
देश में साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की बढ़ती मांग को देखते हुए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर ने एक नया और विशेष स्नातक कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से संस्थान चार वर्षीय बैचलर ऑफ साइबर सिक्योरिटी डिग्री कोर्स शुरू करने जा रहा है। यह कार्यक्रम जुलाई 2026 से शुरू होगा और इसका संचालन वाधवानी स्कूल ऑफ एआई एंड इंटेलिजेंट सिस्टम्स के तहत किया जाएगा।
इस नए कोर्स की सबसे खास बात यह है कि इसमें प्रवेश के लिए JEE Advanced स्कोर अनिवार्य नहीं होगा। इससे उन छात्रों के लिए भी IIT में पढ़ाई का अवसर खुलेगा जो साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं, लेकिन पारंपरिक इंजीनियरिंग प्रवेश प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बन पाए हैं।
JEE Main और कौशल के आधार पर होगा चयन
IIT कानपुर ने बताया है कि इस कार्यक्रम में प्रवेश के लिए अलग चयन प्रक्रिया अपनाई जाएगी। उम्मीदवारों की शुरुआती शॉर्टलिस्टिंग JEE Main में उनके प्रदर्शन और साइबर सिक्योरिटी क्षेत्र में उनके पूर्व अनुभव, उपलब्धियों या किए गए कार्यों के आधार पर की जाएगी।
इसके बाद चयनित छात्रों को एक विशेष मूल्यांकन प्रक्रिया से गुजरना होगा, जिसमें टेस्ट और हैकाथॉन जैसी गतिविधियां भी शामिल होंगी। संस्थान का उद्देश्य ऐसे छात्रों की पहचान करना है जिनमें साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में वास्तविक रुचि और समस्या समाधान की क्षमता हो।
पढ़ाई के साथ मिलेगा वास्तविक अनुभव
IIT कानपुर के अनुसार यह कार्यक्रम केवल कक्षा आधारित शिक्षा तक सीमित नहीं रहेगा। इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि छात्रों को अकादमिक ज्ञान के साथ-साथ वास्तविक दुनिया का अनुभव भी मिल सके।
चार वर्षीय कार्यक्रम के पहले दो वर्षों में छात्र कैंपस में रहकर साइबर सिक्योरिटी के मूल सिद्धांत, तकनीकी अवधारणाएं और लैब आधारित प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। इस दौरान नेटवर्क सुरक्षा, डिजिटल सुरक्षा, साइबर खतरों की पहचान और सुरक्षा तकनीकों से जुड़े विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इसके बाद अगले दो वर्षों में छात्रों को सरकारी सुरक्षा एजेंसियों और संबंधित संगठनों के साथ इंटर्नशिप का अवसर मिलेगा। इस दौरान वे वास्तविक साइबर सुरक्षा चुनौतियों, सुरक्षा प्रोजेक्ट्स और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े मामलों पर काम करेंगे। इससे छात्रों को उद्योग और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी व्यावहारिक समझ विकसित करने का मौका मिलेगा।
क्यों बढ़ रही है साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञों की मांग?
डिजिटल सेवाओं, ऑनलाइन बैंकिंग, क्लाउड कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म के तेजी से विस्तार के साथ साइबर सुरक्षा आज सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक बन चुकी है।
सरकारी संस्थानों से लेकर निजी कंपनियों तक, हर संगठन को साइबर हमलों, डेटा चोरी और डिजिटल खतरों से सुरक्षा के लिए प्रशिक्षित पेशेवरों की जरूरत है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में साइबर सिक्योरिटी सबसे तेजी से बढ़ने वाले रोजगार क्षेत्रों में शामिल रहेगा।
राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ा है क्षेत्र
IIT कानपुर के निदेशक प्रोफेसर मणिंद्र अग्रवाल के अनुसार, साइबर सिक्योरिटी अब केवल तकनीकी क्षेत्र का विषय नहीं रह गया है, बल्कि यह देश के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रणालियों की सुरक्षा से भी सीधे जुड़ा हुआ है।
डिजिटल इंडिया और बढ़ते ऑनलाइन नेटवर्क के दौर में साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए यह नया कार्यक्रम तैयार किया गया है।
अकादमिक और उद्योग की जरूरतों के बीच सेतु
वाधवानी स्कूल ऑफ एआई एंड इंटेलिजेंट सिस्टम्स के डीन प्रोफेसर नितिन सक्सेना का कहना है कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें वास्तविक परिस्थितियों में काम करने के लिए तैयार करना है।
कोर्स को इस तरह तैयार किया गया है कि छात्र पढ़ाई के दौरान ही उन चुनौतियों और तकनीकों से परिचित हो सकें जिनका सामना साइबर सुरक्षा पेशेवरों को वास्तविक दुनिया में करना पड़ता है।
जल्द शुरू होगा समर्पित पोर्टल
IIT कानपुर ने जानकारी दी है कि इस नए कार्यक्रम के लिए एक समर्पित वेबपेज तैयार किया जा रहा है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में यह पोर्टल शुरू हो जाएगा, जहां पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, चयन मानदंड और पाठ्यक्रम से जुड़ी विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
साइबर सिक्योरिटी में करियर बनाने वालों के लिए सुनहरा अवसर
भारत में डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार के साथ साइबर सिक्योरिटी पेशेवरों की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे समय में IIT कानपुर का यह नया कार्यक्रम उन छात्रों के लिए महत्वपूर्ण अवसर बन सकता है जो तकनीक, सुरक्षा और राष्ट्रीय डिजिटल ढांचे की सुरक्षा से जुड़े क्षेत्रों में करियर बनाना चाहते हैं।
अकादमिक शिक्षा और वास्तविक प्रशिक्षण का यह संयोजन छात्रों को साइबर सिक्योरिटी इंडस्ट्री, सरकारी एजेंसियों, रक्षा संगठनों और टेक्नोलॉजी कंपनियों में बेहतर अवसर दिलाने में मदद कर सकता है।




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