
पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए शिमला यूनिवर्सिटी (APG) ने ‘हर पेड़ हिमाचल का अभिमान – एक पेड़ मां के नाम’ वृक्षारोपण अभियान और पर्यावरण संरक्षण विषय पर पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्घाटन हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल श्री कविंदर गुप्ता ने मुख्य अतिथि के रूप में किया।
वृक्षारोपण अभियान में बड़ी संख्या में छात्रों, शिक्षकों और विशिष्ट अतिथियों ने भाग लिया। इस पहल का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और लोगों को टिकाऊ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। यह आयोजन युवाओं को हरित और जिम्मेदार भविष्य के निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करने की विश्वविद्यालय की सोच को दर्शाता है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल श्री कविंदर गुप्ता ने छात्रों से पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि केवल पेड़ लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी देखभाल और संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज लगाया गया प्रत्येक पेड़ आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अमूल्य विरासत बनता है। साथ ही उन्होंने पर्यावरण के प्रति जागरूक और सामाजिक रूप से जिम्मेदार नागरिक तैयार करने में शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया।
राज्यपाल ने छात्रों को टिकाऊ जीवनशैली अपनाने, प्रकृति की रक्षा की जिम्मेदारी लेने और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ नशामुक्त भारत के दूत बनने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी और जिम्मेदार नागरिकता ही राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव तैयार कर सकती है।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि पर्यावरण जागरूकता केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, जनभागीदारी और सामुदायिक सहयोग के माध्यम से दीर्घकालिक व्यवहारिक बदलाव लाना भी उतना ही जरूरी है। यह आयोजन छात्रों को प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में अपनी भूमिका समझने और समाज के प्रति सकारात्मक योगदान देने का अवसर प्रदान करता है।
कार्यक्रम को और आकर्षक बनाते हुए शिमला यूनिवर्सिटी के छात्रों ने प्रकृति, सतत विकास और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे विषयों पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के संदेश को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया गया और भविष्य की पीढ़ियों के लिए प्रकृति को सुरक्षित रखने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में भी छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता और सतत विकास जैसे विषयों पर अपनी रचनात्मक सोच को पोस्टरों के माध्यम से व्यक्त किया। इस गतिविधि ने छात्रों को पर्यावरणीय चुनौतियों पर विचार करने और कला के माध्यम से जागरूकता फैलाने का अवसर दिया।
विश्वविद्यालय के अनुसार, ‘हर पेड़ हिमाचल का अभिमान – एक पेड़ मां के नाम’ जैसे अभियान उसकी उन निरंतर पहलों का हिस्सा हैं, जिनका उद्देश्य पर्यावरण चेतना को समग्र शिक्षा और सामुदायिक सहभागिता के साथ जोड़ना है।
वृक्षारोपण, रचनात्मक अभिव्यक्ति और नागरिक जागरूकता को एक मंच पर लाकर शिमला यूनिवर्सिटी ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल अकादमिक उत्कृष्टता तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारी से युक्त नागरिक तैयार करना भी है।
विश्वविद्यालय ने इस पहल के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि “आज लगाया गया हर पेड़ एक हरित भविष्य की ओर बढ़ाया गया कदम है और हर जिम्मेदार छात्र सकारात्मक बदलाव का वाहक बन सकता है।”
उत्साहपूर्ण वृक्षारोपण गतिविधियों के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। यह आयोजन हरित हिमाचल प्रदेश के सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ और विश्वविद्यालय की सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण तथा राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता को भी मजबूत करता है।




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