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आईआईटी में एमटेक पाठ्यक्रमों में बड़े बदलाव की तैयारी, इंडस्ट्री-फोकस्ड मॉडल पर होगा नया करिकुलम

आईआईटी में एमटेक पाठ्यक्रमों में बड़े बदलाव की तैयारी, इंडस्ट्री-फोकस्ड मॉडल पर होगा नया करिकुलम

आईआईटी में एमटेक पढ़ाई अब बड़े बदलावों की ओर बढ़ रही है। सभी संस्थान मिलकर एमटेक को अधिक रोजगार-केंद्रित और इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप बनाने की दिशा में काम करेंगे। इसके लिए एक वर्ष के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसमें उद्योग विशेषज्ञों की सक्रिय भूमिका शामिल होगी।

स्पेशलाइजेशन आधारित एमटेक मॉडल

नए प्रस्तावों के अनुसार, एमटेक पाठ्यक्रम में कई नए विकल्प शामिल किए जाएंगे—

– डुअल एमटेक (रिसर्च व इंडस्ट्री फोकस्ड)

– मल्टीडिसिप्लिनरी एमटेक

– ब्लेंडेड मोड एमटेक

इस बदलाव का मुख्य लक्ष्य है कि एमटेक छात्रों को स्पेशलाइजेशन के अधिक विकल्प मिलें, और कंपनियों की मांग के अनुसार उन्हें बेहतर प्रशिक्षण दिया जा सके।

इंडस्ट्री इंटर्नशिप होगी जरूरी

मौजूदा एमटेक कार्यक्रमों में इंडस्ट्री इंटर्नशिप के अवसर कम होने की वजह से छात्र एमटेक में दाखिला नहीं लेना चाहते। इस कमी को दूर करने के लिए इंटर्नशिप को एमटेक पाठ्यक्रम का अनिवार्य हिस्सा बनाने की तैयारी है। उद्योगों के प्रतिनिधि पाठ्यक्रम निर्माण में शामिल होंगे, जिससे नए विषय वास्तविक जरूरतों के आधार पर जोड़े जा सकें।

आईआईटी काउंसिल की बैठक में बड़ा फैसला

अगस्त 2025 में हुई आईआईटी काउंसिल की बैठक में यह सामने आया कि बीटेक के बाद छात्र एमटेक की ओर आकर्षित नहीं हो रहे।

मुख्य कारण:

– रोजगार के अवसर सीमित

– प्रैक्टिकल इंडस्ट्री एक्सपोज़र की कमी

– स्पेशलाइजेशन प्रोग्राम में बेहतर विकल्प उपलब्ध न होना

इसलिए, आईआईटी ने सामूहिक रूप से एमटेक को ‘रीडिज़ाइन’ करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही प्रोडक्ट-बेस्ड एमटेक प्रोग्राम शुरू करने का सुझाव भी दिया गया है, जिसमें शोध प्रकाशन अनिवार्य नहीं होगा।

एमटेक सीटों के खाली रहने पर चिंता

पिछले कुछ वर्षों से एमटेक सीटें लगातार खाली हो रही हैं—

2020-21: 3,229 सीटें खाली

2021-22: 3,083 सीटें खाली

इसका सीधा असर पीएचडी दाखिलों पर भी पड़ा है। 2020 में पीएचडी के 1,779 सीटें भरी गईं, जबकि 2021 में यह संख्या 1,852 रही। विशेषज्ञों का कहना है कि एमटेक में रुचि कम होने से रिसर्च प्रोग्राम भी प्रभावित हो रहे हैं।

डुअल एमटेक: इंडस्ट्री + रिसर्च का नया मॉडल

सिफारिशों में डुअल एमटेक को केंद्र में रखा गया है। इसमें दो अलग ट्रैक होंगे—

इंडस्ट्री-ओरिएंटेड एमटेक: आधुनिक उद्योगों की वर्तमान जरूरतों के हिसाब से

रिसर्च-ओरिएंटेड एमटेक: राष्ट्रीय अनुसंधान लक्ष्यों और निजी संस्थानों की मांग के अनुरूप

इसके साथ ही मल्टीडिसिप्लिनरी और ब्लेंडेड मोड एमटेक को भी बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि छात्र एक से अधिक विषयों में विशेषज्ञता हासिल कर सकें।

आईआईटी का यह कदम तकनीकी शिक्षा को उद्योग की वास्तविक जरूरतों से जोड़ने की दिशा में बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। यदि ये सुधार समय पर लागू होते हैं, तो एमटेक न केवल रोजगार के अधिक अवसर खोलेगा, बल्कि भारत के शोध और तकनीकी क्षेत्र को भी नई दिशा देगा।

एडइनबॉक्स टीम

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