
आईआईटी दिल्ली के छात्रों ने एक बार फिर दिखा दिया है कि नवाचार की दुनिया में युवा सोच कितनी आगे जा सकती है। मैन्युफैक्चरिंग इनोवेशन शो 2025 में बीटेक प्रथम वर्ष के छात्रों ने ऐसे मॉडल पेश किए, जो आने वाले समय की जरूरतों और संभावनाओं को दर्शाते हैं। इनमें निजी एआई रोबोट से लेकर रोबोटिक आर्म, स्मार्ट मिरर, रेन सेंसर आधारित सिंचाई उपकरण और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए डिक्टो राइटर जैसे कई उपयोगी प्रोटोटाइप शामिल थे।
बुजुर्गों की मदद करेगा निजी एआई रोबोट ‘ऐश’
प्रदर्शनी में सबसे पहले ध्यान खींचा छात्रों द्वारा तैयार किया गया निजी एआई रोबोट। प्रिशा, निवेदिता, लक्ष्य, रित्विका और एक अन्य छात्र द्वारा बनाया गया यह रोबोट बुजुर्गों को दवाएं देने, उनसे बातचीत करने और रोजमर्रा के छोटे कामों में मदद करने की क्षमता रखता है।
रोबोट का नाम ‘ऐश’ रखा गया है, और यह आवाज आधारित निर्देश समझकर कार्य कर सकता है। बुजुर्गों के अकेलेपन को कम करने में भी यह उपयोगी साबित हो सकता है।
सिंचाई के लिए स्मार्ट रेन सेंसर तकनीक
कृषि क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए छात्रों दीपेश कुमार, युग भूषण और हर्ष भास्कर ने एक स्वचालित सिंचाई उपकरण तैयार किया है। यह मिट्टी की नमी को मापकर पानी की जरूरत का संकेत देता है। उपकरण में लगा रेन सेंसर बारिश होने पर सिस्टम को ऑटोमैटिक मोड में शिफ्ट कर देता है, जिससे पानी की बचत होती है।
विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए ‘डिक्टो राइटर’
छात्र हिमांशु और उनकी छह सदस्यीय टीम ने ऐसा डिक्टो राइटर तैयार किया है, जिसमें माइक के जरिए बोला गया टेक्स्ट सीधे लिखित रूप में बदल जाता है। यह हिंदी और अंग्रेज़ी सहित कई भाषाओं में काम करता है। यह तकनीक विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पढ़ाई में बड़ी सहायता दे सकती है।
घर को स्मार्ट बनाएगा नया स्मार्ट मिरर
दीपक बत्रा, कुनाल गुप्ता, ईशान सोनी, देवराज, रूपेश वर्मा और सुमित की टीम ने एक स्मार्ट मिरर तैयार किया है जो घर की कई गतिविधियों को नियंत्रित कर सकता है।
इस मिरर की मदद से:
– पंखे और लाइट नियंत्रित किए जा सकते हैं
– दरवाजों के लॉक ऑपरेट हो सकते हैं
– कमरे का तापमान, कैलेंडर, न्यूज और जीमेल की जानकारी भी मिलती है
इसकी प्रोग्रामिंग पूरी तरह जावास्क्रिप्ट पर आधारित है।
ऑक्सीजन लेवल घटते ही अलार्म बजाने वाला आईओटी पल्स ऑक्सीमीटर
छात्रों के एक समूह ने ऐसा आईओटी आधारित पल्स ऑक्सीमीटर मॉडल पेश किया जो शरीर में ऑक्सीजन लेवल कम होते ही स्वतः अलार्म बजा देता है। यह फीचर आपात स्थितियों में समय रहते चेतावनी देने में मदद कर सकता है।
रोबोटिक आर्म ने लूटी शो की पूरी लाइमलाइट
प्रदर्शनी का सबसे बड़ा आकर्षण रहा रोबोटिक आर्म। 20 छात्रों की टीम द्वारा बनाए गए इस मॉडल को हाथ के इशारों से भी नियंत्रित किया जा सकता है। प्रोजेक्ट से जुड़े छात्र बॉबी के अनुसार, इस रोबोटिक आर्म का इस्तेमाल कारखानों, औद्योगिक यूनिटों, असेंबली लाइनों में किया जा सकता है।
करीब 30 से 40 हजार रुपये की लागत में तैयार किए गए इस आर्म में चार फिंगर्स हैं, हालांकि यह दो फिंगर्स के साथ भी प्रभावी तरीके से काम कर सकता है।
इसे कीबोर्ड से भी ऑपरेट किया जा सकता है, जिससे इसका उपयोग और भी आसान बन जाता है।
आईआईटी दिल्ली के छात्रों द्वारा प्रदर्शित ये प्रोटोटाइप न सिर्फ नई तकनीक की दिशा में कदम हैं, बल्कि यह भी दिखाते हैं कि भारत का युवा वर्ग नवाचार के क्षेत्र में विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाने के लिए तैयार है। मैन्युफैक्चरिंग इनोवेशन शो 2025 ने एक बार फिर साबित किया है कि भविष्य की तकनीक का आधार आज की युवा प्रतिभाएं ही तैयार कर रही हैं।




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