
भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) इलाहाबाद ने क्वांटम सूचना एवं प्रौद्योगिकी (Quantum Information and Technology-QIT) में दो वर्षीय एमटेक कार्यक्रम के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। तेजी से उभर रहे क्वांटम टेक्नोलॉजी क्षेत्र में विशेषज्ञ पेशेवर तैयार करने के उद्देश्य से शुरू किया गया यह कार्यक्रम छात्रों को अत्याधुनिक तकनीकों, शोध और उद्योग से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी प्रदान करेगा।
चार सेमेस्टर में संचालित होने वाले इस एमटेक कार्यक्रम में क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम कम्युनिकेशन, क्वांटम मैटेरियल्स, क्वांटम न्यूरल नेटवर्क, क्वांटम सूचना विज्ञान और पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। संस्थान के अनुसार, इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों को भविष्य की उन तकनीकों के लिए तैयार किया जाएगा, जिनका उपयोग आने वाले वर्षों में बैंकिंग, स्वास्थ्य सेवाओं, रक्षा, साइबर सुरक्षा और वैज्ञानिक अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में बढ़ने की उम्मीद है।
इस कार्यक्रम में कुल 25 सीटें उपलब्ध हैं। प्रवेश के लिए उम्मीदवार का 10+2 स्तर पर भौतिकी और गणित विषयों के साथ अध्ययन करना आवश्यक है। इसके अलावा अभ्यर्थी के पास चार वर्षीय बीटेक, बीई, बीएस, बीएससी या एमएससी अथवा इंटीग्रेटेड बीएस-एमएस डिग्री होनी चाहिए। आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के लिए GATE परीक्षा उत्तीर्ण होना भी जरूरी है। संस्थान ने स्पष्ट किया है कि पीएच, डीए, सीई, सीएच, सीएस, ईसी, ईई, एमई, एमए, एसटी और एक्सई सहित निर्धारित विषयों में वैध GATE स्कोर रखने वाले अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं।
हालांकि, यदि नियमित प्रवेश प्रक्रिया के बाद सीटें खाली रह जाती हैं तो संस्थान स्पॉट राउंड का आयोजन भी कर सकता है। ऐसे में GATE क्वालिफाई नहीं कर पाने वाले योग्य उम्मीदवारों को उपलब्ध सीटों के आधार पर अवसर दिया जा सकता है।
इस कार्यक्रम की एक प्रमुख विशेषता यह है कि GATE योग्य छात्रों को नियमानुसार फेलोशिप का लाभ मिलेगा। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान आर्थिक सहायता प्राप्त होगी और वे शोध व अकादमिक गतिविधियों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। साथ ही छात्रों को उद्योग और शोध परियोजनाओं पर काम करने का अवसर भी दिया जाएगा।
IIIT इलाहाबाद ने इस कार्यक्रम के तहत कई प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ अकादमिक सहयोग की व्यवस्था की है। छात्रों को सी-डैक पुणे, हरिश्चंद्र रिसर्च इंस्टीट्यूट (HRI) प्रयागराज और IISER पुणे जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और शोध गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। इससे उन्हें क्वांटम टेक्नोलॉजी के वास्तविक अनुप्रयोगों और नवीनतम शोध कार्यों की बेहतर समझ विकसित करने में मदद मिलेगी।
दरअसल, भारत सरकार का राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (National Quantum Mission) देश में क्वांटम तकनीकों के विकास को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दे रहा है। ऐसे में क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम संचार और क्वांटम साइबर सुरक्षा से जुड़े प्रशिक्षित विशेषज्ञों की मांग लगातार बढ़ रही है। IIIT इलाहाबाद का यह कार्यक्रम इसी आवश्यकता को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
संस्थान का लक्ष्य ऐसे कुशल पेशेवर और शोधकर्ता तैयार करना है जो न केवल राष्ट्रीय क्वांटम मिशन में योगदान दे सकें, बल्कि उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप भी हों। इसके साथ ही क्वांटम तकनीकों को प्रयोगशालाओं से निकालकर वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान में उपयोग करने की दिशा में भी यह कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
क्वांटम टेक्नोलॉजी में करियर बनाने के इच्छुक इंजीनियरिंग और विज्ञान पृष्ठभूमि के छात्रों के लिए यह कार्यक्रम उच्च शिक्षा, शोध और रोजगार के नए अवसरों का द्वार खोल सकता है।




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