
T.S. Mishra University के T.S. Mishra Law School ने Cross-Border Legal Practice, Professional Ethics और यूनाइटेड किंगडम में Law के बिजनेस पर एक इंटरैक्टिव सेशन आयोजित किया। इस दौरान छात्रों को भारत और UK में कानूनी क्षेत्र में करियर से जुड़े अवसरों और चुनौतियों की जानकारी दी गई।
सेशन में Harjot Singh बतौर गेस्ट स्पीकर शामिल हुए। उन्होंने भारत और UK में कानूनी पेशे की तुलना करते हुए दोनों देशों में लॉ करियर बनाने से जुड़े अवसरों और चुनौतियों पर चर्चा की।
छात्रों को Global Legal Practice की मिली जानकारी
इंटरैक्टिव सेशन में तेजी से जुड़ती दुनिया में कानूनी क्षेत्र में हो रहे बदलावों पर चर्चा की गई। छात्रों को Global Advocacy, International Jurisdictions और Professional Ethics से जुड़े पहलुओं के बारे में बताया गया। इसके साथ ही UK में कानूनी पेशे के बिजनेस पक्ष पर भी जानकारी साझा की गई।
सेशन का उद्देश्य छात्रों को यह समझने में मदद करना था कि कानूनी करियर केवल देश के भीतर की प्रैक्टिस तक सीमित नहीं है। इंटरनेशनल स्तर पर करियर बनाने की इच्छा रखने वाले छात्रों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, इस पर भी चर्चा की गई।
India-UK Legal Career पर रहा खास फोकस
सेशन में भारत और यूनाइटेड किंगडम में कानूनी प्रैक्टिस के बीच अंतर पर विशेष चर्चा हुई। छात्रों को अलग-अलग कानूनी व्यवस्थाओं में काम करने और ग्लोबल लीगल प्रोफेशन में बदलती जरूरतों को समझने से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों और गेस्ट स्पीकर के बीच बातचीत भी हुई। इससे छात्रों को इंटरनेशनल लीगल करियर से जुड़े सवालों पर सीधे चर्चा करने और विषय को बेहतर तरीके से समझने का मौका मिला।
कार्यक्रम के अंत में Harjot Singh का सम्मान किया गया और छात्रों के साथ बातचीत का दौर भी जारी रहा।
इस तरह के प्रोफेशन और इंडस्ट्री से जुड़े कार्यक्रमों के जरिए T.S. Mishra Law School छात्रों को पारंपरिक क्लासरूम पढ़ाई से आगे के अनुभव देने का प्रयास कर रहा है। खास तौर पर कानूनी शिक्षा और प्रैक्टिस में उभरते तथा अंतरराष्ट्रीय अवसरों को समझने में ऐसे कार्यक्रम छात्रों के लिए उपयोगी हो सकते हैं।




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