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आरएनटीयू भोपाल में शोध शिखर 2026 का आयोजन, ग्रीन टेक कॉन्फ्रेंस में देश के शीर्ष वैज्ञानिक होंगे शामिल

आरएनटीयू भोपाल में शोध शिखर 2026 का आयोजन, ग्रीन टेक कॉन्फ्रेंस में देश के शीर्ष वैज्ञानिक होंगे शामिल

आरएनटीयू भोपाल में शोध शिखर 2026 का आयोजन, ग्रीन टेक कॉन्फ्रेंस में देश के शीर्ष वैज्ञानिक होंगे शामिल

रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय (RNTU), भोपाल 6 और 7 फरवरी 2026 को पांचवें शोध शिखर सम्मेलन का आयोजन करने जा रहा है। यह राष्ट्रीय स्तर का सम्मेलन भारत के प्रमुख वैज्ञानिकों, नवाचार विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं को एक मंच पर लाएगा। सम्मेलन की थीम “Innovations for Impact – Advancing Green Technologies and SDGs” रखी गई है, जिसमें ग्रीन टेक्नोलॉजी, नवीकरणीय ऊर्जा और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) पर गहन चर्चा होगी। इस आयोजन के साथ आरएनटीयू ग्रीन इनोवेशन और रिसर्च के राष्ट्रीय केंद्र के रूप में उभरेगा।

शोध शिखर सम्मेलन के बारे में

शोध शिखर 2026 का मुख्य फोकस सतत विकास लक्ष्यों पर रहेगा। “Sustainable Goals Development” थीम के तहत यह सम्मेलन भारत की पर्यावरणीय चुनौतियों के व्यावहारिक समाधान तलाशेगा, जिनमें नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देना और जलवायु अनुकूल कृषि प्रमुख हैं। यह दो दिवसीय हाइब्रिड सम्मेलन होगा, जिसमें 500 से अधिक शोधकर्ता, नीति निर्माता, उद्योग विशेषज्ञ और 1200 से ज्यादा प्रस्तुतकर्ता ऑनलाइन और ऑफलाइन भाग लेंगे।

सम्मेलन के लिए रजिस्ट्रेशन 15 अक्टूबर 2025 से शुरू हुए थे। शोधकर्ताओं की भारी भागीदारी को देखते हुए अंतिम तिथि को पहले 15 दिसंबर से बढ़ाकर 30 दिसंबर किया गया और फिर अंतिम रूप से 20 जनवरी 2026 तक बढ़ाया गया। सम्मेलन आरएनटीयू के मुख्य परिसर में आयोजित होगा, जहां विश्वविद्यालय के 17 से अधिक विभाग मेजबान और प्रतिभागी के रूप में शामिल होंगे। इसमें 10 समानांतर ट्रैक्स में 30 से अधिक सत्र (कुल 40 सत्र) आयोजित किए जाएंगे, जिनमें विशेषज्ञ वक्ताओं के साथ उन्नत शोध प्रस्तुतियां होंगी।

शोध शिखर 2026 के प्रमुख वक्ता

डॉ. विशाल चौधरी, वैज्ञानिक ‘एफ’ और भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार, सम्मेलन में विशेष रूप से शामिल होंगे। वे ग्रीन टेक्नोलॉजी और राष्ट्रीय नवाचार नीति पर अपने अनुभव साझा करेंगे और स्वदेशी अनुसंधान व सार्वजनिक-निजी भागीदारी के जरिए भारत के नेट-जीरो लक्ष्य की रूपरेखा पर चर्चा करेंगे।

डॉ. अपर्णा एन, ग्रुप डायरेक्टर, एनआरएससी हैदराबाद (इसरो), पृथ्वी अवलोकन और रिमोट सेंसिंग के क्षेत्र में अपने दशकों के अनुभव के आधार पर सतत कृषि, आपदा प्रबंधन और शहरी नियोजन में सैटेलाइट तकनीक की भूमिका पर प्रकाश डालेंगी। उनका कार्य SDG-13 (जलवायु कार्रवाई) और SDG-15 (स्थलीय जीवन) से जुड़ा है।

