
पारुल यूनिवर्सिटी के करीब 200 छात्रों ने वाघोडिया क्षेत्र में विशेष स्वच्छता अभियान में हिस्सा लिया। यह अभियान विश्वविद्यालय के 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह का हिस्सा था। इसका उद्देश्य आसपास के इलाके को साफ-सुथरा बनाना और छात्रों में समाज तथा सार्वजनिक स्थानों के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना था।
स्वच्छता अभियान के दौरान छात्रों ने मिलकर 8 से ज्यादा ट्रक कचरा इकट्ठा किया। इससे आसपास का क्षेत्र पहले की तुलना में काफी साफ हुआ। अभियान ने यह भी दिखाया कि अगर छात्र संगठित होकर किसी स्थानीय समस्या को दूर करने की कोशिश करें, तो कम समय में भी प्रभावी बदलाव लाया जा सकता है।
यह अभियान केवल सामान्य सफाई तक सीमित नहीं रहा। छात्रों को अपने आसपास की एक वास्तविक समस्या पर काम करने और उसके समाधान में योगदान देने का मौका मिला। पारुल यूनिवर्सिटी के सहयोग से छात्रों ने एकजुट होकर स्थानीय क्षेत्र को बेहतर बनाने और वहां रहने वाले लोगों के लिए सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश की।
इस स्वच्छता अभियान ने विश्वविद्यालय के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम को सामाजिक जिम्मेदारी से भी जोड़ा। कार्यक्रम का उद्देश्य सिर्फ भारत की आजादी का जश्न मनाना नहीं था, बल्कि छात्रों को यह समझाना भी था कि स्वतंत्रता के साथ देश, समाज और सार्वजनिक स्थानों के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी जुड़ी है।
इस अभियान में करीब 200 छात्रों की भागीदारी यह भी दिखाती है कि स्कूल और कॉलेज युवाओं को कक्षा से बाहर निकलकर समाज के लिए काम करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। पारुल यूनिवर्सिटी का यह अभियान इस संदेश के साथ सामने आया कि स्वतंत्रता दिवस मनाने का एक तरीका ऐसा भारत बनाने की दिशा में वास्तविक कदम उठाना भी है, जो साफ-सुथरा, जिम्मेदार और आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर हो।




Add comment