
भारत में स्किलिंग का परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल स्किल्स के क्षेत्र में इंडस्ट्री और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग लगातार बढ़ रहा है। इसका मुख्य कारण बदलती नौकरी की जरूरतें और टेक्नोलॉजी आधारित भूमिकाओं की बढ़ती मांग है।
NASSCOM और Boston Consulting Group की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 2027 तक 10 लाख से ज्यादा AI प्रोफेशनल्स की कमी हो सकती है। यह आंकड़ा साफ संकेत देता है कि आने वाले समय में AI स्किल्स की मांग और तेज होने वाली है।
डिजिटल स्किल्स की मांग लगातार बढ़ रही
LinkedIn की “फ्यूचर ऑफ स्किल्स” रिपोर्ट बताती है कि AI और डेटा एनालिसिस से जुड़ी स्किल्स दुनिया भर में सबसे तेजी से बढ़ने वाली क्षमताओं में शामिल हैं, और भारत भी इससे अछूता नहीं है। इसका मतलब है कि अलग-अलग सेक्टर्स में अब टेक्नोलॉजी आधारित नौकरियों का दायरा लगातार बढ़ रहा है।
PhysicsWallah और Microsoft की साझेदारी
इसी बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए PhysicsWallah ने Microsoft के साथ मिलकर नए सर्टिफिकेशन प्रोग्राम शुरू किए हैं। इनमें जेनरेटिव AI, डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल मार्केटिंग जैसे कोर्स शामिल हैं।
इन कोर्स को PhysicsWallah के स्किलिंग प्लेटफॉर्म PW Skills के जरिए पेश किया जाएगा, जो खासतौर पर छात्रों, शुरुआती करियर वाले प्रोफेशनल्स और नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं।
प्रैक्टिकल लर्निंग पर फोकस
इन प्रोग्राम्स में Microsoft Copilot, Power BI, Microsoft Fabric, GitHub और Microsoft Office 365 जैसे टूल्स को शामिल किया गया है।
कोर्स का फोकस केवल थ्योरी पर नहीं, बल्कि प्रैक्टिकल एप्लिकेशन पर रखा गया है। शुरुआती मॉड्यूल्स यूट्यूब पर मुफ्त उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जबकि एडवांस्ड कोर्स स्ट्रक्चर्ड तरीके से पढ़ाए जाएंगे। हाल ही में लॉन्च किए गए AI आधारित वर्कप्लेस प्रोडक्टिविटी कोर्स को 2 लाख से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं, जो इस क्षेत्र में बढ़ती रुचि को दर्शाता है।
डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल मार्केटिंग में गहराई से ट्रेनिंग
डेटा एनालिटिक्स प्रोग्राम में SQL, Python और डेटा विजुअलाइजेशन जैसे अहम टॉपिक्स सिखाए जाएंगे। इसके साथ ही क्लाउड और कोलैबोरेटिव एनवायरमेंट में काम करने का अनुभव भी दिया जाएगा।
वहीं डिजिटल मार्केटिंग प्रोग्राम में 125 घंटे से ज्यादा की ट्रेनिंग शामिल है, जिसमें सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (SEO), परफॉर्मेंस मार्केटिंग और AI टूल्स के जरिए कैंपेन ऑप्टिमाइजेशन जैसे विषय पढ़ाए जाएंगे।
जॉइंट सर्टिफिकेशन और बढ़ते अवसर
इन कोर्स को पूरा करने वाले छात्रों को दोनों संस्थानों की ओर से जॉइंट सर्टिफिकेट दिया जाएगा। यह पहल टेक कंपनियों और ट्रेनिंग संस्थानों के बीच बढ़ते सहयोग का हिस्सा है। इससे पहले Google और Amazon भी क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा और AI के क्षेत्र में भारत में बड़े स्किलिंग प्रोग्राम शुरू कर चुके हैं।
सरकारी पहल भी दे रही बढ़ावा
सरकार की ओर से भी इस दिशा में कई कदम उठाए जा रहे हैं। Ministry of Skill Development and Entrepreneurship के तहत चल रहा Skill India Digital कार्यक्रम बड़े स्तर पर डिजिटल और इंडस्ट्री से जुड़े प्रशिक्षण देने पर केंद्रित है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, Skill India मिशन के तहत अब तक 1.4 करोड़ से ज्यादा उम्मीदवारों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है।
बदलती अर्थव्यवस्था के साथ बदलती स्किल्स
इन सभी पहलों से यह साफ है कि भारत का वर्कफोर्स तेजी से बदलती डिजिटल अर्थव्यवस्था के अनुसार खुद को ढाल रहा है। अब शिक्षा केवल डिग्री तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि रोजगार से जुड़ी, तकनीक आधारित स्किल्स पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है।
आने वाले समय में वही युवा आगे बढ़ पाएंगे, जो नई तकनीकों को समझकर खुद को लगातार अपडेट करते रहेंगे।




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