
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तेजी से कृषि के भविष्य से जुड़ी चर्चाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा बनती जा रही है। जलवायु परिवर्तन, मौसम की अनिश्चितता और कीट प्रकोप जैसी बढ़ती चुनौतियों के बीच किसान बेहतर और सटीक निर्णय लेने के लिए नई तकनीकों की ओर देख रहे हैं। ऐसे में शोध संस्थान और कृषि क्षेत्र की कंपनियां यह तलाश रही हैं कि डेटा आधारित तकनीकों की मदद से खेती को अधिक सुरक्षित, उत्पादक और टिकाऊ कैसे बनाया जा सकता है।
इसी दिशा में फ्रांस के नीस शहर में आयोजित ‘भारत इनोवेट्स 2026’ कार्यक्रम के दौरान भारतीय कृषि में AI के उपयोग को आगे बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण साझेदारी की घोषणा की गई। इस कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधानमंत्री Narendra Modi और Emmanuel Macron ने किया।
कार्यक्रम के दौरान Indian Institute of Technology Ropar के अंतर्गत संचालित ANNAM.AI, जिसे कृषि क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए भारत का पहला सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बताया जाता है, ने कृषि नवाचार कंपनी Syngenta के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए।
इस साझेदारी का उद्देश्य कृषि विज्ञान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता अनुसंधान को एक साथ जोड़कर फसल स्वास्थ्य मॉडल, कीट पूर्वानुमान प्रणाली और गर्मी के तनाव (हीट स्ट्रेस) का आकलन करने वाले उन्नत उपकरण विकसित करना है। इसके साथ ही किसानों के लिए AI आधारित निर्णय सहायता प्रणालियां तैयार करने की भी योजना है, जिससे वे आंकड़ों और वैज्ञानिक जानकारी के आधार पर बेहतर कृषि निर्णय ले सकें।
यह पहल इस बात को भी रेखांकित करती है कि उच्च शिक्षा संस्थान अब केवल अकादमिक शोध तक सीमित नहीं हैं, बल्कि खाद्य सुरक्षा, जलवायु अनुकूलन और डिजिटल कृषि जैसी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। विश्वविद्यालय और शोध केंद्र अब ऐसी तकनीकों के विकास में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, जिनका लाभ सीधे खेतों तक पहुंच सके।
IIT रोपड़ के निदेशक प्रोफेसर राजीव आहूजा ने कहा कि यह सहयोग उभरती कृषि तकनीकों को अपनाने और शोध को जमीनी स्तर पर लागू करने में उद्योग और शिक्षण संस्थानों की साझेदारी की अहम भूमिका को दर्शाता है।
ANNAM.AI, IIT रोपड़ के परियोजना निदेशक डॉ. पुष्पेंद्र सिंह ने कहा कि इस साझेदारी का उद्देश्य वैज्ञानिक अनुसंधान और कृषि विशेषज्ञता को जोड़कर फसल स्वास्थ्य, कीट पूर्वानुमान और हीट स्ट्रेस मॉडल को और बेहतर बनाना है।
संगठनों के अनुसार यह सहयोग अनुसंधान और व्यावहारिक कृषि अनुप्रयोगों के माध्यम से अधिक मजबूत, तकनीक-सक्षम और भविष्य के लिए तैयार कृषि प्रणाली विकसित करने में योगदान देगा।
सिंजेंटा ग्रुप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेफ रोवे ने कहा कि यह पहल भारतीय कृषि के लिए मजबूत डिजिटल आधार तैयार करने में मददगार साबित हो सकती है।
भारत इनोवेट्स 2026 के दौरान ANNAM.AI ने कई AI आधारित कृषि तकनीकों का भी प्रदर्शन किया। इनमें स्थानीय स्तर पर मौसम की निगरानी करने वाली हाइपरलोकल वेदर सिस्टम, मौसम और बाजार से जुड़ी जानकारी देने वाला कृषि सलाहकार चैटबॉट, तथा फसल पहचान, फसल क्षति के आकलन और कीट प्रबंधन के लिए डिजिटल निर्णय सहायता मंच शामिल थे।
यह सहयोग ऐसे समय में सामने आया है जब भारत के कृषि क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग पर तेजी से काम हो रहा है। देश के शैक्षणिक संस्थान और शोध केंद्र ऐसी तकनीकों के विकास और परीक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, जिन्हें बड़े स्तर पर किसानों तक पहुंचाया जा सके और कृषि को अधिक स्मार्ट, टिकाऊ और लाभकारी बनाया जा सके।




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