
शूलिनी यूनिवर्सिटी ने अपने हालिया इंस्टाग्राम पोस्ट में साझा किया कि किस तरह वह फार्मा सेक्टर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को ज़्यादा प्रभावी और भविष्य-उन्मुख बना रही है। यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज़ ने ई- युवा सेंटर और iHUB Shoolini के सहयोग से तीन दिवसीय AI in Pharmaceutical Sciences Workshop का सफल आयोजन किया, जिसे E-CELL IIT Hyderabad का सहयोग भी मिला। यह इनोवेशन वर्कशॉप छात्रों को ड्रग डिस्कवरी, मशीन लर्निंग और रिस्पॉन्सिबल AI से जुड़े नवीन कौशल देने पर केंद्रित रही।
फार्मा लीडर्स ने साझा किए AI के बड़े इनोवेशन
इस वर्कशॉप में चांसलर प्रो. पी.के. खोसला, प्रेसिडेंट इनोवेशन प्रो. आशीष खोसला और IIT हैदराबाद के डॉ. पुनीत ने विभिन्न सेशन्स का नेतृत्व किया। छात्रों ने गहराई से सीखा कि AI किस तरह ड्रग डिस्कवरी, कंपाउंड जेनरेशन, इमेज एनालिसिस और रेट्रोसिंथेसिस को बदल रहा है। प्रतिभागियों ने इसे “फार्मा इनोवेशन का भविष्य” बताया, खासकर Python आधारित फार्मा टूल्स पर काम करते हुए जो उद्योग में क्रांतिकारी बदलाव ला रहे हैं।
रियल-वर्ल्ड इम्पैक्ट के लिए हैंड्स-ऑन AI ट्रेनिंग
तीन दिनों की इस वर्कशॉप में प्रतिभागियों ने रियल डाटासेट्स पर Python एनालिसिस किया, सरल वेब टूल्स तैयार किए और Responsible AI ethics पर चर्चा की। एक प्रो डेवलपमेंट ट्रैक भी शामिल था, जो AI in Pharma करियर के लिए छात्रों की डिजिटल प्रोफाइल को और मज़बूत करेगा। यह सचमुच एक ऐसा अनुभव था जिसमें सिद्धांत और प्रैक्टिकल स्किल्स का बेहतरीन मेल देखने को मिला।
शूलिनी के छात्र अब ज़ोनल चैंपियनशिप की ओर!
वर्कशॉप के समापन पर शूलिनी यूनिवर्सिटी के पाँच छात्रों को IIT Hyderabad Zonal Championship में हिस्सा लेने के लिए चुना गया—जो यूनिवर्सिटी के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। यह माइलस्टोन साबित करता है कि शूलिनी यूनिवर्सिटी फार्मास्यूटिकल साइंसेज़ में मशीन लर्निंग और AI के जरिए अकादमिक और उद्योग के बीच मजबूत पुल बना रही है।




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