
कामकाजी माहौल में तेजी से हो रहे बदलाव के बीच मैनेजमेंट शिक्षा भी खुद को नए रूप में ढाल रही है। संस्थान अब ऐसे लचीले कोर्स तैयार कर रहे हैं, जो नए ग्रेजुएट्स के साथ-साथ नौकरी कर रहे पेशेवरों की जरूरतों को भी पूरा कर सकें। इंडस्ट्री में उपयोगी स्किल्स की बढ़ती मांग और समय की कमी जैसे कारणों ने हाइब्रिड और ऑनलाइन पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम्स को तेजी से लोकप्रिय बनाया है। ये प्रोग्राम्स अकादमिक पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव को भी जोड़ते हैं।
इसी दिशा में International School of Management Excellence (ISME), बेंगलुरु ने दो साल का AICTE से मान्यता प्राप्त लाइव ऑनलाइन पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट (PGDM) शुरू किया है। 2 मई 2026 को घोषित इस कार्यक्रम के साथ संस्थान ने अपने 20 साल पूरे किए हैं। इस कोर्स को इस तरह डिजाइन किया गया है कि इसमें वीकेंड पर लाइव क्लासेस के साथ इंडस्ट्री से जुड़े लर्निंग अनुभव भी शामिल हों।
संस्थान के अनुसार, इस प्रोग्राम की संरचना अब केवल थ्योरी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे व्यावहारिक सीख पर केंद्रित किया गया है। कोर्स मल्टी-टर्म फॉर्मेट में चलता है, जहां शुरुआत बुनियादी मैनेजमेंट कॉन्सेप्ट्स से होती है और आगे चलकर केस स्टडी, सिमुलेशन, ग्रुप प्रोजेक्ट्स और इंडस्ट्री से जुड़े असाइनमेंट्स के जरिए सीख को मजबूत किया जाता है। कोर्स की शुरुआत प्री-टर्म मॉड्यूल से होती है, जिसमें मैनेजमेंट की बुनियादी जानकारी दी जाती है, जबकि अंत में कैपस्टोन प्रोजेक्ट के जरिए पूरे सीखने के अनुभव को जोड़ा जाता है।
इस PGDM प्रोग्राम में सेल्स और डिजिटल मार्केटिंग, AI और बिजनेस एनालिटिक्स, तथा ऑपरेशंस, लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन मैनेजमेंट जैसे स्पेशलाइजेशन शामिल हैं। ये सभी ऐसे क्षेत्र हैं, जिनकी मांग अलग-अलग इंडस्ट्री में लगातार बनी हुई है। इसके अलावा, छात्रों को 10 हफ्तों की इंटर्नशिप पूरी करनी होगी और तीन बार कैंपस इमर्शन प्रोग्राम में भी हिस्सा लेना होगा।
प्रोग्राम का एक खास हिस्सा Indian Institute of Management Bangalore में लीडरशिप इमर्शन है, जहां छात्रों को अलग अकादमिक माहौल और साथियों के साथ सीखने का मौका मिलेगा। संस्थान का कहना है कि इस तरह के ऑफलाइन अनुभव ऑनलाइन पढ़ाई को बेहतर बनाते हैं और छात्रों को व्यापक दृष्टिकोण देते हैं।
यह प्रोग्राम अलग-अलग तरह के छात्रों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। जहां नए ग्रेजुएट्स इसे मैनेजमेंट की बुनियादी समझ विकसित करने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं, वहीं कामकाजी पेशेवर अपने मौजूदा काम के साथ इंटर्नशिप और प्रोजेक्ट्स को जोड़कर इसे और उपयोगी बना सकते हैं। इस तरह की पढ़ाई आज के समय में तेजी से बढ़ते उस ट्रेंड को दिखाती है, जहां शिक्षा और काम के अनुभव को एक साथ जोड़ा जा रहा है।
कुल मिलाकर, यह पहल मैनेजमेंट शिक्षा में हो रहे बड़े बदलाव को दर्शाती है, जहां संस्थान अब ऐसे कोर्स ला रहे हैं जो लचीले, इंडस्ट्री के अनुरूप और व्यावहारिक अनुभव पर आधारित हैं। इसका उद्देश्य पढ़ाई और प्रोफेशनल जरूरतों के बीच की दूरी को कम करना है।




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