
AI Skills in India: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का इस्तेमाल भारत में तेजी से बढ़ रहा है। पढ़ाई से लेकर नौकरी और रोजमर्रा के काम तक, लोग AI टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन AI को सिर्फ इस्तेमाल करने और उसे सही तरीके से सीखने के बीच अभी बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है। upGrad की नई Skill Shift रिपोर्ट के मुताबिक, बड़ी संख्या में भारतीय AI सीखना चाहते हैं, लेकिन उन्हें यह तय करने में परेशानी हो रही है कि शुरुआत कहां से करें।
रिपोर्ट करीब 2,100 लर्नर्स के फीडबैक पर आधारित है। इसमें भारत के अलग-अलग शहरों और करियर के अलग-अलग स्तरों से जुड़े लोगों को शामिल किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, 56% लोगों ने AI सीखने में सबसे बड़ी समस्या सही शुरुआत तय करने को बताया। वहीं, 43% लोगों को यह समझने में परेशानी होती है कि उपलब्ध कई AI कोर्स में से उनके लिए सही कोर्स कौन सा है।
भारत में 94% लोग कर रहे AI का इस्तेमाल
रिपोर्ट की सबसे अहम बात यह है कि AI अब केवल टेक्नोलॉजी से जुड़े लोगों तक सीमित नहीं है। सर्वे में 94% लोगों ने कहा कि वे किसी न किसी रूप में AI का इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि 53% लोग रोज AI का इस्तेमाल करते हैं। इससे पता चलता है कि AI का इस्तेमाल भारतीयों के काम करने और रोजमर्रा के कई तरीकों का हिस्सा बनता जा रहा है।
AI का इस्तेमाल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। छोटे शहरों में रहने वाले लोग भी पढ़ाई, कंटेंट, ऑफिस के काम, जानकारी जुटाने और दूसरे रोजमर्रा के कामों में AI की मदद ले रहे हैं।
87% लोग AI सीखने के लिए तैयार
AI का इस्तेमाल बढ़ने के साथ इसे सीखने की इच्छा भी मजबूत हुई है। रिपोर्ट में 87% लोगों ने बताया कि वे AI से जुड़ा कोई कोर्स कर रहे हैं या इसे सीखने की तैयारी में हैं।
इस ट्रेंड में अनुभवी प्रोफेशनल भी पीछे नहीं हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 8 साल से ज्यादा अनुभव रखने वाले 62% लोग रोज AI का इस्तेमाल करते हैं, जबकि कम अनुभव वाले लोगों में यह आंकड़ा 44% है।
अनुभवी कर्मचारियों में AI सीखने के लिए समय देने की प्रवृत्ति भी दिखाई देती है। 8 साल से ज्यादा अनुभव वाले करीब 31% लोग हर सप्ताह कम से कम तीन घंटे AI सीखने में लगा रहे हैं। यह संकेत देता है कि AI को लेकर रुचि केवल छात्रों या नए जॉब सीकर्स तक सीमित नहीं है, बल्कि लंबे समय से काम कर रहे प्रोफेशनल भी अपने कौशल को अपडेट करना चाहते हैं।
AI से नौकरी और काम में मिल रहा फायदा
AI सीखने और इस्तेमाल करने का असर लोगों के काम पर भी दिखाई दे रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, 54% लोगों ने कहा कि AI की वजह से उन्हें अपने काम में किसी न किसी तरह का फायदा मिला है।
इसमें काम को लेकर आत्मविश्वास बढ़ना, नई नौकरी या जिम्मेदारी मिलना, प्रमोशन और फ्रीलांस काम जैसे फायदे शामिल हैं। वहीं, 49% लोगों ने कहा कि AI की मदद से वे ऐसे काम कर पा रहे हैं, जिन्हें पहले करना उनके लिए मुश्किल था।
हालांकि, AI के इस्तेमाल का अगला स्तर अभी शुरुआती दौर में है। रिपोर्ट के अनुसार, सिर्फ 26% लोगों ने AI को दूसरे डिजिटल टूल्स के साथ जोड़कर इस्तेमाल किया है, जबकि केवल 20% लोगों ने AI की मदद से ऐसा कोई टूल या सिस्टम बनाया है जो अपने आप काम कर सके।
इसका मतलब है कि ज्यादातर लोग अभी AI को व्यक्तिगत काम आसान बनाने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि AI को अपने काम की पूरी प्रक्रिया का हिस्सा बनाने की दिशा में आगे बढ़ने की काफी गुंजाइश है।
AI सीखने में कोर्स की भरमार भी बनी परेशानी
AI सीखने की इच्छा होने के बावजूद लोगों के सामने एक बड़ी समस्या विकल्पों की अधिकता है। इंटरनेट पर AI से जुड़े शुरुआती कोर्स से लेकर मशीन लर्निंग, जनरेटिव AI, डेटा साइंस और अन्य विशेषज्ञ स्तर के कई कार्यक्रम उपलब्ध हैं।
रिपोर्ट में 43% लोगों ने AI से जुड़े लगातार बदलावों के साथ बने रहने को भी चुनौती बताया। AI के टूल और उनके इस्तेमाल के तरीके तेजी से बदल रहे हैं। ऐसे में किसी एक कोर्स को पूरा कर लेना ही सीखने का अंत नहीं है।
यही वजह है कि AI सीखने की शुरुआत करने वाले लोगों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि वे पहले अपने काम या करियर की जरूरत तय करें। उदाहरण के लिए, कंटेंट से जुड़े व्यक्ति के लिए AI का इस्तेमाल और डेटा साइंस के छात्र के लिए AI सीखने का रास्ता अलग हो सकता है। इसी तरह, किसी मैनेजर के लिए AI की जानकारी का मकसद अलग हो सकता है।
AI का इस्तेमाल और AI स्किल में अंतर समझना जरूरी
रिपोर्ट से सामने आने वाली तस्वीर यह बताती है कि भारत में AI को लेकर रुचि तेजी से बढ़ी है, लेकिन इस्तेमाल करने और गहराई से सीखने के बीच अभी अंतर है।
AI टूल का इस्तेमाल शुरू करना अपेक्षाकृत आसान हो सकता है, लेकिन इसका सही और जिम्मेदारी से इस्तेमाल सीखने के लिए अपने काम से जुड़े सही टूल, बुनियादी जानकारी और लगातार अभ्यास की जरूरत होती है। इसलिए केवल कई कोर्स में दाखिला लेने के बजाय अपनी जरूरत के हिसाब से एक स्पष्ट सीखने का रास्ता चुनना ज्यादा उपयोगी हो सकता है।
upGrad की वेबसाइट पर भी AI, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस और जनरेटिव AI से जुड़े कई कार्यक्रम उपलब्ध हैं, जो शुरुआती से लेकर उन्नत स्तर तक अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखते हैं।
भारत में AI का इस्तेमाल जिस तेजी से बढ़ रहा है, उससे आने वाले समय में AI की जानकारी कई तरह की नौकरियों में उपयोगी कौशल बन सकती है। ऐसे में केवल यह सवाल महत्वपूर्ण नहीं है कि AI का इस्तेमाल कौन कर रहा है, बल्कि यह भी अहम होगा कि कौन अपने काम के हिसाब से AI का बेहतर इस्तेमाल करना सीख रहा है।




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