
पारुल यूनिवर्सिटी, वडोदरा मैन्युफैक्चरिंग इनोवेशन की दिशा में एक अहम भूमिका निभा रही है। 11 जनवरी 2026 को विश्वविद्यालय ने एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी के लिए एक नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की शुरुआत की घोषणा की। इस केंद्र को गुजरात सरकार के उद्योग आयुक्तालय (Industries Commissionerate) से ₹1.17 करोड़ की आर्थिक सहायता मिली है। इसका उद्देश्य कैंपस में होने वाले शोध को सीधे फैक्ट्रियों की वास्तविक जरूरतों से जोड़ना है। अगर आप पारुल यूनिवर्सिटी, गुजरात में एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग कोर्स या MSME के लिए स्किल डेवलपमेंट से जुड़ी खबरें खोज रहे हैं, तो यह एक बड़ी अपडेट है।
यह सेंटर अगली पीढ़ी की मैन्युफैक्चरिंग तकनीकों पर केंद्रित होगा, जिनमें स्मार्ट ऑटोमेशन, इंडस्ट्री 4.0 और सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग शामिल हैं। इसका मकसद शिक्षा जगत और उद्योग के बीच मजबूत तालमेल बनाना है, ताकि खासकर छोटे और मझोले उद्योग (MSME) तेजी से नवाचार कर सकें। इससे छात्रों और फैकल्टी को प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट्स पर काम करने का मौका मिलेगा, वहीं गुजरात की फैक्ट्रियों को नए और उपयोगी विचार मिलेंगे। यह पहल राज्य सरकार के तकनीकी विकास, रोजगार बढ़ाने और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लक्ष्य के अनुरूप है।
इस सेंटर की सबसे खास बात है कि यहां पूरा फोकस एप्लाइड रिसर्च पर रहेगा। यहां ट्रेनिंग वर्कशॉप, इनोवेशन लैब्स और इंडस्ट्री पार्टनरशिप के जरिए विचारों को सीधे उत्पादों में बदलने पर काम होगा। वडोदरा लिटरेचर फेस्टिवल और IIMUN जैसे आयोजनों के जरिए पहले ही अपनी पहचान बना चुकी पारुल यूनिवर्सिटी अब इंडस्ट्री और एकेडमिक्स के संगम में अग्रणी भूमिका निभा रही है। यह पहल भविष्य की कार्यशक्ति के लिए फायदेमंद साबित होगी, क्योंकि इससे वडोदरा के युवाओं को एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी में जरूरी स्किल्स मिलेंगी।
गुजरात में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के तेजी से बढ़ते दौर में इस सेंटर का शुभारंभ बेहद सही समय पर हुआ है। सरकार के सहयोग से यह केंद्र बड़ी और छोटी दोनों तरह की इंडस्ट्री को लाभ पहुंचाएगा। पारुल यूनिवर्सिटी एडमिशन, गुजरात स्किल प्रोग्राम और मैन्युफैक्चरिंग करियर से जुड़ी ताजा जानकारी के लिए एडइनबॉक्स (EdInbox) पर नजर बनाए रखें।




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