
आईआईएलएम एकेडमी ऑफ हायर लर्निंग ने डॉ. ए.वी. वेदपुरिष्वर को शामिल कर अपनी शैक्षणिक और उद्योग से जुड़ी क्षमता को और मजबूत किया है।डॉ. वेदपुरिष्वर कॉग्निज़ेंट के पूर्व सीनियर डायरेक्टर रहे हैं और आईआईटी खड़गपुर तथा आईआईएम कोलकाता के एलुमनस हैं। उनका जुड़ना इस बात को रेखांकित करता है कि उन्होंने दुनिया भर में व्यापक कॉरपोरेट अनुभव हासिल किया है, जो आईआईएलएम जयपुर के पीजीडीएम प्रोग्राम्स में गहरी नेतृत्व क्षमता जोड़ता है। विश्वविद्यालय के आधिकारिक बयान में कहा गया कि “उनका वैश्विक कॉरपोरेट और अकादमिक अनुभव हमारे संस्थान में मजबूत नेतृत्व और विशेषज्ञता लेकर आएगा।” यह कदम आईआईएलएम की उस शिक्षा–दृष्टि को भी आगे बढ़ाता है, जिसमें 2025 के एडमिशन सत्र के लिए मैनेजमेंट शिक्षा के व्यावहारिक प्रशिक्षण पर जोर दिया गया है।
आईआईएलएम जयपुर, जिसे 1998 से एआईसीटीई की मान्यता प्राप्त है, दो वर्षीय फुल-टाइम पीजीडीएम प्रोग्राम ऑफर करता है, जिसमें प्रैक्टिकल ट्रेनिंग, 300 से अधिक कंपनियों में प्लेसमेंट अवसर—जैसे यस बैंक, इंफोसिस और टाटा ग्रुप—और CAT 80+ स्कोर पर 75% तक की स्कॉलरशिप शामिल है। संस्थान की गवर्निंग बोर्ड का नेतृत्व डायरेक्टर डॉ. समर साराभाई करते हैं और इसमें आईआईएलएम ग्रुप की वाइस चांसलर डॉ. सुजाता शाह भी शामिल हैं।
डॉ. वेदपुरिष्वर का नेतृत्व छात्रों के मेंटरशिप अनुभव को और समृद्ध करेगा, क्योंकि वे कक्षा की पढ़ाई को कॉरपोरेट ज्ञान के साथ जोड़ते हुए वास्तविक उद्योग समझ प्रदान करेंगे।




Add comment