
राजस्थान के जयपुर स्थित विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी (VGU) ने ‘फॉरेंसिक ज्ञान 2025’ (Forensic Gyan 2025) शीर्षक से एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया। कार्यक्रम की शुरुआत उत्साह, जिज्ञासा और वैज्ञानिक सोच से भरे प्रेरणादायक संदेश के साथ हुई। सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में विशिष्ट अतिथियों का स्वागत किया गया, जिन्होंने जटिल मामलों की जांच और न्याय प्रणाली को सशक्त बनाने में फॉरेंसिक विज्ञान के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला।
ज्ञान और नवाचार का संगम
सम्मेलन में देशभर के प्रमुख विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और छात्रों ने हिस्सा लिया। इन सत्रों में फॉरेंसिक क्षेत्र की नई खोजों और नवाचारों को साझा किया गया। इंटरएक्टिव पोस्टर प्रेजेंटेशन ने युवा फॉरेंसिक वैज्ञानिकों को अपने शोध कार्य प्रस्तुत करने और अनुभवी विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श का मंच प्रदान किया। नई सोच और अनुभवजन्य ज्ञान का यह संगम सम्मेलन की सबसे बड़ी विशेषता रही।
फॉरेंसिक विज्ञान के नए आयामों पर चर्चा
सम्मेलन के पहले दिन फॉरेंसिक विज्ञान में उभरते रुझानों और चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा हुई। प्रतिभागियों के लिए आयोजित प्रायोगिक कार्यशालाओं ने उनके कौशल को निखारने का अवसर दिया। वहीं, ओपन फोरम में अपराध जांच के लिए बहुविषयक दृष्टिकोणों (interdisciplinary approaches) पर सार्थक संवाद हुआ। हर सत्र में टीमवर्क और ज्ञान-साझा करने की भावना झलकती रही, जो इस क्षेत्र में नवाचार और उत्कृष्टता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण रही।
जयपुर को मिल रही नई पहचान
‘फॉरेंसिक ज्ञान 2025’ सम्मेलन आने वाले दिनों में इस संवाद को और आगे बढ़ाने का वादा करता है, जिससे जयपुर फॉरेंसिक अध्ययन और अनुसंधान का उभरता केंद्र बनता जा रहा है। यह सम्मेलन विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी और उसके साझेदार संस्थानों की वैज्ञानिक विकास के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जो नई पीढ़ी के फॉरेंसिक विशेषज्ञों को सशक्त बनाने की दिशा में कार्यरत हैं।
विचारों और विज्ञान का उत्सव
यह सिर्फ एक सम्मेलन नहीं, बल्कि विचारों, मस्तिष्कों और सत्य की वैज्ञानिक खोज का उत्सव है — जो फॉरेंसिक जांच और विज्ञान के भविष्य में एक आशाजनक दिशा प्रस्तुत करता है।




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