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केरल कृषि विश्वविद्यालय और वीएसटी टिलर्स के बीच समझौता, कृषि यंत्रीकरण को मिलेगा बढ़ावा

केरल कृषि विश्वविद्यालय और वीएसटी टिलर्स के बीच समझौता, कृषि यंत्रीकरण को मिलेगा बढ़ावा

केरल कृषि विश्वविद्यालय और वीएसटी टिलर्स के बीच समझौता, कृषि यंत्रीकरण को मिलेगा बढ़ावा

केरल कृषि विश्वविद्यालय यानी Kerala Agricultural University (KAU) और वीएसटी टिलर्स ट्रैक्टर्स लिमिटेड (VST Tillers Tractors Limited) के बीच कृषि यंत्रीकरण को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है। दोनों संस्थानों ने कृषि अभियांत्रिकी, कृषि यंत्रीकरण अनुसंधान, उत्पाद परीक्षण, प्रदर्शन मूल्यांकन और विस्तार गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।

इस साझेदारी को कृषि क्षेत्र में उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इसके तहत कंपनी की तकनीकी विशेषज्ञता को विश्वविद्यालय की रिसर्च, शिक्षण और विस्तार सेवाओं के साथ जोड़ा जाएगा।

किसानों के लिए विकसित होंगी नई तकनीकें

समझौते के अनुसार दोनों संस्थान संयुक्त परियोजनाओं, ट्रैक्टर और कृषि उपकरणों के परीक्षण, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और किसानों के लिए जागरूकता अभियानों पर मिलकर काम करेंगे।

VST टिलर्स ट्रैक्टर्स लिमिटेड 13 हॉर्सपावर से लेकर 50 हॉर्सपावर तक के पावर टिलर और ट्रैक्टर विश्वविद्यालय के फार्मों में परीक्षण, प्रदर्शन और रिसर्च गतिविधियों के लिए उपलब्ध कराएगी। कंपनी इन मशीनों के संचालन के लिए जरूरी तकनीकी सहायता भी प्रदान करेगी।

वहीं केरल कृषि विश्वविद्यालय मशीनों के परीक्षण और मूल्यांकन के लिए फील्ड सुविधाएं, रिसर्च सहयोग और तकनीकी विशेषज्ञता उपलब्ध कराएगा। इससे नई कृषि तकनीकों को खेतों में परखने और किसानों की जरूरतों के अनुसार बेहतर समाधान तैयार करने में मदद मिलेगी।

केरल की खेती की जरूरतों पर रहेगा फोकस

दोनों संस्थानों का कहना है कि यह साझेदारी केरल की विशेष कृषि परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आधुनिक कृषि यंत्रीकरण समाधान विकसित करने में सहायक होगी।

केरल में छोटे खेत, श्रमिकों की कमी और विविध फसल प्रणाली जैसी चुनौतियां लंबे समय से मौजूद हैं। ऐसे में आधुनिक कृषि मशीनों की मांग लगातार बढ़ रही है। विशेषज्ञों के अनुसार यह पहल खेती की लागत कम करने, उत्पादकता बढ़ाने और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने में मदद कर सकती है।

साथ ही किसानों को किफायती और उपयोगी कृषि मशीनरी उपलब्ध कराने की दिशा में भी यह समझौता महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

छात्रों और शोधार्थियों को मिलेगा फायदा

यह सहयोग विश्वविद्यालय के छात्रों और शोधार्थियों के लिए भी लाभकारी साबित हो सकता है। उन्हें कृषि यंत्रीकरण और आधुनिक कृषि तकनीकों से जुड़ी संयुक्त परियोजनाओं में काम करने का मौका मिलेगा।

इसके जरिए छात्रों को मशीन डिजाइन, परीक्षण प्रक्रिया, कृषि अभियांत्रिकी और आधुनिक खेती तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा। विश्वविद्यालय और उद्योग जगत के संयुक्त प्रयास से स्किल डेवलपमेंट को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

कंपनी और विश्वविद्यालय ने क्या कहा

वीएसटी टिलर्स ट्रैक्टर्स लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एंटनी चेरुकारा ने कहा कि केरल कृषि विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित कृषि शिक्षण और अनुसंधान संस्थान के साथ सहयोग करना कंपनी के लिए महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी छोटे और सीमांत किसानों के लिए नवाचार आधारित और किफायती कृषि समाधान विकसित करने की दिशा में मदद करेगी।

उन्होंने यह भी बताया कि छात्रों को कंपनी के होसुर स्थित आगामी ग्लोबल टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट सेंटर के साथ काम करने का अवसर भी मिलेगा।

वहीं केरल कृषि विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. ए. साकीर हुसैन ने कहा कि यह समझौता कृषि यंत्रीकरण, अनुसंधान और तकनीक प्रसार को मजबूत करेगा। उनके अनुसार उद्योग और विश्वविद्यालय के सहयोग से केरल की कृषि प्रणाली के अनुरूप बेहतर तकनीकों के विकास को गति मिलेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की साझेदारियां भविष्य में भारतीय कृषि को अधिक आधुनिक, टिकाऊ और तकनीक आधारित बनाने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।

Asmita Sarkar

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