
उभरती तकनीकों के क्षेत्र में इंडस्ट्री और शिक्षा जगत के बीच सहयोग को मजबूत करने की दिशा में शूलिनी यूनिवर्सिटी ने एंटियर सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के साथ पांच साल का समझौता ज्ञापन (MoU) साइन किया है। इस साझेदारी के तहत दोनों संस्थान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (LLMs), ब्लॉकचेन और टेक्नोलॉजी आधारित इनोवेशन के क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे।
इस समझौते पर शूलिनी यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट इनोवेशन एंड AI तथा योगानंदा स्कूल ऑफ AI, कंप्यूटर्स एंड डेटा साइंस के निदेशक प्रो. आशीष खोसला और एंटियर सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर विक्रम सिंह ने हस्ताक्षर किए।
यूनिवर्सिटी और कंपनी के बीच यह साझेदारी छात्रों को तेजी से बढ़ते टेक्नोलॉजी सेक्टर में व्यावहारिक अनुभव देने के साथ-साथ रिसर्च, इनोवेशन और इंडस्ट्री आधारित लर्निंग के नए अवसर उपलब्ध कराएगी।
AI, LLMs और ब्लॉकचेन तकनीकों पर रहेगा फोकस
समझौते के तहत शूलिनी यूनिवर्सिटी और एंटियर सॉल्यूशंस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स, ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी और अन्य उभरती डिजिटल तकनीकों से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर संयुक्त रूप से काम करेंगे।
इस सहयोग के जरिए छात्रों के लिए इंटर्नशिप, प्लेसमेंट अवसर, वर्कशॉप, सेमिनार, फैकल्टी-इंडस्ट्री संवाद और रिसर्च प्रोजेक्ट्स को भी बढ़ावा दिया जाएगा। यह MoU पांच वर्षों तक प्रभावी रहेगा और आपसी सहमति के आधार पर इसे विशेष इनोवेशन प्रोग्राम्स और प्रोजेक्ट्स तक भी विस्तारित किया जा सकता है।
यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब दुनियाभर में विश्वविद्यालय और टेक कंपनियां अकादमिक शिक्षा को वास्तविक इंडस्ट्री जरूरतों से जोड़ने पर जोर दे रही हैं, खासकर उन क्षेत्रों में जहां तकनीकी बदलाव तेजी से हो रहे हैं।
इंडस्ट्री रेडी टैलेंट तैयार करने पर जोर
प्रो. आशीष खोसला ने कहा कि यह साझेदारी अकादमिक शिक्षा और वास्तविक इंडस्ट्री अनुभव के बीच मजबूत कड़ी साबित होगी। उनके अनुसार AI, LLMs और ब्लॉकचेन जैसे परिवर्तनकारी क्षेत्रों में सहयोग से छात्रों और शिक्षकों को एडवांस टेक्नोलॉजी को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि इस तरह की साझेदारियां रिसर्च, इनोवेशन, इंटर्नशिप और करियर विकास के नए रास्ते खोलती हैं। साथ ही यह छात्रों को सिर्फ वर्तमान इंडस्ट्री जरूरतों के लिए ही नहीं, बल्कि भविष्य में आने वाले तकनीकी बदलावों के लिए भी तैयार करती हैं।
शिक्षा और उद्योग में तेजी से बढ़ रहा AI का प्रभाव
एंटियर सॉल्यूशंस के मैनेजिंग डायरेक्टर विक्रम सिंह ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब विभिन्न उद्योगों और शिक्षा प्रणाली दोनों में तेजी से प्रभाव बढ़ा रहा है।
उन्होंने बताया कि रिसर्च और बायोटेक्नोलॉजी में शूलिनी यूनिवर्सिटी की मजबूत पकड़ और स्वदेशी लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स पर हो रहा कार्य इस साझेदारी को खास बनाता है। उनके मुताबिक यह सहयोग छात्रों को प्रैक्टिकल लर्निंग, संयुक्त इनोवेशन और नई तकनीकों से जुड़ने का अवसर देगा।
विक्रम सिंह ने कहा कि ऑटोमेशन, जेनरेटिव AI और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में बढ़ते निवेश के चलते ऐसे प्रोफेशनल्स की मांग लगातार बढ़ रही है, जिन्हें इन तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव हो। यही वजह है कि इंडस्ट्री सहयोग अब उच्च शिक्षा संस्थानों की रणनीति का अहम हिस्सा बनता जा रहा है।
रिसर्च और इनोवेशन इकोसिस्टम को मिलेगा मजबूती
इस साझेदारी से शिक्षा और उद्योग के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इसके जरिए छात्रों को वास्तविक प्रोजेक्ट्स पर काम करने का मौका मिलेगा, जबकि फैकल्टी सदस्य रिसर्च और टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट से जुड़े कार्यक्रमों में उद्योग के साथ मिलकर काम कर सकेंगे।
आज AI, ब्लॉकचेन और लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स वित्त, स्वास्थ्य, शिक्षा और एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी जैसे कई क्षेत्रों को तेजी से बदल रहे हैं। ऐसे में इस तरह का सहयोग भविष्य के कार्यबल को व्यावहारिक और तकनीकी रूप से तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
शूलिनी यूनिवर्सिटी की ओर से किया गया यह पांच वर्षीय समझौता उभरती तकनीकों और इनोवेशन आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक और अहम कदम माना जा रहा है।




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