
AIFest 2026 के मंच पर चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने ‘रेज़िलिएंट इंडिया’ पहल की शुरुआत की है, जो जलवायु परिवर्तन और आपदा प्रबंधन को लेकर एक महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय परियोजना है। इस पहल का उद्देश्य विशेषज्ञों, छात्रों और नीति-निर्माताओं को एक मंच पर लाकर भारत को आपदा-रोधी (डिज़ास्टर रेज़िलिएंट) बनाना है। देशभर में बढ़ते जलवायु जोखिमों के बीच यह पहल दूरदर्शी सोच, नीति निर्माण और नवाचार का समन्वय प्रस्तुत करती है, जो टिकाऊ भविष्य की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
रेज़िलिएंट इंडिया पहल क्या है?
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के नेतृत्व में शुरू की गई ‘रेज़िलिएंट इंडिया’ पहल जलवायु कार्रवाई और आपदा सहनशीलता पर केंद्रित है। इसमें सार्थक संवाद और ज़मीनी स्तर पर लागू होने वाले समाधानों पर ज़ोर दिया गया है। इस राष्ट्रीय मंच के तहत जलवायु से जुड़ी मौजूदा चुनौतियों पर ठोस और व्यावहारिक रणनीतियां तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है।
इस पहल के अंतर्गत कार्यक्रम से पहले नॉलेज सीरीज़ आयोजित की जा रही है, जिसमें नवीनतम जलवायु रणनीतियों पर आधारित मुफ्त वेबिनार शामिल हैं। इसके अलावा, एक उच्चस्तरीय राउंड टेबल चर्चा में वरिष्ठ नीति-निर्माता कार्रवाई योग्य नीतियों पर मंथन करेंगे। साथ ही छात्रों के लिए ‘रेज़िलिएंट वर्ल्ड सॉल्यूशंस’ नामक प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है, जहां वास्तविक प्रभाव डालने वाले समावेशी समाधानों को प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।
यह बहु-विषयक पहल इंजीनियरिंग, सामाजिक विज्ञान, पर्यावरण और तकनीक से जुड़े विशेषज्ञों को आकर्षित कर रही है, ताकि भारत के सामने मौजूद गंभीर जलवायु समस्याओं का समाधान निकाला जा सके।
भारत की जलवायु लड़ाई में क्यों है यह पहल अहम?
भारत हर साल बाढ़, सूखा और भीषण गर्मी जैसी प्राकृतिक आपदाओं का सामना करता है। ‘रेज़िलिएंट इंडिया’ देश को बेहतर तैयारी और समाधान के साधन उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है। शिक्षाविदों, उद्योग विशेषज्ञों, विचारकों, शोधकर्ताओं और छात्रों के बीच विचारों का आदान-प्रदान हो रहा है, जिससे सरकार और समुदायों के लिए व्यवहारिक और प्रमाण-आधारित समाधान सामने आ सकें।
इस पहल के जरिए चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी एक नवाचार केंद्र के रूप में उभर रही है, जहां शोध, नीति और युवा शक्ति को जोड़कर मजबूत और टिकाऊ राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
छात्रों के लिए विशेष प्रतियोगिता
‘रेज़िलिएंट वर्ल्ड सॉल्यूशंस’ नाम की यह बहु-विषयक छात्र प्रतियोगिता सभी विषयों के विद्यार्थियों के लिए खुली है। इसमें ऐसे मॉडल और आइडिया आमंत्रित किए जा रहे हैं, जो समावेशी हों, बड़े स्तर पर लागू किए जा सकें और समुदाय-केंद्रित वास्तविक प्रभाव पैदा करें।
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी का जलवायु नेतृत्व
उत्तर भारत की अग्रणी यूनिवर्सिटी के रूप में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी इस तरह के मंचों के जरिए नई सीमाएं तय कर रही है। यह पहल छात्रों को तकनीक और पर्यावरण के क्षेत्र में टिकाऊ करियर के लिए तैयार करती है, चाहे वह यूनिवर्सिटी की रिसर्च लैब्स हों या अंतरराष्ट्रीय सहयोग।
अधिक जानकारी के लिए संबंधित कोऑर्डिनेटर से संपर्क किया जा सकता है।




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