिमत्ता से नहीं, बल्कि स्पष्ट उद्देश्य और मानव-केंद्रित नेतृत्व से भी परिभाषित होगा।

Asmita Sarkar

Add comment

Recent posts

Most popular

Most discussed