
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की की ओर से उत्तराखंड के अल्मोड़ा में चल रही अनुगूंज परियोजना के तहत किसानों को सौर ऊर्जा आधारित आधुनिक कृषि तकनीक का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इस पहल का उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग से खेती की लागत कम करने, उत्पादन बढ़ाने और उनकी आय में सुधार करने में मदद करना है।
बेतालघाट ब्लॉक के खैरना महिला सभागार में आयोजित इस प्रशिक्षण शिविर में विशेषज्ञों ने बताया कि अनुगूंज परियोजना ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका सृजन, स्थानीय नवाचार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा पर आधारित एकीकृत एवं स्केलेबल मॉडल पर काम कर रही है। यह मॉडल किसानों को तकनीक के साथ-साथ नए रोजगार के अवसर भी उपलब्ध करा रहा है।
यह प्रशिक्षण आईआईटी रुड़की के वास्तुकला विभाग की प्रोफेसर अवलोकिता अग्रवाल और टीआईडीईएस बिजनेस इनक्यूबेटर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आज़म अली खान के संयुक्त प्रयास से आयोजित किया गया। शिविर के दौरान किसानों को सोलर उपकरणों के उपयोग, उनकी नियमित देखभाल और ऑन-साइट इंस्टॉलेशन की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि सौर ऊर्जा न केवल खेतों में सिंचाई और अन्य कृषि कार्यों को आसान बनाती है, बल्कि लंबे समय में किसानों के खर्च को भी काफी कम करती है।
कार्यक्रम में ग्राम विकास अधिकारी गणेश कुमार, परितोष शर्मा, प्रमोद सिंह, धीरेंद्र रावत, बालम पिनारी, खीम सिंह बिष्ट, त्रिभुवन पाठक, लक्षित सिंह, आरिफ जमाल और विशाल कुमार उपस्थित रहे। स्थानीय ग्रामीणों ने आईआईटी रुड़की की इस पहल को सराहनीय कदम बताते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण उनकी तकनीकी समझ बढ़ाने के साथ-साथ खेती को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाने में मददगार साबित होंगे।
यह पहल बताती है कि नवीकरणीय ऊर्जा और आधुनिक तकनीक का मिलकर उपयोग ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।




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