डॉ. नीता चौबे शर्मा, मैनेजर (पब्लिकेशंस – इंग्लिश), अटल बिहारी वाजपेयी इंस्टिट्यूट ऑफ गुड गवर्नेंस एंड पॉलिसी एनालिसिस, पूर्व प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष रह चुकी हैं। वे पांच पुस्तकों की लेखिका हैं और उनके राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई प्रकाशन हैं। उनका कार्य अकादमिक शोध और नीति निर्माण के बीच सेतु का काम करता है।

सीएफएसएल भोपाल की वैज्ञानिक ‘बी’ सुश्री सुनैना भटनागर भी वक्ताओं की सूची में शामिल हैं। फॉरेंसिक साइंस में 16 वर्षों से अधिक अनुभव रखने वाली सुश्री भटनागर ने 300 से अधिक SOC और 100 से ज्यादा NDPS मामलों में काम किया है तथा 1000 से अधिक फॉरेंसिक जांचों में योगदान दिया है। वे दिल्ली दंगे 2020, IED रिकवरी और कई बड़े आपराधिक मामलों से जुड़ी रही हैं और माननीय न्यायालयों में विशेषज्ञ गवाह के रूप में भी अपनी भूमिका निभा चुकी हैं।

एग्री-इनपुट्स, किसान वित्त और मार्केट लिंकेज प्लेटफॉर्म FarmRise One के संस्थापक माइकल श्क्लोव्स्की भारतीय एग्रीटेक इनोवेशन में वैश्विक निवेश के रुझानों पर अपनी बात रखेंगे। वे SDG-2 (भूखमुक्ति) के तहत भारतीय किसानों के लिए स्केलेबल और जलवायु-स्मार्ट समाधानों पर चर्चा करेंगे।

सिंजेंटा इंडिया में क्रॉप प्रोटेक्शन डेवलपमेंट के प्रमुख डॉ. विनोद शिवरैन टिकाऊ कृषि में निजी क्षेत्र की भूमिका पर प्रकाश डालेंगे। वे जैविक फसल समाधान और इंटीग्रेटेड पेस्ट मैनेजमेंट के विशेषज्ञ हैं, जिससे रासायनिक उपयोग कम हो और जलवायु अनुकूल खेती को बढ़ावा मिले।

पंजाब विश्वविद्यालय के हरगोबिंद खुराना बायोसेंटर के प्रोफेसर डॉ. रजत संधीर भी सम्मेलन की शोभा बढ़ाएंगे। न्यूरोडीजेनेरेटिव रिसर्च और ब्रेन हेल्थ में 30 वर्षों का अनुभव रखने वाले डॉ. संधीर 200 से अधिक शोध पत्रों के लेखक हैं और स्टैनफोर्ड की सूची के अनुसार दुनिया के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों में शामिल हैं।

क्यों खास है शोध शिखर 2026

शोध शिखर 2026 भोपाल को सतत तकनीक और ग्रीन इनोवेशन का केंद्र बनाएगा। सरकार, इसरो, उद्योग, निवेशकों और शोधकर्ताओं को एक मंच पर लाकर यह सम्मेलन जलवायु परिवर्तन से जुड़ी चुनौतियों के समाधान के लिए नए सहयोग के अवसर खोलेगा। इसमें 500 से अधिक शोध पत्र, 100 से ज्यादा नवाचार और रिसर्च प्रोजेक्ट्स प्रस्तुत किए जाएंगे। साथ ही कई विशेष अतिथि वक्ता भी शामिल होंगे, जिनके नाम जल्द घोषित किए जाएंगे।

देशभर से शोधकर्ता, नीति निर्माता और ग्रीन टेक्नोलॉजी से जुड़े पेशेवर बड़ी संख्या में इसमें भाग लेने की उम्मीद है।

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें:

ईमेल: shodhshikhar@rntu.ac.in

फोन: 0755-2700431

Asmita Sarkar

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