
IIT-JEE की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। इस वर्ष JEE Advanced 2026 का परीक्षा पैटर्न बिल्कुल वैसा ही रहेगा जैसा पिछले साल था। देशभर में यह चर्चा चल रही थी कि पैटर्न में बड़े बदलाव हो सकते हैं, लेकिन आयोजक संस्थान IIT रुड़की ने स्पष्ट कर दिया कि 2026 में कोई बदलाव लागू नहीं किया जाएगा।
इस बार JEE Advanced की परीक्षा 17 मई 2026 को आयोजित होगी। JEE Main 2026 के आधार पर लगभग 2.5 लाख उम्मीदवारों को इसमें शामिल होने का मौका मिलेगा। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 23 अप्रैल से शुरू होकर 2 मई तक चलेगी। देश के 23 IITs और अन्य प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थानों में दाखिले के लिए यह परीक्षा सबसे महत्वपूर्ण चरण मानी जाती है।
पैटर्न पहले जैसा, लेकिन आगे हो सकते हैं बदलाव
IIT रुड़की का कहना है कि इस साल परीक्षा का प्रारूप पिछले वर्षों की तरह ही रखा गया है। हालांकि, आने वाले समय में JEE Advanced को एडैप्टिव पैटर्न पर आयोजित करने का प्रस्ताव IIT काउंसिल की पिछली बैठक में रखा गया था। इस पर ज्वाइंट एडमिशन बोर्ड (JAB) आगे निर्णय लेगा। माना जा रहा है कि एक-दो वर्षों में संरचना में बदलाव संभव है, ताकि कोचिंग पर निर्भरता कम की जा सके और वास्तविक योग्यता पर अधिक जोर दिया जा सके।
JEE Main के दूसरे सेशन की परीक्षा अप्रैल में
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने JEE Main 2026 के दूसरे सेशन के लिए एग्जाम सिटी स्लिप जारी कर दी है।
बीई/बीटेक (पेपर-1) की परीक्षा 2, 4, 5, 6 और 8 अप्रैल को होगी, जबकि बी.आर्क और बी.प्लानिंग (पेपर-2) की परीक्षा 7 अप्रैल को आयोजित की जाएगी। जल्द ही एडमिट कार्ड भी जारी किए जाएंगे। IP यूनिवर्सिटी, दिल्ली के प्रोफेसर गुलशन कुमार का कहना है कि दूसरे सेशन में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को अब अपनी रिवीजन रणनीति को और मजबूत करना चाहिए।
JEE Advanced का मौजूदा पैटर्न कैसा है?
JEE Advanced वर्तमान में दो पेपरों में आयोजित होता है—पहला सुबह 9 से 12 बजे और दूसरा दोपहर 2:30 बजे से 5:30 बजे तक।
फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथमेटिक्स (PCM) के प्रश्न पूछे जाते हैं, और सिलेबस भी कक्षा 11 एवं 12 के मुख्य NCERT कॉन्सेप्ट्स पर आधारित है।
भविष्य के प्रस्तावित पैटर्न में एप्टीट्यूड और तार्किक क्षमता से जुड़े प्रश्नों को शामिल करने पर विचार किया गया है। इससे PCM के प्रश्नों का अनुपात थोड़ा कम हो सकता है और परीक्षा को अधिक व्यवहारिक एवं वास्तविक जीवन-आधारित बनाया जा सकता है।
नए पैटर्न में क्या हो सकता है बदलाव?
ज्वाइंट एडमिशन बोर्ड को नए पैटर्न का प्रारूप तय करने की जिम्मेदारी दी गई है। चर्चा है कि प्रश्नों को रोजमर्रा की समस्याओं से जोड़ा जा सकता है, ताकि विद्यार्थियों की विश्लेषणात्मक क्षमता और समझ की अधिक जांच हो सके।
IIT काउंसिल की बैठक में कोचिंग पर निर्भरता कम करने के उपायों पर भी जोर दिया गया है, और इसी दिशा में एक विशेष समिति गठित की गई है। आने वाले वर्षों में इसके आधार पर JEE Advanced की रूपरेखा अधिक आधुनिक और व्यापक हो सकती है।
JEE Advanced 2026 को लेकर IIT रुड़की का यह स्पष्टीकरण छात्रों को राहत देने वाला है। इस साल पैटर्न में बदलाव की चिंता खत्म हो गई है और विद्यार्थी पिछले साल के प्रारूप को ध्यान में रखकर अपनी तैयारी जारी रख सकते हैं।




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