
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) पटना ने जेनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में एक नया सर्टिफिकेशन प्रोग्राम शुरू किया है। इस कोर्स का उद्देश्य उभरती हुई AI तकनीकों के साथ काम करने के इच्छुक शिक्षार्थियों को व्यावहारिक और रोजगार के लिए तैयार कौशल प्रदान करना है।
यह छह महीने का सर्टिफिकेशन प्रोग्राम जेनरेटिव AI और लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (LLMs) की बुनियादी और व्यावहारिक समझ विकसित करने के लिए तैयार किया गया है। कार्यक्रम में प्रतिभागियों को AI तकनीकों की मदद से एप्लिकेशन बनाना, AI एजेंट्स को विकसित और तैनात करना तथा AI टूल्स के जरिए दोहराए जाने वाले कार्यों को ऑटोमेट करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका पाठ्यक्रम करियर को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, ताकि सीखने वाले अपने पेशेवर कामकाज में AI का प्रभावी उपयोग कर सकें।
सीखने की संरचना और अवधि की बात करें तो यह प्रोग्राम पूरी तरह प्रैक्टिकल लर्निंग पर आधारित है। इसमें कोडिंग प्रशिक्षण के साथ प्रोजेक्ट आधारित असाइनमेंट और वास्तविक जीवन से जुड़े उपयोग के उदाहरण शामिल हैं। इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि बिना किसी पूर्व कोडिंग अनुभव वाले शुरुआती उम्मीदवार भी धीरे-धीरे तकनीकी दक्षता हासिल कर सकें और छह महीने की अवधि में उपयोगी प्रोजेक्ट्स पर काम कर सकें।
पात्रता के लिए उम्मीदवार के पास कम से कम 12 वर्षों की औपचारिक शिक्षा होना जरूरी है। इस वजह से यह प्रोग्राम स्नातकों के साथ-साथ कामकाजी पेशेवरों के लिए भी उपयुक्त है।
इस सर्टिफिकेशन प्रोग्राम की फीस 74,999 रुपये तय की गई है। शिक्षार्थियों की सुविधा के लिए एजुकेशन लोन की व्यवस्था भी उपलब्ध है, जिसमें फीस का भुगतान किस्तों में किया जा सकता है, ताकि आर्थिक बोझ कम हो सके।
इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक सर्टिफिकेशन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन जमा करने के बाद प्रवेश टीम उम्मीदवारों से संपर्क करती है और उन्हें नामांकन प्रक्रिया की जानकारी देने के साथ-साथ प्रोग्राम से जुड़े सवालों के जवाब देती है।




Add comment