
BMS College of Engineering (BMSCE) की एनएसएस इकाई को “नेशनल सोशल इम्पैक्ट अवॉर्ड” से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार National Integrated Forum of Artists and Activists (NIFAA) इंडिया और NSS State Cell द्वारा प्रदान किया गया। यह सम्मान वर्ष 2025 के ‘संवेदना-2 रक्तदान अभियान’ में इकाई के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिया गया है।
यह पुरस्कार पद्मश्री से सम्मानित Dr. C. R. Chandrashekhar ने प्रदान किया। इस अवसर पर एनएसएस स्टेट ऑफिसर Dr. Prathap Lingaiah और NIFAA के राष्ट्रीय अध्यक्ष Dr. Ashwin S. Shetty भी उपस्थित रहे। यह सम्मान एनएसएस इकाई का नेतृत्व कर रहीं डॉ. सुजाता एन. की प्रभावी अगुवाई को भी रेखांकित करता है।
संवेदना-2 अभियान 2025 की सफलता ने नए कीर्तिमान स्थापित किए। BMSCE की टीम ने पूरे Karnataka में 1,055 रक्तदान शिविर आयोजित किए। इस विशाल अभियान के जरिए हजारों लोगों को रक्तदान से सहायता मिली और छात्र-नेतृत्व वाले सामाजिक सेवा कार्यों की नई मिसाल कायम हुई।
एनएसएस इकाई को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली है। इंग्लैंड स्थित World Record of Excellence ने ‘संवेदना-II 2025’ के तहत दुनिया के सबसे बड़े रक्तदान अभियान में योगदान के लिए प्रशंसा प्रमाणपत्र प्रदान किया। ये दोनों सम्मान इकाई के मानवीय और सामाजिक प्रभाव को दर्शाते हैं।
विश्वविद्यालय नेतृत्व ने इस उपलब्धि का श्रेय टीमवर्क को दिया। एनएसएस इकाई ने BMSCE प्रबंधन और प्राचार्य के निरंतर सहयोग के लिए आभार जताया। संस्थान के मार्गदर्शन से छात्रों ने प्रभावी सामुदायिक सेवा परियोजनाएं संचालित कीं, जिनका लाभ कर्नाटक के हजारों लोगों तक पहुंचा।
इंजीनियरिंग कॉलेजों में जहां आमतौर पर प्लेसमेंट और रैंकिंग पर ज्यादा जोर रहता है, वहीं BMSCE ने सामाजिक जिम्मेदारी के क्षेत्र में अलग पहचान बनाई है। यह सफलता दिखाती है कि कर्नाटक के इंजीनियरिंग छात्र पढ़ाई और समाज सेवा के बीच संतुलन बनाने में सक्षम हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह पहचान BMSCE को उन संस्थानों के लिए एक आदर्श मॉडल बनाती है जो तकनीकी उत्कृष्टता के साथ मानवीय सेवा को भी प्राथमिकता देते हैं। National Institutional Ranking Framework (NIRF) से जुड़े संस्थानों के लिए भी यह एक प्रेरक उदाहरण है।




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