
पर्यावरण संरक्षण और हरित परिसर (ग्रीन कैंपस) की दिशा में अपने प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए शिमला यूनिवर्सिटी (एपीजी) ने हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल श्री कविंदर गुप्ता को ‘एक पेड़ मां के नाम’ वृक्षारोपण अभियान में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। राज्यपाल ने इस निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है और वह 3 अगस्त 2026 को विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित होने वाले इस विशेष अभियान में भाग लेंगे।
यह आमंत्रण शुक्रवार को शिमला स्थित लोक भवन में राज्यपाल और विश्वविद्यालय के प्रबंधन प्रतिनिधियों के बीच हुई शिष्टाचार मुलाकात के दौरान दिया गया।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करना है। इस पहल के तहत अपनी मां के सम्मान में एक पौधा लगाने का संदेश दिया जाता है, ताकि समाज में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित हो। साथ ही छात्रों, शिक्षकों और स्थानीय समुदाय के बीच सतत विकास (सस्टेनेबिलिटी) और हरित जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी प्रयास किया जा रहा है।
शिमला यूनिवर्सिटी इस अभियान को अपने ग्रीन कैंपस मिशन का महत्वपूर्ण हिस्सा मानती है। विश्वविद्यालय का लक्ष्य परिसर में अधिक से अधिक हरियाली बढ़ाना और छात्रों के बीच पर्यावरण के अनुकूल व्यवहार को प्रोत्साहित करना है।
बैठक के दौरान विश्वविद्यालय प्रबंधन ने हिमाचल प्रदेश के शिक्षण संस्थानों को नशा मुक्त परिसर बनाने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर भी चर्चा की। इस दौरान छात्रों को नशे की लत से बचाने, सुरक्षित और स्वस्थ शैक्षणिक वातावरण तैयार करने तथा अनुशासित परिसर संस्कृति को मजबूत करने के लिए संयुक्त प्रयासों पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में पर्यावरण संरक्षण, छात्र कल्याण और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति शिमला यूनिवर्सिटी की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया गया। विश्वविद्यालय ने कहा कि वह राष्ट्र निर्माण और सामुदायिक विकास से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में सकारात्मक योगदान देने के लिए लगातार प्रयासरत है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने उम्मीद जताई कि राज्यपाल की मौजूदगी से ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को नई ऊर्जा मिलेगी और छात्र, शिक्षक तथा आम नागरिक पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक सक्रिय रूप से आगे आएंगे। साथ ही यह अभियान हरित भविष्य के लिए सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश भी मजबूत करेगा।




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