
अहमदाबाद: सिल्वर ओक यूनिवर्सिटी के सिल्वर ओक कॉलेज ऑफ नर्सिंग द्वारा 8 अगस्त 2026 को Clinical Simulation Strategies विषय पर एक विशेष पेडागॉजी सत्र आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य नर्सिंग शिक्षकों के बीच सिमुलेशन-आधारित शिक्षण पद्धतियों को मजबूत करना और कक्षा में मिलने वाले सैद्धांतिक ज्ञान तथा वास्तविक क्लिनिकल प्रैक्टिस के बीच की दूरी को कम करना है।
यह सत्र नर्सिंग फैकल्टी को आधुनिक और प्रभावी क्लिनिकल सिमुलेशन तकनीकों से परिचित कराने के लिए तैयार किया गया है। इसके माध्यम से शिक्षकों को ऐसे नवाचारपूर्ण तरीकों की जानकारी दी जाएगी, जो शिक्षण की गुणवत्ता बढ़ाने, व्यावहारिक सीखने के परिणामों को बेहतर बनाने और छात्रों को वास्तविक स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी परिस्थितियों के लिए तैयार करने में मदद करते हैं।
आज के समय में सिमुलेशन-आधारित शिक्षा नर्सिंग प्रशिक्षण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। इसी को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम में उन तरीकों पर चर्चा की जाएगी, जिनके जरिए सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव और क्लिनिकल निर्णय लेने की क्षमता के साथ जोड़ा जा सकता है। इसका उद्देश्य छात्रों को अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में आने वाली वास्तविक चुनौतियों के लिए बेहतर रूप से तैयार करना है।
इस पेडागॉजी सत्र का संचालन सुश्री रेनू तिवारी, सहायक प्रोफेसर, सिल्वर ओक कॉलेज ऑफ नर्सिंग द्वारा किया जाएगा। वह नर्सिंग शिक्षा में क्लिनिकल सिमुलेशन को प्रभावी तरीके से शामिल करने के व्यावहारिक अनुभव और रणनीतियां साझा करेंगी। कार्यक्रम के समन्वयक श्री हेमांग मोदी, सहायक प्रोफेसर, सिल्वर ओक कॉलेज ऑफ नर्सिंग हैं।
यह सत्र दोपहर 3:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक ए-302, ए ब्लॉक में आयोजित होगा। कार्यक्रम विशेष रूप से नर्सिंग फैकल्टी के लिए तैयार किया गया है और इसका उद्देश्य स्वास्थ्य शिक्षा में छात्र-केंद्रित (Learner-Centred) तथा प्रमाण-आधारित (Evidence-Based) शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देना है।
विशेषज्ञों के अनुसार क्लिनिकल सिमुलेशन नर्सिंग शिक्षा के सबसे प्रभावी शिक्षण उपकरणों में से एक बन चुका है। इसके माध्यम से छात्र सुरक्षित और नियंत्रित वातावरण में मरीजों की देखभाल, आलोचनात्मक सोच (Critical Thinking), संचार कौशल और क्लिनिकल निर्णय लेने जैसी महत्वपूर्ण क्षमताओं का अभ्यास कर सकते हैं। इससे उन्हें वास्तविक अस्पतालों में काम शुरू करने से पहले आवश्यक अनुभव और आत्मविश्वास प्राप्त होता है।
सिल्वर ओक यूनिवर्सिटी का मानना है कि बदलते स्वास्थ्य क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप शिक्षकों को नई तकनीकों और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से जोड़ना बेहद जरूरी है। इसी दिशा में यह पेडागॉजी सत्र फैकल्टी विकास और शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने की एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। विश्वविद्यालय लगातार ऐसे कार्यक्रम आयोजित कर रहा है, जो नर्सिंग शिक्षा को अधिक व्यावहारिक, प्रभावी और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप बनाने में मदद करें।




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