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जयपुर में AIFSET और विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी ने आयोजित किया फोरेंसिक साइंस इमर्सिव एक्सपीरियंस प्रोग्राम

जयपुर में AIFSET और विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी ने आयोजित किया फोरेंसिक साइंस इमर्सिव एक्सपीरियंस प्रोग्राम

जयपुर में AIFSET और विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी ने आयोजित किया फोरेंसिक साइंस इमर्सिव एक्सपीरियंस प्रोग्राम

छात्रों को केवल धारणाओं के आधार पर करियर चुनने के बजाय व्यावहारिक अनुभव के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों को समझने का अवसर देने के उद्देश्य से AIFSET (ऑल इंडिया फोरेंसिक साइंस एंट्रेंस टेस्ट) और जयपुर स्थित Vivekananda Global University (VGU) ने संयुक्त रूप से फोरेंसिक साइंस इमर्सिव एक्सपीरियंस प्रोग्राम का सफल आयोजन किया। यह दो दिवसीय अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रम था, जिसमें प्रतिभागियों को फोरेंसिक साइंस, आपराधिक जांच और फोरेंसिक प्रयोगशालाओं की वास्तविक कार्यप्रणाली से परिचित कराया गया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ऐसे छात्रों ने भाग लिया, जो यह समझना चाहते थे कि वास्तविक मामलों में फोरेंसिक साइंस का उपयोग किस प्रकार किया जाता है और अपराधों को सुलझाने में वैज्ञानिक साक्ष्य कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान और पेशेवर कार्यप्रणाली के बीच की दूरी को कम करने के उद्देश्य से तैयार किए गए इस कार्यक्रम में छात्रों को विशेषज्ञों से सीधे सीखने और जांच संबंधी गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने का अवसर मिला।

कार्यक्रम की शुरुआत उद्घाटन समारोह से हुई, जिसमें विश्वविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षकों, शैक्षणिक विशेषज्ञों और अतिथियों ने भाग लिया। इसके बाद विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न सत्र और व्यावहारिक प्रदर्शन आयोजित किए गए। कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) एन.डी. माथुर का संबोधन रहा। उन्होंने फोरेंसिक साइंस के बढ़ते महत्व और छात्रों को सही करियर निर्णय लेने में अनुभवात्मक शिक्षा की भूमिका पर अपने विचार साझा किए।

पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को फोरेंसिक साइंस के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया गया। लाइव डेमोंस्ट्रेशन, प्रयोगशाला आधारित गतिविधियों और हैंड्स-ऑन वर्कशॉप्स के माध्यम से छात्रों ने वास्तविक साक्ष्यों के नमूनों का फोरेंसिक विश्लेषण देखा और समझा कि वैज्ञानिक परीक्षण किस प्रकार आपराधिक जांच को मजबूत बनाते हैं।

कार्यक्रम का सबसे आकर्षक हिस्सा क्राइम सीन इन्वेस्टिगेशन सिमुलेशन रहा, जिसमें छात्रों ने जांच अधिकारियों की भूमिका निभाई। इस गतिविधि के दौरान उन्हें अपराध स्थल की जांच, साक्ष्यों की पहचान, दस्तावेजीकरण और उनके संरक्षण की मूलभूत प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी दी गई। इस अभ्यास ने छात्रों को फोरेंसिक जांच में आवश्यक अवलोकन और विश्लेषणात्मक कौशल का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान किया।

छात्रों ने फिंगरप्रिंट एनालिसिस और डेवलपमेंट से जुड़े व्यावहारिक सत्रों में भी हिस्सा लिया। यहां उन्हें बताया गया कि छिपे हुए फिंगरप्रिंट्स को किस प्रकार एकत्रित, विकसित और पहचान के लिए तुलना किया जाता है। इस गतिविधि ने प्रतिभागियों को फोरेंसिक साइंस में सबसे अधिक उपयोग की जाने वाली तकनीकों में से एक को समझने का अवसर दिया।

इसके अलावा कार्यक्रम में फोरेंसिक जांच की कार्यप्रणालियों, साक्ष्य परीक्षण तकनीकों और इस क्षेत्र में उभरते करियर अवसरों पर विशेषज्ञ सत्र आयोजित किए गए। फोरेंसिक पेशेवरों और शिक्षाविदों के साथ सीधे संवाद के माध्यम से छात्रों को फोरेंसिक साइंस, क्रिमिनोलॉजी, साइबर क्राइम जांच और संबंधित क्षेत्रों में करियर की वास्तविकताओं को समझने का मौका मिला।

फोरेंसिक साइंस इमर्सिव एक्सपीरियंस प्रोग्राम, AIFSET के उस व्यापक मिशन का हिस्सा है जिसका उद्देश्य छात्रों के बीच फोरेंसिक साइंस शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें भारत के तेजी से विकसित हो रहे करियर क्षेत्रों में से एक का वास्तविक अनुभव प्रदान करना है। केवल प्रेजेंटेशन या करियर काउंसलिंग सत्रों तक सीमित रहने के बजाय यह पहल छात्रों को भागीदारी, अवलोकन और संवाद के माध्यम से फोरेंसिक साइंस को करीब से समझने का अवसर देती है।

कार्यक्रम की सफलता पर आयोजकों ने कहा कि छात्रों को शैक्षणिक निर्णय लेने से पहले संभावित करियर विकल्पों को समझने में अनुभवात्मक शिक्षा की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। प्रतिभागियों की उत्साहपूर्ण प्रतिक्रिया ने यह भी साबित किया कि ऐसे कार्यक्रमों की आवश्यकता बढ़ रही है, खासकर उन उभरते क्षेत्रों में जहां अवसर तो तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन जागरूकता अभी भी सीमित है।

कार्यक्रम का समापन सकारात्मक माहौल में हुआ। छात्रों ने कार्यक्रम के दौरान मिले व्यावहारिक अनुभव, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और अनूठे शिक्षण अवसरों की सराहना की। कई प्रतिभागियों के लिए यह अनुभव केवल फोरेंसिक साइंस का परिचय भर नहीं था, बल्कि इस पेशे से जुड़ी जिम्मेदारियों, आवश्यक कौशल और करियर संभावनाओं को बेहतर तरीके से समझने का माध्यम भी बना।

फोरेंसिक साइंस इमर्सिव एक्सपीरियंस प्रोग्राम जैसी साझी पहलों के माध्यम से AIFSET और विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी छात्रों को अनुभव आधारित करियर खोजने के अवसर प्रदान कर रहे हैं, जिससे वे अपने भविष्य को लेकर अधिक जानकारीपूर्ण और आत्मविश्वासपूर्ण निर्णय ले सकें।

Asmita Sarkar

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