
देश में निर्माण क्षेत्र को अधिक मजबूत और टिकाऊ बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए Delhi Technological University (DTU) ने National Council for Cement and Building Materials (NCB) के साथ साझेदारी की है। इस पहल का उद्देश्य सीमेंट और कंक्रीट तकनीक के क्षेत्र में शोध, नवाचार और प्रशिक्षण को बढ़ावा देना है, जिससे छात्रों और पेशेवरों दोनों को बेहतर अवसर मिल सकें।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह सहयोग शिक्षा जगत और उद्योग के बीच तालमेल को मजबूत करेगा। इसके जरिए न सिर्फ तकनीकी ज्ञान का आदान-प्रदान होगा, बल्कि नई तकनीकों, बेहतर प्रथाओं और विशेषज्ञता को भी व्यापक स्तर पर साझा किया जा सकेगा। इससे छात्रों को व्यावहारिक अनुभव मिलेगा और उद्योग को प्रशिक्षित मानव संसाधन।
इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को मिलेगा सीधा फायदा
इस साझेदारी का सीधा असर देश के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर देखने को मिल सकता है। बेहतर रिसर्च और नई तकनीकों के इस्तेमाल से मजबूत, टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल निर्माण को बढ़ावा मिलेगा।
समझौते पर NCB के महानिदेशक एल.पी. सिंह ने हस्ताक्षर किए। इस दौरान DTU के कुलपति प्रो. प्रतीक शर्मा, रजिस्ट्रार बिनोद डोले और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। यह सहयोग भविष्य में बड़े स्तर पर रिसर्च प्रोजेक्ट्स और इंडस्ट्री-ओरिएंटेड ट्रेनिंग प्रोग्राम्स की राह खोल सकता है।
DTU की अन्य पहलें: उद्योग और स्टार्टअप पर फोकस
DTU हाल के समय में उद्योग से जुड़ाव और नवाचार को लेकर लगातार सक्रिय रहा है। इससे पहले जनवरी में विश्वविद्यालय ने Indian Electrical and Electronics Manufacturers’ Association (IEEMA) के साथ इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में सहयोग के लिए समझौता किया था।
वहीं, मार्च 2026 में विश्वविद्यालय को अपने पूर्व छात्र राजेश के सोइन से 4 करोड़ रुपये की फंडिंग भी मिली। इस निवेश के जरिए ‘बायोम सस्टेनेबिलिटी वेंचर्स’ नाम से एक स्टार्टअप शुरू किया गया है, जिसका मकसद खेती से निकलने वाले कचरे और निर्माण गतिविधियों से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान को कम करना है।
DTU और NCB की यह साझेदारी सिर्फ एक अकादमिक समझौता नहीं, बल्कि देश के निर्माण क्षेत्र में गुणवत्ता, नवाचार और स्थिरता को आगे बढ़ाने की एक मजबूत पहल है। इससे न सिर्फ छात्रों को नए अवसर मिलेंगे, बल्कि भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर को भी नई दिशा मिलेगी।




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