
अमेरिका के 17 वर्षीय छात्र कॉनर हिल ने गणित की एक लंबे समय से चली आ रही मुश्किल समस्या को कंप्यूटर प्रोग्राम की मदद से हल कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। पेंसिल्वेनिया के कॉनर ने ऐसी ज्यामितीय आकृतियों की पूरी सूची तैयार करने का तरीका खोजा है, जिन्हें गणित में ‘नोबल पॉलीहेड्रा’ (Noble Polyhedra) कहा जाता है। इस काम के लिए उन्हें 2026 की Regeneron Science Talent Search में पहला स्थान और 2.5 लाख अमेरिकी डॉलर का पुरस्कार मिला है।
20 अगस्त 2026 के करीब 95.58 रुपये प्रति डॉलर के विनिमय दर पर 2.5 लाख डॉलर की कीमत लगभग 2.39 करोड़ रुपये बैठती है।
क्या है नोबल पॉलीहेड्रा की पहेली?
पॉलीहेड्रा ऐसी तीन आयामी ज्यामितीय आकृतियां होती हैं जिनकी सतह सपाट होती है और किनारे सीधे होते हैं। घन यानी पासा और पिरामिड इसके आसान उदाहरण हैं। नोबल पॉलीहेड्रा इससे भी खास आकृतियां हैं, जिनमें सभी सतहें एक जैसी होती हैं और हर कोने पर बनने वाले कोणों की संरचना भी समान होती है।
गणितज्ञ लंबे समय से यह समझने की कोशिश कर रहे थे कि ऐसी सभी संभावित आकृतियों की पूरी सूची क्या हो सकती है। 2020 तक दो अनंत परिवारों के साथ 61 अलग-अलग उदाहरणों की जानकारी थी, लेकिन विशेषज्ञों को आशंका थी कि इसके अलावा भी कई आकृतियां मौजूद हो सकती हैं।
कंप्यूटर प्रोग्राम से कॉनर ने कैसे खोजा जवाब?
कॉनर हिल ने इस समस्या को हल करने के लिए खुद एक कंप्यूटर प्रोग्राम तैयार किया। प्रोग्राम ने नोबल पॉलीहेड्रा बनाने की सभी संभावित संरचनाओं की जांच करने में मदद की। इसके बाद कॉनर ने गणितीय प्रमाण के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला कि दो ज्ञात अनंत परिवारों के अलावा 146 अलग-अलग यानी isolated noble polyhedra मौजूद हैं।
उनके प्रोजेक्ट का नाम “The Complete Set of Noble Polyhedra” था। खास बात यह है कि कॉनर ने केवल कंप्यूटर से संभावित आकृतियों की खोज नहीं की, बल्कि अपने निष्कर्षों को गणितीय प्रमाण के जरिए भी स्थापित किया। यही उनके शोध की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक है।
कौन हैं कॉनर हिल?
कॉनर हिल पेंसिल्वेनिया के पोर्ट माटिल्डा से हैं और Delta High School, State College में पढ़ते हैं। वह 2026 Regeneron Science Talent Search के 40 फाइनलिस्ट में शामिल थे। प्रतियोगिता में देशभर से आए छात्रों के स्वतंत्र शोध प्रोजेक्ट का मूल्यांकन किया गया था।
कॉनर ने 17 साल की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की। प्रतियोगिता में उन्हें पहला स्थान मिलने के साथ 2.5 लाख डॉलर का पुरस्कार दिया गया, जो इस प्रतियोगिता का सबसे बड़ा व्यक्तिगत पुरस्कार है।
2,600 से ज्यादा छात्रों के बीच हासिल किया पहला स्थान
2026 की Regeneron Science Talent Search में 2,612 छात्रों ने प्रवेश लिया था, जो 1967 के बाद सबसे बड़ा आवेदक समूह बताया गया है। इनमें से 300 छात्रों को स्कॉलर चुना गया और 40 छात्रों ने फाइनलिस्ट के तौर पर प्रतियोगिता में जगह बनाई।
प्रतियोगिता के शीर्ष तीन विजेताओं में कॉनर के बाद एडवर्ड कांग दूसरे और आइरिस शेन तीसरे स्थान पर रहे। कॉनर को 2.5 लाख डॉलर, कांग को 1.75 लाख डॉलर और शेन को 1.5 लाख डॉलर का पुरस्कार मिला।
गणित और कंप्यूटर के मेल की मिसाल
कॉनर हिल की सफलता इस बात की मिसाल है कि जटिल गणितीय सवालों को हल करने में कंप्यूटर किस तरह एक मजबूत साधन बन सकता है। यहां कंप्यूटर ने गणितीय प्रमाण की जगह नहीं ली, बल्कि संभावनाओं की बड़ी संख्या को जांचने और व्यवस्थित करने में मदद की। अंतिम निष्कर्ष को गणितीय तरीके से साबित करना कॉनर के शोध का अहम हिस्सा रहा।
इस उपलब्धि का महत्व केवल पुरस्कार तक सीमित नहीं है। नोबल पॉलीहेड्रा जैसे विषय शुद्ध गणित से जुड़े हैं और इनमें आकृतियों की समरूपता, संरचना और वर्गीकरण को समझने की कोशिश की जाती है। कॉनर की खोज ने इस क्षेत्र में लंबे समय से चले आ रहे एक खुले सवाल को एक ठोस जवाब दिया है।
भविष्य में कॉनर अपने प्रोग्राम का इस्तेमाल दूसरी जटिल ज्यामितीय आकृतियों को खोजने में करना चाहते हैं। उनकी यह उपलब्धि यह भी दिखाती है कि हाई स्कूल स्तर पर किया गया स्वतंत्र शोध भी गणित के कठिन सवालों को समझने और हल करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।




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